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तमिलनाडु में राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन योजना से बेरोज़गारी बढ़ेगी- ट्रेड यूनियन
चार हवाईअड्डे, नीलगिरी माउंटेन रेलवे और वीओसी बंदरगाह की परियोजनाएं वह संपत्तियां हैं, जिनका तमिलनाडु में केंद्र सरकार द्वारा मुद्रीकरण किया जा रहा है।
नीलाम्बरन ए
02 Sep 2021
तमिलनाडु में राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन योजना से बेरोज़गारी बढ़ेगी- ट्रेड यूनियन

नरेंद्र मोदी सरकार की राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन योजना के खिलाफ़ तमिलनाडु में विरोध प्रदर्शनों की बड़ी श्रंखला शुरू हो गई है। 4 साल की इस योजना के ज़रिए सरकार 6 लाख करोड़ रुपये इकट्ठा करना चाहती है। राज्य में वामपंथी पार्टियां और ट्रेड यूनियन इस योजना का जमकर विरोध कर रही हैं।

तमिलनाडु में नीलगिरी माउंटेन रेलवे (NMR), चार हवाईअड्डे, 491.5 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग, वी ओ चिदंबारानार पोर्ट (तूतीकोरिन) में तीन प्रोजेक्ट और कावेरी बेसिन में गैस अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया की पाइपलाइन का मुद्रीकरण किया जाना है। 

सूचीबद्ध किए गए हवाईअड्डे और बंदरगाह

त्रिची, कोयंबटूर, मुदरई और चेन्नई एयरपोर्ट के मुद्रीकरण से सरकार को 4,694 करोड़ रुपये हासिल होने का अनुमान है। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (CITU) के प्रदेश महासचिव जी सुकुमारन कहते हैं, "बंदरगाह और हवाईअड्डों के मुद्रीकरण के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल की अनुमति दिया जाना ख़तरनाक है।"

VOC बंदरगाह की संपत्तियां जिनका मुद्रीकरण किया जाना है, उनमें नॉर्थ कार्गो बर्थ-III और पांच दूसरी बर्थ शामिल हैं, इसकी कीमत 2,999 करोड़ रुपये है। "वाटर ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (WTWFI)" के प्रदेश महासचिव नरेंद्र राव कहते हैं "तमिलनाडु के दो बंदरगाहों में से एक वीओसी पोर्ट की परियोजनाओं को मुद्रीकरण के लिए सूचीबद्ध किया गया है। सरकार लोगों की संपत्तियों को बेचकर पैसा बनाने की कोशिश कर रही है। लंबे वक़्त में इसका असर देश पर पड़ेगा।"

NMR, राष्ट्रीय राजमार्ग और गैस पाइपलाइन

कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सिस्ट) की नीलगिरी जिला समिति ने ऐतिहासिक NMR को मुद्रीकरण योजना में शामिल किए जाने की निंदा की है और आगे प्रदर्शन तेज करने की चेतावनी दी है। 

सुकुमारन ने कहा, "सरकार ने मौजूदा और संभावित टोल रोडों के मुद्रीकरण का फ़ैसला किया है। यात्री पहले ही ज़्यादा कर दे रहे हैं। अगर इन चार लेन और ज़्यादा लेन वाली सड़कों का मुद्रीकरण कर दिया जाता है, तो टोल की दर और भी ज़्यादा बढ़ जाएगी।"

केंद्र रेलवे स्टेशन, यात्री ट्रेनों और माल रखने वाले शेडों के मुद्रीकरण की योजना भी रखता है, जिनकी कीमत 1,52,496 करोड़ रुपये है। दक्षिण रेलवे कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष आर एलेंगोवन कहते हैं, "400 ए-क्लास रेलवे स्टेशन में से 27 तमिलनाडु में हैं। सरकार पहले पेश की गई 150 ट्रेनों में से 90 के निजीकरण की घोषणा कर चुकी है। फिर फ्राइट कॉरिडोर को भी मुद्रीकरण योजना के तहत सूचीबद्ध कर दिया गया है।"

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े भारतीय मज़दूर संघ ने भी NMP को सूचीबद्ध किए जाने का विरोध किया है। 

सुकुमारन आगे कहते हैं, "अगर बीजेपी सरकार ने अपना बिक्री कार्यक्रम जारी रखा, तो सार्वजनिक उपयोग के लिए कुछ नहीं बचेगा। हर किसी चीज पर कुछ निजी खिलाड़ियों का कब्ज़ा हो जाएगा।"

पाइपलाइन के मुद्रीकरण के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन

केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा इन घोषणाओं के बाद CITU ने राज्य व्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारी इन फ़ैसलों का विरोध कर रहे हैं।

CITU, तमिलनाडु यूनिट के उप महासचिव एस कन्नन कहते हैं, "CITU, तमिलनाडु यूनिट ने बीजेपी सरकार के संवेदनहीन कदम के खिलाफ़ राज्य व्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। बेहद अहम क्षेत्रों का मुद्रीकरण करने से आर्थिक विकास और रोज़गार पर प्रभाव पड़ेगा।"

कन्नन ने आगे कहा, "तमिलनाडु में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम बहुत कम है। बड़े पैमाने पर रोज़गार उपलब्ध करवाने वाले रेलवे और बीएसएनएल जैसे बड़े सरकारी संस्थानों का मुद्रीकरण कर दिया जाएगा। इससे नौकरियां घटेंगी और बेरोज़गारी बढ़ेगी।"

सुकुमारन ने कहा, "ट्रेड यूनियनों ने अपना प्रदर्शन तेज करने का फ़ैसला लिया है। ट्रेड यूनियनों द्वारा मजबूत प्रदर्शन से केंद्र की मुद्रीकरण की रफ़्तार धीमी हुई थी। सेलम स्टील प्लांट के कामग़ारों ने संयंत्र का निजीकरण होने से रोका था। बीजेपी सरकार की योजनाओं को रोकने के लिए ऐसे ही प्रदर्शन किए जाएंगे।"

इस लेख को मूल अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें।

Tamil Nadu Trade Unions say NMP Will Increase Unemployment in State

National Monetisation Pipeline
NMP
Privatisation policies of BJP government
Airports in Tamil Nadu
VOC Port
Nilgiri Mountain Railway
Cauvery Basin
A-Class Railway Stations
Centre of Indian Trade Unions
CITU
Water Transport Workers Federation of India
Dakshin Railway Employees Union

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