NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
जीएचएमसी चुनाव में टीआरएस को नुकसान, भाजपा को फ़ायदा, ओवैसी की भूमिका बढ़ी
150 वार्ड वाले ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) के चुनाव में टीआरएस को 55 वार्डों में जीत मिली। भाजपा को 48 वार्ड और असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम को 44 वार्डों में जीत हासिल हुई।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
05 Dec 2020
जीएचएमसी चुनाव
Image courtesy: The Indian Express

हैदराबाद: तेलंगाना में सत्तारूढ़ टीआरएस शुक्रवार को 150 वार्ड वाले ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) के चुनाव में 55 वार्डों में जीत दर्ज कर अकेली सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी। हालांकि उसे इन चुनावों में बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है। 2016 के चुनाव में टीआरएस ने पूर्ण बहुमत हासिल किया था, लेकिन इस बार भाजपा ने उसे काफी नुकसान पहुंचाया है और इसी के साथ ओवैसी की एआईएमआईएम किंग मेकर की भूमिका में आ गई है।

चुनाव 150 वार्डों के लिए हुआ था, लेकिन परिणाम केवल 149 वार्डों के घोषित किए गए क्योंकि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार एक वार्ड में मतगणना रोक दी गई थी।

भाजपा को 48 वार्ड और असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम को 44 वार्डों में जीत हासिल हुई।

कांग्रेस सिर्फ दो वार्डों में जीत दर्ज कर सकी।

इन चुनावों में प्रभावशाली प्रदर्शन से भाजपा का मनोबल और बढ़ गया है। इससे पहले, पिछले महीने दुब्बक विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भी पार्टी को जीत हासिल हुई थी।

मंगलवार, एक दिसंबर को हुए जीएचएमसी चुनाव में मतपत्रों का इस्तेमाल किया गया था।

मतगणना शुक्रवार सुबह आठ बजे शुरू हुई और पहले डाक मतपत्रों की गिनती की गई। भाजपा डाक मतपत्रों की गिनती में अपने प्रतिद्वंद्वियों से आगे चल रही थी।

हालांकि चुनाव के दौरान केवल 46.55 प्रतिशत मतदान हुआ था। कुल 74.67 लाख में से केवल 34.50 लाख मतदाताओं ने मताधिकार का इस्तेमाल किया था।

टीआरएस ने सभी 150 सीटों पर जबकि भाजपा ने 149 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। वहीं कांग्रेस ने 146, एआईएमआईएम ने 51, तथा तेदेपा (टीडीपी) ने 106 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था।

भाजपा नेताओं ने पार्टी के प्रदर्शन की सराहना की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘‘विकास की राजनीति’’ में विश्वास जताने के लिए लोगों को धन्यवाद दिया।

भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने परिणामों को भगवा दल के लिए ‘‘ऐतिहासिक’’ बताया और दावा किया कि यह दिखाता है कि देश ‘‘केवल विकास के एजेंडा’’ का समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि परिणाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास और प्रशासन के मॉडल को मिला समर्थन दर्शाते हैं।

भाजपा ने इन चुनावों में अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। भाजपा की ओर से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी चुनाव प्रचार किया था।

Hyderabad
GHMC elections
Asaduddin Owaisi
BJP
TMC
TRS
Congress
Narendra modi
Amit Shah

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति


बाकी खबरें

  • अजय कुमार
    मोदी जी की नोटबंदी को ग़लत साबित करती है पीयूष जैन के घर से मिली बक्सा भर रक़म!
    29 Dec 2021
    मोदी जी ग़लत हैं। पीयूष जैन के घर से मिला बक्से भर पैसा समाजवादी पार्टी के भ्रष्टाचार का इत्र नहीं बल्कि नोटबंदी के फ़ैसले को ग़लत साबित करने वाला एक और उदाहरण है।
  • 2021ः कोरोना का तांडव, किसानों ने थमाई मशाल, नफ़रत ने किया लहूलुहान
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    2021ः कोरोना का तांडव, किसानों ने थमाई मशाल, नफ़रत ने किया लहूलुहान
    29 Dec 2021
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने साल 2021 के उन उजले-स्याह पलों का सफ़र तय किया, जिनसे बनती-खुलती है भारतीय लोकतंत्र के भविष्य की राह।
  • जानिए: अस्पताल छोड़कर सड़कों पर क्यों उतर आए भारतीय डॉक्टर्स?
    रवि शंकर दुबे
    जानिए: अस्पताल छोड़कर सड़कों पर क्यों उतर आए भारतीय डॉक्टर्स?
    29 Dec 2021
    यह हड़ताली रेजिडेंट डॉक्टर्स क्या चाहते हैं, क्यों चाहते हैं, अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरना इनके लिए क्यों ज़रूरी है। आइए, क्रमवार जानते हैं-
  • सोनिया यादव
    जेएनयू: ICC का नया फ़रमान पीड़ितों पर ही दोष मढ़ने जैसा क्यों लगता है?
    29 Dec 2021
    नए सर्कुलर में कहा गया कि यौन उत्पीड़न के मामले में महिलाओं को खुद ही अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। महिलाओं को यह पता होना चाहिए किए इस तरह के उत्पीड़न से बचने के लिए उन्हें अपने पुरुष दोस्तों के…
  • कश्मीरी अख़बारों के आर्काइव्ज को नष्ट करने वालों को पटखनी कैसे दें
    एजाज़ अशरफ़
    कश्मीरी अख़बारों के आर्काइव्ज को नष्ट करने वालों को पटखनी कैसे दें
    29 Dec 2021
    सेंसरशिप अतीत की हमारी स्मृतियों को नष्ट कर देता है और जिस भविष्य की हम कामना करते हैं उसके साथ समझौता करने के लिए विवश कर देता है। प्रलयकारी घटनाओं से घिरे हुए कश्मीर में, लुप्त होती जा रही खबरें…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License