NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अयोध्या मामले पर टीवी चैनल तनाव पैदा करने वाली बहसों से दूर रहें: एनबीएसए
एनबीएसए समाचार चैनलों के लिए स्व नियामक संस्था है। उनसे यह सलाह भी दी है कि अयोध्या मामले पर किसी भी समाचार में वह बाबरी मस्जिद ढहाए जाने से जुड़े़ कोई फुटेज नहीं दिखाए।
भाषा
17 Oct 2019
Ayodhya issue
Image courtesy: DailyO

नई दिल्ली: समाचार प्रसारण व मानक प्राधिकरण (एनबीएसए) ने सभी टेलीविजन चैनलों को परामर्श जारी किया है कि वह राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में खबर देते वक्त ‘सतर्कता’ बरतें और तनाव पैदा करने वाली ‘भड़काऊ बहसों’ से दूर रहें।

एनबीएसए समाचार चैनलों के लिए स्व नियामक संस्था है। उनसे यह सलाह भी दी है कि अयोध्या मामले पर किसी भी समाचार में वह बाबरी मस्जिद ढहाए जाने से जुड़े कोई फुटेज नहीं दिखाए।

बुधवार को जारी दो पन्नों के परामर्श में कहा गया, ‘उच्चतम न्यायालय में जारी मौजूदा सुनवाई के मद्देनजर अटकलों पर आधारित कोई प्रसारण नहीं किया जाए, इसके अलावा फैसले से पहले उसके बारे में और उसके संभावित परिणामों के बारे में भी कोई प्रसारण नहीं किया जाए जो सनसनीखेज, भड़काऊ या उकसाने वाला हो।’

इसमें समाचार चैनलों से कहा गया है कि वह उच्चतम न्यायालय में लंबित सुनवाई के संबंध में तब तक कोई समाचार प्रसारित नहीं करें जब तक कि उनके संवाददाता या संपादक ने ठीक तरह से उसकी प्रामाणिकता और सत्यता की पुष्टि मुख्य रूप से अदालत के रिकॉर्डों से या सुनवाई के दौरान खुद उपस्थित होकर नहीं कर ली हो।

इसमें कहा गया है कि चैनल अयोध्या मामले में लोगों के जश्न या प्रदर्शन दिखाने वाले दृश्य प्रसारित नहीं करे।

परामर्श में कहा गया है कि, ‘किसी भी समाचार\कार्यक्रम के प्रसारण से ऐसा संदेश नहीं जाना चाहिए कि किसी भी समुदाय के प्रति पक्षपात किया गया है या किसी के प्रति पूर्वाग्रह रहा है।'
 
एनबीएसए ने सलाह दी है कि इस बात का खयाल रखा जाना चाहिए कि किसी भी व्यक्ति को कट्टरपंथी विचार रखने का मौका ना मिल सके, बहस के दौरान भी और दर्शक प्रभावित ना हो सकें। ऐसी बहसों से बचना चाहिए जो भड़काऊ हों और जनता के बीच तनाव पैदा कर सकती हों।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने 40 दिन तक हिंदू और मुस्लिम पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुनवाई का समपान कर दिया था और फैसला सुरक्षित रख लिया था।

Ayodhya Case
Babri Masjid-Ram Mandir
NBSA
Indian TV media

Related Stories

अयोध्या केस : क्यों हर बार हिंदुओं के पक्ष में गया फ़ैसला?

अयोध्या विध्वंस की गवाह उनकी गलियां, उनकी सड़कें

ज़रा सोचिए… जब बाबरी मस्जिद गिरी ही नहीं तो किसे और कैसी सज़ा!

बाबरी मस्जिद विध्वंस मामला: बाहर जो 'श्रेय' लेते हैं अदालत में क्यों मुकर जाते हैं!

क्या मीडिया को पूरे समुदाय को निशाना बनाने की अनुमति दी जा सकती है : सुप्रीम कोर्ट

अयोध्या विवाद के 'हल' होने के बाद, संघ परिवार का रुख़ काशी और मथुरा की तरफ़

कार्टून क्लिक: पलट, तेरा ध्यान किधर है!

कैसे SSR केस ने मदद की गोदी मीडिया की रेटिंग्स बटोरने में

महामारी और मीडिया  

टीवी पर नफरत और क्रूरता का ऐसा कोलाहल क्यों?


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश के 21 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में फैला ओमिक्रॉन, कुल मामले बढ़कर 653 हुए
    28 Dec 2021
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 6,358 नए मामले दर्ज किये गए है, वही ओमीक्रॉन देश के 21 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेश में फैल चुका है और कुल मामले बढ़कर 653 हो गए हैं।
  • Putin
    एम. के. भद्रकुमार
    पुतिन ने दिए यूक्रेन में सैन्य विकल्पों पर संकेत
    28 Dec 2021
    रूस की अधिकतम मांगें और उसका न्यूनतावादी रुख एक ही है। जो बाइडेन जैसे राजनेता के लिए कोई रास्ता भी नहीं छोड़ती हैं। 
  • women farmers
    ईशिता मुखोपाध्याय
    ऐतिहासिक किसान विरोध में महिला किसानों की भागीदारी और भारत में महिलाओं का सवाल
    28 Dec 2021
    देश की हजारों हजार महिला किसान उत्तरी राज्यों की सीमाओं पर इक्कट्ठी हुईं और हर दिन उनकी संख्या में वृद्धि होती गई। किसान आंदोलन में उनकी भागीदारी के निहितार्थ को इसके सभी आयामों में पहचानने की…
  • SUPREME COURT
    इंदिरा जयसिंह
    2021 में सुप्रीम कोर्ट का मिला-जुला रिकॉर्ड इसकी बहुसंख्यकवादी भूमिका को जांच के दायरे में ले आता है!
    28 Dec 2021
    इंदिरा जयसिंह लिखती हैं कि सीजेआई एन.वी. रमना का अब तक का कार्यकाल भरोसा जगाने वाला रहा है, लेकिन राजनीति और सिविल सोसाइटी में बहुसंख्यकवाद की चुनौतियों का सामना करने के लिहाज़ से सुप्रीम कोर्ट की…
  • Omicron
    प्रबीर पुरकायस्थ
    कोविड-19: ओमिक्रॉन की तेज़ लहर ने डेल्टा को पीछे छोड़ा
    28 Dec 2021
    इस नयी लहर की चपेट में आए ज़्यादातर देशों में ओमिक्रॉन न सिर्फ़ प्रधान वेरिएंट बन गया है बल्कि इसके संक्रमितों के आंकड़े पहले ही, पिछली लहरों की अधिकतम संख्या को पीछे छोड़ चुके हैं और इन संख्याओं के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License