NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
तालिबान का पंजशीर घाटी में विद्रोही सैनिकों पर जीत का दावा, अफ़ग़ानिस्तान में युद्ध समाप्ति की घोषणा
रिपोर्टों के अनुसार, अशरफ गनी के नेतृत्व वाली सरकार में उपराष्ट्रपति रहे अमरुल्ला सालेह और पंजशीर में विद्रोहियों के तथाकथित नेता रविवार को देश छोड़कर भाग गए।
पीपल्स डिस्पैच
07 Sep 2021
तालिबान का पंजशीर घाटी में विद्रोही सैनिकों पर जीत का दावा, अफ़ग़ानिस्तान में युद्ध समाप्ति की घोषणा

तालिबान ने दावा किया कि उसने सोमवार 6 सितंबर को अहमद शाह मसूद के नेतृत्व में विद्रोही सैनिकों से पंजशीर घाटी पर कब्जा कर लिया और अशरफ गनी के नेतृत्व वाली सरकार में उपराष्ट्रपति रहे और पंजशीर में विद्रोहियों के नेता अमरुल्ला सालेह देश छोड़कर ताजिकिस्तान भाग गए।

तालिबान ने रविवार को घाटी को घेर लिया और घाटी के भीतर और बाहर सभी मीडिया और संचार लाइनों को काट दिया है। इसके प्रवक्ता जबीउल्ला मुजाहिद ने सोमवार को काबुल में एक संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि पंजशीर के पतन के साथ देश में युद्ध आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है।

हालांकि, अहमद मसूद ने बाद में अपने फेसबुक पेज पर एक वॉयस नोट में तालिबान द्वारा किए गए दावों को खारिज किया और कहा कि "बगलान प्रांत के पंजशीर और अंदराब जिले में विद्रोही सैनिक मौजूद हैं" और तालिबान के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी।

उसने देश के अंदर तालिबान शासन के खिलाफ "राष्ट्रीय विद्रोह" का भी आह्वान किया। उसने यह भी दावा किया कि तालिबान ने पंजशीर पर हमला करने में विदेशी सैनिकों से मदद ली जिसमें उनके परिवार के कुछ सदस्य भी मारे गए हैं।

हालांकि तालिबान ने पंजशीर पर हमले में विदेशी सैनिकों की संलिप्तता के आरोपों को खारिज कर दिया। उधर ईरान ने इस खबर पर चिंता जताई और दावा किया कि वह मामले की जांच कर रहा है।

इस बीच, पंजशीर घाटी में इस संघर्ष को बातचीत के माध्यम से हल करने का प्रयास सोमवार को उस समय विफल हो गया जब तालिबान ने देश में कुछ धार्मिक नेताओं द्वारा सामने रखे गए समझौते के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। तालिबान ने दावा किया कि मसूद को एक समझौता वार्ता की पेशकश की गई थी, जिसके पहले उसने तालिबान को पंजशीर पर बलपूर्वक कब्जा करने के लिए मजबूर करते हुए इनकार कर दिया था।

5 सितंबर को काबुल में देश के कई धर्मगुरु इकट्ठा हुए थे और पंजशीर में लड़ाई समाप्त करने के लिए कहा था। इस बैठक में एक विद्वान अब्दुल कादिर कनात ने कहा कि देश में विदेशी सैनिकों की अनुपस्थिति में पंजशीर में लड़ाई की कोई वैधता नहीं है और चेतावनी दी कि यदि युद्ध जारी रहा तो अफगानिस्तान "नैतिक-आधारित और क्षेत्र-आधारित संघर्ष में बदल जाएगा"। टोलोन्यूज ने इस रिपोर्ट को प्रकाशित किया।

TALIBAN
Afghanistan
Panjsher

Related Stories

भोजन की भारी क़िल्लत का सामना कर रहे दो करोड़ अफ़ग़ानी : आईपीसी

तालिबान को सत्ता संभाले 200 से ज़्यादा दिन लेकिन लड़कियों को नहीं मिल पा रही शिक्षा

रूस पर बाइडेन के युद्ध की एशियाई दोष रेखाएं

काबुल में आगे बढ़ने को लेकर चीन की कूटनीति

तालिबान के आने के बाद अफ़ग़ान सिनेमा का भविष्य क्या है?

अफ़ग़ानिस्तान हो या यूक्रेन, युद्ध से क्या हासिल है अमेरिका को

बाइडेन का पहला साल : क्या कुछ बुनियादी अंतर आया?

सीमांत गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष: सभी रूढ़िवादिता को तोड़ती उनकी दिलेरी की याद में 

पाकिस्तान-तालिबान संबंधों में खटास

अफ़ग़ानिस्तान में सिविल सोसाइटी और अधिकार समूहों ने प्रोफ़ेसर फ़ैज़ुल्ला जलाल की रिहाई की मांग की


बाकी खबरें

  • budget
    न्यूज़क्लिक टीम
    अमीरों को अमृत, गरीबों को विष काल सौंप बजट में बजा झुनझुना
    01 Feb 2022
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने बताया कि किस तरह से बजट में नये जुमलों के साथ गरीबों, मध्यम वर्ग, नौजवानों, दलितों-आदिवासियों, किसानों और वंचित समुदाय को ठगा गया है। इस बारे में भारत सरकार…
  • mp farmer
    रूबी सरकार
    मध्य प्रदेश: अपनी बर्बादी का तमाशा देखने को मजबूर राजगढ़ के किसान
    01 Feb 2022
    मध्य प्रदेश सरकार 1375 करोड़ की एक वृहद सिंचाई परियोजना शुरू करने जा रही है। सरकार द्वारा तर्क दिया जा रहा है कि यहां खेती के लिए भरपूर पानी नहीं है, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि यहां सिंचाई के लिए…
  • Union Budget
    भाषा
    आयातित वस्तुओं में हेडफोन, छाता, सोलर सेल होंगे महंगे; विशेष किस्म की सीप और हीरे सस्ते
    01 Feb 2022
    प्रस्तावित आयात शुल्क बढ़ोतरी के कारण हेडफोन, ईयरफोन, लाउडस्पीकर, स्मार्ट मीटर, कृत्रिम आभूषण, सौर सेल और सौर मॉड्यूल सहित कई वस्तुएं महंगी हो जाएंगी।
  • Union Budget
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूनियन बजट: किसका नफ़ा किसका नुकसान?
    01 Feb 2022
    आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट पेश किया है। इस ख़ास पेशकश में न्यूज़क्लिक के लिए ऑनिंद्यो बात कर रहे हैं अरुण कुमार, चिराश्री दासगुप्ता, परंजॉय गुहा ठाकुरता से बजट के मायने पर।
  • union budget
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    बजट 2022: शिक्षा, रेल, रक्षा क्षेत्र के लिए क्या है ख़ास, किसे क्या मिला
    01 Feb 2022
    वित्त मंत्री के मुताबिक भारत का राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 6.9 प्रतिशत रह सकता है, जबकि पहले इसके 6.8 प्रतिशत पर रहने का अनुमान जताया गया था।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License