NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
तमिलनाडु का चुनाव और कैश की राजनीति: पक्षपातपूर्ण छापे और संपत्ति में ज़बर्दस्त अंतर
भारतीय निर्वाचन आयोग के अनुसार, चार राज्यों में होने वाले चुनावों से पहले अभी तक तमिलनाडु में सबसे अधिक रकम जब्त की गई
श्रुति एमडी
22 Mar 2021
तमिलनाडु का चुनाव और कैश की राजनीति: पक्षपातपूर्ण छापे और संपत्ति में ज़बर्दस्त अंतर
प्रतीकात्मक छवि। साभार: डेक्कन क्रोनिकल

6,665 नामों के साथ तमिलनाडु विधान सभा की 234 सीटों के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 19 मार्च को खत्म हो गई। ऐसा समझा जा रहा है कि 22 मार्च के पहले डमी उम्मीदवारों के नाम वापसी के साथ उम्मीदवारों की अंतिम संख्या में काफी कमी आ जाएगी। वर्तमान में फार्म की स्क्रूटिनी का काम जारी है। 

विधायक उम्मीदवारों तथा राजनीतिक पार्टी के सदस्यों ने राज्य भर में पूरे जोर-शोर से चुनावी रैलियां तथा आम सभाएं करनी शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री एडाप्पडी के. पलानीस्वामी तथा द्रविड़ मुनेत्रा कझगम (डीएमके) प्रमुख एम. के. अपने रोडशो में सार्वजनिक रूप से एक दूसरे को टार्गेट करते रहे हैं।

कोविड-19 दिशानिर्देशों की लगातार खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं जबकि पिछले तीन सप्ताह में कोविड के मामले दोगुने से भी अधिक बढ़ गए हैं। राज्य सरकार ने अगले आदेशों तक 22 मार्च से 9वीं, 10वीं एवं 11वीं क्लास के स्कूलों को बंद करने का आदेश दे दिया है। 

मतदाताओं को रिश्वत देने खासकर, सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक (एआईएडीएमके) द्वारा, के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। भारी मात्रा में बेहिसाबी नकदी और अन्य वस्तुओं की जब्ती की घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। 

‘ईसीआई द्वारा भेदभावपूर्ण छापे‘

भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के आंकड़ों के अनुसार तमिलनाडु में हुई कुल बरामदगी चुनाव होने वाले पांच राज्यों में सबसे अधिक है। चुनावों की घोषणा होने तथा 16 मार्च के बीच कानून प्रवर्तन एजेन्सियों, विशेष निगरानी टीमों तथा उड़न दस्तों द्वारा 89.48 करोड़ रुपये की नगदी, 28.93 करोड़ की शराब, 75.67 करोड़ रुपये के ड्रग, 48.52 करोड़ के मुफ्त उपहार तथा 88.87 करोड़ रुपये के बेशकीमती धातु बरामद किए गए हैं।

आय कर विभाग ने दावा किया कि तमिलनाडु स्थित कुछ विशेष निकायों पर छापे डालने के बाद उसने लगभग 400 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता लगाया है। विभाग ने तिरुपुर में मक्कई नीधि मैयम (एमएनएम) कोषाध्यक्ष (ट्रेजरर) ए. चंद्रशेखरन की संपत्ति पर छापे मारे। डीएमके के धारापुरम टाऊन सेक्रेटरी के. एस. धनशेखर तथा एमडीएमके के जिला संयुक्त सचिव केविन नागराज के दफ्तरों पर छापे मारे। भ्रष्टाचार विरोधी संगठन अराप्पूर अयाक्कम के जयराम वेंकटेशन ने कहा, ‘ ईसीआई पक्षपातपूर्ण तरीके से छापे मार रहा है। पिछले कुछ वर्षों के दौरान जिसे सबसे अधिक टेंडर मिले हैं, उन पर छापे मारे जाने चाहिए। छापों का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में किया जा रहा है। केवल विपक्ष पर छापे मारे जा रहे हैं, सत्तारूढ़ दल पर नहीं।’ 

उन्होंने पूछा ‘ प्रत्येक मिनट हम टीवी पर राजनीतिक दलों के विज्ञापन देख रहे हैं। विज्ञापनों पर हजारों करोड़ रुपये बहाये जा रहे हैं। लेकिन वे अपने हलफनामे में बहुत कम संपत्ति की घोषणा कर रहे हैं। यह कैसे मुमकिन है?‘ 

‘अन्नाद्रमुक रंगे हाथ पकड़ी गयी‘

सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक एक बार फिर विधानसभा चुनावों से पहले कैश बांटने के आरोपों का सामना कर रही है। कथित रूप से चेन्नई के चेपौक-ट्रिपलीकेन चुनाव क्षेत्र में रिकार्ड किया गया एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। अन्नाद्रमुक के अल्पसंख्यक विंग का सचिव बताया जा रहा एक व्यक्ति कथित रूप से महिलाओं को 500 रुपये का नोट देता हुआ दिख रहा है। अन्नाद्रमुक ने इन आरोपों का खंडन किया तथा डीएमके पर गलत आरोप लगाने का इल्जाम लगाया है। यह कहते हुए कि रिश्वत दिए जाने के कुछ मामलों को पकड़ा जा रहा है और कुछ मामलों को नहीं पकड़ा जा रहा है, जयराम वेंकटेशन ने बताया, ‘ सत्तारूढ़ पार्टी 2000 रुपये दे रही है, डीएमके 1000 या 1500 रुपये दे रही है, बस इतना ही अंतर है।’

डिंडीगुल जिला पुलिस ने पूर्व मंत्री तथा नाथम विधानसभा क्षेत्र के अन्नाद्रमुक के उम्मीदवार आर. विश्वनाथन पर सोमवार को मुलैयार गांव में उनके चुनाव प्रचार के दौरान एक वीडियो में उनके द्वारा मतदाताओं को कैश बांटते हुए दिखाए जाने पर जो कि सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, मतदाताओं को रिश्वत देने का आरोप लगाते हुए उन पर एक मुकदमा दर्ज किया है। 

डीएमके संगठन सचिव आर.एस. भारती ने सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा मतदाताओं के खाते में आनलाइन पैसे ट्रांसफर करने से रोकने के लिए कदम उठाने के लिए राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष याचिका दायर की। भारती ने कहा कि थोंडामुथुर के अन्नाद्रमुकके उम्मीदवार एस.पी. वेलुमणि तथा उनके समर्थक मतदाताओं के मोबाइल नंबर ले रहे हैं, जिससे कि ऑनलाइन प्लेटफार्म के जरिये उन्हें पैसे ट्रांसफर कर सकें। 

संपत्ति में भारी अंतर 

उम्मीदवारों द्वारा दायर हलफनामों के अनुसार, तमिलनाडु के प्रमुख राजनेता असम, पश्चिम बंगाल, केरल तथा केंद्र शासित प्रदेश पुद्दुचेरी के उम्मीदवारों की तुलना में काफी अमीर हैं। अभिनेता से राजनेता बने कमल हसन 176.93 करोड़ की संपत्ति के साथ सबसे धनी उम्मीदवार हैं। विरालीमलाई विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत उनके हलफनामे के अनुसार तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री सी. विजयभास्कर की संपत्ति 2016 के 8.98 करोड़ रुपये की तुलना में साढ़े छह गुना से अधिक बढ़कर 60.29 करोड़ रुपये हो गई है। तमिलनाडु में चुनाव लड़ रहे समृद्ध उम्मीदवारों की भीड़ में तिरुवर जिला के तिरुथुरैपूंडी (आरक्षित) विधानसभा क्षेत्र के कम्युनिस्ट पार्टी आफ इंडिया (सीपीआई) के उम्मीदवार अलग दिखते हैं। उन्होंने अपने हलफनामे में घोषणा की है कि उनकी पत्नी के पास उनका पैतृक मकान है जिसमें परिवार रहता है और उनके पास 75 सेंट कृषि भूमि है जिसका मूल्य 1.75 लाख आंका गया है। 

कोविड-19 प्रोटोकॉल का उल्लंघन

राज्य के चुनावों से पहले तमिलनाडु में सरकार के कोविड-19 दिशानिर्देशों की बड़े पैमाने पर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं जबकि अधिकारियों ने राजनीतिक दलों को मास्क पहनना सुनिश्चित करने का निर्देश दे रखा है।

तमिलनाडु में 19 मार्च को कोविड-19 के 1,087 मामले दर्ज किए गए जिससे वहां एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 6,690 हो गई है।

कुन्नूर में सतर्कता निगरानी टीम ने अन्नाद्रमुक पर 5,000 रुपये का आर्थिक दंड लगाया क्योंकि जब उनका उम्मीदवार कप्पाची डी. विनोथ ने अपना नामांकन दाखिल किया तो ज्यादातर कार्यकर्ताओं ने मास्क नहीं पहन रखा था और वे सामाजिक दूरी का भी पालन नहीं कर रहे थे। 

कोविड के दैनिक मामलों के बढ़ने के साथ ही, दूसरा लॉकडाउन लगाये जाने की अफवाहें भी फैल रही हैं। ग्रेटर चेन्न्ई कॉरपोरेशन कमिश्नर जी. प्रकाश ने कहा, ‘ यह अफवाह है। हम वैज्ञानिक तरीके से दूसरी लहर का सामना करेंगे। अफवाह फैलाने वालों को साइबरक्राइम पुलिस द्वारा आरोपित किया जाएगा।’

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल आलेख को पढ़ने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें।

TN Elections and Cash Politics: Biased Raids and Blatant Disparity in Assets

tamil nadu
Tamil Nadu Elections
TN Assembly Elections
DMK
AIADMK
PMK
CPI
BJP
Kamal Haasan
eps
OPS

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • fark saaf hai
    सत्यम श्रीवास्तव
    फ़र्क़ साफ़ है- अब पुलिस सत्तासीन दल के भ्रामक विज्ञापन में इस्तेमाल हो रही है
    04 Jan 2022
    पिछले कुछ सालों से देश के शीर्ष नेतृत्व द्वारा अपने ही देश के नागरिकों को ‘कपड़ों से पहचानने’ की जो युक्ति ईज़ाद की है उससे यह स्पष्ट हो जाता है कि पूरी मंशा से भाजपा ने इस विज्ञापन में दंगाई व्यक्ति…
  • Constitution of India and Privatization
    प्रभात पटनायक
    भारतीय संविधान की मूल भावना को खंडित करता निजीकरण का एजेंडा
    04 Jan 2022
    भारत में सार्वजनिक क्षेत्र का निर्माण कई कारणों से किया गया था। मसलन, देश के कच्चे माल संसाधनों का नियंत्रण विदेशी पूंजी से छुड़ाकर, देश के हाथों में लाने के लिए, जैसे तेल क्षेत्र में। 
  • mental health
    शिरीष खरे
    महामारी में किशोरों का बिगड़ा मानसिक स्वास्थ्य; कैसे निपटेगी दुनिया!
    04 Jan 2022
    पिछले सप्ताह यूनिसेफ ने अपनी एक महत्त्वपूर्ण रिपोर्ट सार्वजनिक की। रिपोर्ट में यह चेतावनी दी गई है कि कोविड-19 के कारण बड़ी संख्या में बच्चों और किशोरों की एक बड़ी आबादी का मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ गया…
  • Vasudhaiva Kutumbakam
    राम पुनियानी
    वसुधैव कुटुम्बकम: भारत को फिर से एक कैसे करें? 
    04 Jan 2022
    2022 में, याद रखें कि भारतीय राष्ट्रवाद ने हमें सांस्कृतिक समृद्धि और समन्वित धारणाओं की ताकत दी है।
  • namaj
    सतीश भारतीय
    खुले में नमाज़ के विरोध को लेकर गुरुग्राम निवासियों की प्रतिक्रिया
    04 Jan 2022
    खुले में नमाज के विरोध को लेकर गुरुग्राम निवासियों की प्रतिक्रिया में मुस्लिमों के प्रति गढ़ी गई कई तरह की धारणाएं साफ तौर पर सामने आती हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License