NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ट्रिप्स छूट प्रस्ताव: पेटेंट एकाधिकार पर चर्चा से कन्नी काटते बिग फार्मा
ऐसा प्रतीत होता है कि इस महीने के अंत में होने जा रहे 12वें विश्व व्यापार संगठन के मंत्रिस्तरीय सम्मेलन से पहले ही भारत-दक्षिण अफ्रीका के कोविड टीकों और प्रौद्योगिकी के संबंध में आइपी छूट के साझा प्रस्ताव को खारिज करने के लिए एक मंच तैयार किया जा रहा है।
ऋचा चिंतन
05 Nov 2021
trip waiver
चित्र प्रतीकात्मक उपयोग के लिए 

विभिन्न वैश्विक मंचों पर बिग फार्मा  कंपनियां और अमीर देश पेटेंट के अधिक विवादास्पद मुद्दे और इसके टीके के उत्पादन की जानकारी विकासशील देशों को साझा करने में अनिच्छुक कॉरपोरेट्स के पचड़े में पड़ने से बचने के लिए टीकों की आपूर्ति-पक्ष की बाधाओं और खुराक के असमान वितरण पर ही अपने ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। 

टीकाकरण में समानता वांछित है, लेकिन यह केवल उसी बिंदु तक मान्य है, जब तक यह निर्माण में बिग फार्मा के पेटेंट एकाधिकार को बरकरार रखता है। ऐसा ही हाल ही में आयोजित प्रमुख वैश्विक बैठकों, जैसे कि G20 शिखर सम्मेलन में हुई चर्चा से प्रतीत हो रही है। हाल ही में विश्व व्यापार संगठन के एक दस्तावेज पेपर ने यह भी तर्क दिया कि वैक्सीन इनपुट पर टैरिफ में कमी या महत्त्वपूर्ण कमी, टीके की लागत को कम करने और उसकी तीव्र वैश्विक जरूरतों को पूरा करने वाले वैक्सीन निर्माताओं से उत्पादन का विस्तार करने के लिए महत्त्वपूर्ण है। 

यह सब नवंबर के अंत में जिनेवा में होने वाले 12वें विश्व व्यापार संगठन मंत्रिस्तरीय सम्मेलन से पहले हुआ है। इसलिए यह भारत और दक्षिण अफ्रीका द्वारा अक्टूबर 2020 में लाए गए ट्रिप्स छूट प्रस्ताव को विफल करने का एक बहु-आयामी प्रयास जैसा प्रतीत होता है। 

छूट प्रस्ताव और विश्व व्यापार संगठन वार्ता

भारत-दक्षिण अफ्रीका का साझा प्रस्ताव कॉपीराइट और इससे संबंधित अधिकारों, औद्योगिक डिजाइन, पेटेंट, और कोविड-19 की रोकथाम, निरोधक या उपचार के संबंध में अज्ञात जानकारी के संरक्षण पर कुछ TRIPS (व्यापार संबंधित बौद्धिक संपदा अधिकार) दायित्वों की अस्थायी तौर पर छूट की मांग करता है।

इस तरह की छूट से विकासशील देशों को अनुसंधान और विकास और उत्पादन में सहयोग करने, दवाओं, टीकों, डायग्नोस्टिक्स और अन्य तकनीकों जैसे मास्क और वेंटिलेटर सहित कोविड उपकरणों को बढ़ाने और आपूर्ति करने के लिए नीतिगत स्थान मिलेगा।

इस प्रस्ताव को अब संयुक्त राज्य अमेरिका सहित 100 से अधिक अन्य देशों ने समर्थन दिया है। अमेरिका ने हाल ही में 5 मई, 2021 को इस मुहिम को अपना समर्थन देने की घोषणा की है। हालाँकि, अमेरिका केवल कोविड-19 के टीकों का उल्लेख करता है, और इसमें उपचार, रोकथाम और निरोधक के लिए अन्य तकनीकों को शामिल नहीं करता है। 

विश्व व्यापार संगठन में जारी चर्चा के दौरान, स्पष्टीकरण तथा बदलाव की मांग करते हुए भारत और दक्षिण अफ्रीका ने 25 मई, 2021 को एक संशोधित प्रस्ताव प्रस्तुत किया था। इस संशोधित मसौदे ने बड़े पैमाने पर आइपी (बौद्धिक संपदा) अधिकार धारकों और सार्वजनिक स्वास्थ्य के वाणिज्यिक हितों को संतुलित करने की कोशिश की और स्पष्ट किया कि छूट को समयबद्ध ही होना था, विश्व व्यापार संगठन की सामान्य परिषद को यह अधिकृत किया था कि वह असाधारण परिस्थितियों के खत्म होने के बाद इसकी समाप्ति की तारीख तय करे(मेडिसिन्स सैन्स फ्रंटियर्स)। 

लेकिन, कुछ विकसित देशों ने प्रस्ताव का विरोध करना जारी रखा। 4 जून को, यूरोपीय संघ ने ट्रिप्स परिषद को एक वैकल्पिक प्रस्ताव प्रस्तुत किया। यह ट्रिप्स समझौते और सार्वजनिक स्वास्थ्य (2001) पर दोहा घोषणा के तहत लचीलेपन के साथ ट्रिप्स का इस्तेमाल किए जाने की तरफ इशारा करता है। वैकल्पिक प्रस्ताव में निर्माताओं के समर्थन और आइपीआर धारक को पर्याप्त पारिश्रमिक के साथ अनिवार्य लाइसेंस के उपयोग पर जोर दिया गया है।

हाल ही में, हफ़पोस्ट को लीक हुआ एक दस्तावेज़ मिल गया, जो स्पष्ट रूप से ईयू द्वारा बातचीत की मेज पर विचार के लिए रखा गया एक नया पाठ है। इसके मुताबिक यूरोपीय संघ कुछ विकासशील देशों के वार्ताकारों को इस नए पाठ पर चर्चा करने के लिए ब्रसेल्स में आमंत्रित करने जा रहा है, जो ट्रिप्स समझौते के मौजूदा अपवादों की तस्दीक करता है, लेकिन पेटेंट, कॉपीराइट, व्यापार की गोपनीयता और बौद्धिक संपदा के अन्य रूपों पर मौजूदा एकाधिकार नियंत्रण को खत्म नहीं करता है कि कहां और कितनी वैक्सीन बनाई गई है। 

एमएसएफ द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है, "नया लीक हुआ यूरोपीय संघ का दस्तावेज़ फिर से केवल पेटेंट पर अनिवार्य लाइसेंसिंग पर केंद्रित है, और नियामक डेटा और व्यापार रहस्यों से संबंधित कानूनी बाधाओं को दूर नहीं करता है, जो वैकल्पिक निर्माताओं द्वारा तेजी से उत्पादन शुरू करने के लिए महत्त्वपूर्ण हैं"। 

"यह लीक दस्तावेज़ यूरोपीय संघ की रचनात्मक और ट्रिप्स से छूट के प्रस्ताव पर पाठ-आधारित वार्ता में भाग लेने की एक झूठी छवि बना सकता है, जबकि वास्तव में यह मूल ट्रिप्स को लेकर रखे गए छूट प्रस्ताव से प्रस्तावक-इच्छुक देशों का ध्यान हटाता है। यूरोपीय संघ फिर से एक भ्रामक विचार को सामने रख रहा है कि किसी भी तरह बौद्धिक संपदा की बाधाओं को हटाने के लिए कोई विकल्प नहीं देता है, जो कि जीवन रक्षक कोविड-19 से संबंधित चिकित्सा उपकरणों के व्यापक वैश्विक उत्पादन के लिए दरवाजा खोलने के लिहाज से आवश्यक है”, यह बात दिमित्री आइनिकेल कहते हैं, जो एमएसएफ की पहुंच अभियान के लिए यूरोपीय संघ के नीति सलाहकार हैं।

बिग फार्मा प्रबल 

हाल ही में संपन्न G-20 शिखर सम्मेलन में, संयुक्त G-20 के वित्त और स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक के विज्ञप्ति में "विकासशील देशों में टीकों और आवश्यक चिकित्सा उत्पादों और इनपुट की आपूर्ति को बढ़ावा देने और प्रासंगिक आपूर्ति और वित्तपोषण बाधाओं को दूर करने में मदद करने के लिए कदम उठाने का उल्लेख किया गया है।"हालांकि, ट्रिप्स छूट प्रस्ताव का कोई उल्लेख नहीं है। 

ये पद बिग फार्मा की स्थिति के अनुरूप हैं। हाल ही में एक बयान में, इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरर्स एंड एसोसिएशन (आइएफपीएमए) के महानिदेशक थॉमस क्यूनी ने कहा: "अब सभी प्रयासों को खुराक वितरित करने और साझा करने पर केंद्रित होना चाहिए। यह हमारी आशा होगी कि बौद्धिक संपदा को कम करने पर सामूहिक ऊर्जा को केंद्रित कर उसके जरिए टीके की समानता का हल निकाला जा सके।”.

इस बीच, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस घेब्रेयसस ने एक बार फिर अमीर देशों और कॉरपोरेट्स से अपील करते हुए कहा है कि "जी20 देशों को अपनी खुराक-साझाकरण प्रतिबद्धताओं को तुरंत पूरा करना चाहिए; निर्माताओं को प्राथमिकता के आधार पर COVAX और AVAT के साथ अपने अनुबंधों को प्राथमिकता देनी चाहिए और उन्हें पूरा करना चाहिए, और कहां क्या हो रहा है इसके बारे में कहीं अधिक पारदर्शी होना चाहिए।" उन्होंने अपील की कि महामारी को समाप्त करने और वैश्विक स्तर पर स्थिति में सुधार में तेजी लाने के लिए, "उन्हें अवश्य ही बौद्धिक संपदा अधिकारों की छूट देने सहित इसके बारे में ज्ञान, प्रौद्योगिकी और लाइसेंस साझा करना चाहिए।" 

मूल रूप से, धीरे-धीरे विश्व व्यापार संगठन के अगले 12वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (मिनिस्ट्रीयल कॉन्फ्रेंस 12) के लिए मंच तैयार किया जा रहा है। यह सम्मेलन इस बारे में सर्वोच्च निर्णय लेने वाला निकाय है, जिसकी हर दो साल पर बैठक होती है। ऐसी आशंकाएं हैं कि विकसित देश ट्रिप्स छूट प्रस्ताव को बिग फार्मा के हितों की लाइन की ओर ले जा सकते हैं और इसका उपयोग डब्ल्यूटीओ वार्ता के तहत अन्य मुद्दों, जैसे कि व्यापार सुधार या मत्स्य पालन सब्सिडी पर सौदेबाजी करने के लिए भी कर सकते हैं। वैश्विक व्यापार के मुद्दों पर टिप्पणीकारों का तर्क है कि "सह-प्रायोजकों की ओर से एमसी 12 के लिए उछाले जा रहे अन्य मुद्दों से ट्रिप्स छूट को डी-लिंक करना अनिवार्य होगा।”

अंग्रेजी में मूल रूप से प्रकाशित लेख को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें

TRIPS Waiver Proposal: Big Pharma Steering Discourse Away From Patent Monopoly

TRIPS Waiver
WTO Ministerial
India
South Africa
Vaccine Equity
Covid Vaccine
WHO
Big Pharma
MSF

Related Stories

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

कोविड-19 महामारी स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में दुनिया का नज़रिया नहीं बदल पाई

WHO की कोविड-19 मृत्यु दर पर भारत की आपत्तियां, कितनी तार्किक हैं? 

कोविड-19 टीकाकरण : एक साल बाद भी भ्रांतियां और भय क्यों?

कोरोना वायरस : टीके की झिझक से पार पाते भारत के स्वदेशी समुदाय

जानिए ओमिक्रॉन BA.2 सब-वैरिएंट के बारे में

फाइज़र का 2021 का राजस्व भारत के स्वास्थ्य बजट से सात गुना ज़्यादा है

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा

हासिल किया जा सकने वाला स्वास्थ्य का सबसे ऊंचा मानक प्रत्येक मनुष्य का मौलिक अधिकार है

कोविड-19: देश में 15 से 18 वर्ष के आयुवर्ग के बच्चों का टीकाकरण शुरू


बाकी खबरें

  • लाल बहादुर सिंह
    सावधान: यूं ही नहीं जारी की है अनिल घनवट ने 'कृषि सुधार' के लिए 'सुप्रीम कमेटी' की रिपोर्ट 
    26 Mar 2022
    कारपोरेटपरस्त कृषि-सुधार की जारी सरकारी मुहिम का आईना है उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित कमेटी की रिपोर्ट। इसे सर्वोच्च न्यायालय ने तो सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन इसके सदस्य घनवट ने स्वयं ही रिपोर्ट को…
  • भरत डोगरा
    जब तक भारत समावेशी रास्ता नहीं अपनाएगा तब तक आर्थिक रिकवरी एक मिथक बनी रहेगी
    26 Mar 2022
    यदि सरकार गरीब समर्थक आर्थिक एजेंड़े को लागू करने में विफल रहती है, तो विपक्ष को गरीब समर्थक एजेंडे के प्रस्ताव को तैयार करने में एकजुट हो जाना चाहिए। क्योंकि असमानता भारत की अर्थव्यवस्था की तरक्की…
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,660 नए मामले, संशोधित आंकड़ों के अनुसार 4,100 मरीज़ों की मौत
    26 Mar 2022
    बीते दिन कोरोना से 4,100 मरीज़ों की मौत के मामले सामने आए हैं | जिनमें से महाराष्ट्र में 4,005 मरीज़ों की मौत के संशोधित आंकड़ों को जोड़ा गया है, और केरल में 79 मरीज़ों की मौत के संशोधित आंकड़ों को जोड़ा…
  • अफ़ज़ल इमाम
    सामाजिक न्याय का नारा तैयार करेगा नया विकल्प !
    26 Mar 2022
    सामाजिक न्याय के मुद्दे को नए सिरे से और पूरी शिद्दत के साथ राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में लाने के लिए विपक्षी पार्टियों के भीतर चिंतन भी शुरू हो गया है।
  • सबरंग इंडिया
    कश्मीर फाइल्स हेट प्रोजेक्ट: लोगों को कट्टरपंथी बनाने वाला शो?
    26 Mar 2022
    फिल्म द कश्मीर फाइल्स की स्क्रीनिंग से पहले और बाद में मुस्लिम विरोधी नफरत पूरे देश में स्पष्ट रूप से प्रकट हुई है और उनके बहिष्कार, हेट स्पीच, नारे के रूप में सबसे अधिक दिखाई देती है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License