NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
तमिलनाडु में राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन योजना से बेरोज़गारी बढ़ेगी- ट्रेड यूनियन
चार हवाईअड्डे, नीलगिरी माउंटेन रेलवे और वीओसी बंदरगाह की परियोजनाएं वह संपत्तियां हैं, जिनका तमिलनाडु में केंद्र सरकार द्वारा मुद्रीकरण किया जा रहा है।
नीलाम्बरन ए
02 Sep 2021
तमिलनाडु में राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन योजना से बेरोज़गारी बढ़ेगी- ट्रेड यूनियन

नरेंद्र मोदी सरकार की राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन योजना के खिलाफ़ तमिलनाडु में विरोध प्रदर्शनों की बड़ी श्रंखला शुरू हो गई है। 4 साल की इस योजना के ज़रिए सरकार 6 लाख करोड़ रुपये इकट्ठा करना चाहती है। राज्य में वामपंथी पार्टियां और ट्रेड यूनियन इस योजना का जमकर विरोध कर रही हैं।

तमिलनाडु में नीलगिरी माउंटेन रेलवे (NMR), चार हवाईअड्डे, 491.5 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग, वी ओ चिदंबारानार पोर्ट (तूतीकोरिन) में तीन प्रोजेक्ट और कावेरी बेसिन में गैस अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया की पाइपलाइन का मुद्रीकरण किया जाना है। 

सूचीबद्ध किए गए हवाईअड्डे और बंदरगाह

त्रिची, कोयंबटूर, मुदरई और चेन्नई एयरपोर्ट के मुद्रीकरण से सरकार को 4,694 करोड़ रुपये हासिल होने का अनुमान है। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (CITU) के प्रदेश महासचिव जी सुकुमारन कहते हैं, "बंदरगाह और हवाईअड्डों के मुद्रीकरण के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल की अनुमति दिया जाना ख़तरनाक है।"

VOC बंदरगाह की संपत्तियां जिनका मुद्रीकरण किया जाना है, उनमें नॉर्थ कार्गो बर्थ-III और पांच दूसरी बर्थ शामिल हैं, इसकी कीमत 2,999 करोड़ रुपये है। "वाटर ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (WTWFI)" के प्रदेश महासचिव नरेंद्र राव कहते हैं "तमिलनाडु के दो बंदरगाहों में से एक वीओसी पोर्ट की परियोजनाओं को मुद्रीकरण के लिए सूचीबद्ध किया गया है। सरकार लोगों की संपत्तियों को बेचकर पैसा बनाने की कोशिश कर रही है। लंबे वक़्त में इसका असर देश पर पड़ेगा।"

NMR, राष्ट्रीय राजमार्ग और गैस पाइपलाइन

कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सिस्ट) की नीलगिरी जिला समिति ने ऐतिहासिक NMR को मुद्रीकरण योजना में शामिल किए जाने की निंदा की है और आगे प्रदर्शन तेज करने की चेतावनी दी है। 

सुकुमारन ने कहा, "सरकार ने मौजूदा और संभावित टोल रोडों के मुद्रीकरण का फ़ैसला किया है। यात्री पहले ही ज़्यादा कर दे रहे हैं। अगर इन चार लेन और ज़्यादा लेन वाली सड़कों का मुद्रीकरण कर दिया जाता है, तो टोल की दर और भी ज़्यादा बढ़ जाएगी।"

केंद्र रेलवे स्टेशन, यात्री ट्रेनों और माल रखने वाले शेडों के मुद्रीकरण की योजना भी रखता है, जिनकी कीमत 1,52,496 करोड़ रुपये है। दक्षिण रेलवे कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष आर एलेंगोवन कहते हैं, "400 ए-क्लास रेलवे स्टेशन में से 27 तमिलनाडु में हैं। सरकार पहले पेश की गई 150 ट्रेनों में से 90 के निजीकरण की घोषणा कर चुकी है। फिर फ्राइट कॉरिडोर को भी मुद्रीकरण योजना के तहत सूचीबद्ध कर दिया गया है।"

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े भारतीय मज़दूर संघ ने भी NMP को सूचीबद्ध किए जाने का विरोध किया है। 

सुकुमारन आगे कहते हैं, "अगर बीजेपी सरकार ने अपना बिक्री कार्यक्रम जारी रखा, तो सार्वजनिक उपयोग के लिए कुछ नहीं बचेगा। हर किसी चीज पर कुछ निजी खिलाड़ियों का कब्ज़ा हो जाएगा।"

पाइपलाइन के मुद्रीकरण के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन

केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा इन घोषणाओं के बाद CITU ने राज्य व्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारी इन फ़ैसलों का विरोध कर रहे हैं।

CITU, तमिलनाडु यूनिट के उप महासचिव एस कन्नन कहते हैं, "CITU, तमिलनाडु यूनिट ने बीजेपी सरकार के संवेदनहीन कदम के खिलाफ़ राज्य व्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। बेहद अहम क्षेत्रों का मुद्रीकरण करने से आर्थिक विकास और रोज़गार पर प्रभाव पड़ेगा।"

कन्नन ने आगे कहा, "तमिलनाडु में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम बहुत कम है। बड़े पैमाने पर रोज़गार उपलब्ध करवाने वाले रेलवे और बीएसएनएल जैसे बड़े सरकारी संस्थानों का मुद्रीकरण कर दिया जाएगा। इससे नौकरियां घटेंगी और बेरोज़गारी बढ़ेगी।"

सुकुमारन ने कहा, "ट्रेड यूनियनों ने अपना प्रदर्शन तेज करने का फ़ैसला लिया है। ट्रेड यूनियनों द्वारा मजबूत प्रदर्शन से केंद्र की मुद्रीकरण की रफ़्तार धीमी हुई थी। सेलम स्टील प्लांट के कामग़ारों ने संयंत्र का निजीकरण होने से रोका था। बीजेपी सरकार की योजनाओं को रोकने के लिए ऐसे ही प्रदर्शन किए जाएंगे।"

इस लेख को मूल अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें।

Tamil Nadu Trade Unions say NMP Will Increase Unemployment in State

National Monetisation Pipeline
NMP
Privatisation policies of BJP government
Airports in Tamil Nadu
VOC Port
Nilgiri Mountain Railway
Cauvery Basin
A-Class Railway Stations
Centre of Indian Trade Unions
CITU
Water Transport Workers Federation of India
Dakshin Railway Employees Union

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

झारखंड-बिहार : महंगाई के ख़िलाफ़ सभी वाम दलों ने शुरू किया अभियान

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई

सार्वजनिक संपदा को बचाने के लिए पूर्वांचल में दूसरे दिन भी सड़क पर उतरे श्रमिक और बैंक-बीमा कर्मचारी

झारखंड: केंद्र सरकार की मज़दूर-विरोधी नीतियों और निजीकरण के ख़िलाफ़ मज़दूर-कर्मचारी सड़कों पर उतरे!

दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को मिला व्यापक जनसमर्थन, मज़दूरों के साथ किसान-छात्र-महिलाओं ने भी किया प्रदर्शन

देशव्यापी हड़ताल का दूसरा दिन, जगह-जगह धरना-प्रदर्शन

पूर्वांचल में ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बीच सड़कों पर उतरे मज़दूर


बाकी खबरें

  • bonded labour
    द लीफ़लेट
    भारत में अभी भी क्यों जारी है बंधुआ मज़दूरी?
    15 Sep 2021
    हालांकि हम 21वीं सदी में प्रवेश कर चुके हैं मगर भारत में बंधुआ मज़दूरी अभी भी एक हक़ीक़त है। मानव गुप्ता और कशिश गुप्ता बंधुआ मज़दूरी से बचने के लिए भारत में क़ानूनों का विश्लेषण कर रहे हैं और इस ख़तरे को…
  • Big auto companies leaving India is a big blow to Modi's Make-in-India
    बी. सिवरामन
    बड़ी ऑटो कम्पनियों का भारत छोड़ना मोदी के मेक-इन-इंडिया के लिए भारी धक्का
    15 Sep 2021
    एक भी बड़े ऑटोमोबाइल प्लांट का बंद होना किसी देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन में दुर्घटना बनकर उसे बुरी तरह हिला सकता है। बड़ी धूम-धाम के साथ मेक-इन-इंडिया की घोषणा के 6 वर्षों के अंदर फोर्ड छठी…
  • norway
    उपेंद्र स्वामी
    दुनिया भर की: नॉर्वे में लेबर की अगुआई में मध्य-वाम गठजोड़ सत्ता में
    15 Sep 2021
    नॉर्व में चुनावी मुद्दे बाकी देशों जैसे नहीं रहे हैं। नॉर्वे की नाजुक पारिस्थितिकी का असर यह है कि जलवायु परिवर्तन भी वहां बड़ा चुनावी मुद्दा रहा है, और साथ ही लोगों की आर्थिक सेहत के बीच बढ़ती खाई…
  • 1300 से अधिक फ़िलिस्तीनी क़ैदी इज़रायली जेलों में दुर्व्यवहार के विरोध में भूख हड़ताल करेंगे
    पीपल्स डिस्पैच
    1300 से अधिक फ़िलिस्तीनी क़ैदी इज़रायली जेलों में दुर्व्यवहार के विरोध में भूख हड़ताल करेंगे
    15 Sep 2021
    6 सितंबर को गिल्बोआ जेल से छह कैदियों के भागने के बाद इजरायल की जेलों और हिरासत केंद्रों के अंदर बढ़ी क्रूरता और दमन का विरोध
  • नार्वेः संसदीय चुनावों में वाम दलों ने रिकॉर्ड जीत दर्ज की
    पीपल्स डिस्पैच
    नार्वेः संसदीय चुनावों में वाम दलों ने रिकॉर्ड जीत दर्ज की
    15 Sep 2021
    169 सीटों वाली नॉर्वे की संसद के आम चुनावों के नतीजे मंगलवार 14 सितंबर को घोषित कर दिए गए। परिणामों के अनुसार, सोमवार को हुए
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License