NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
घटना-दुर्घटना
भारत
राजनीति
तमिलनाडु चुनाव: एआईएडीएमके, डीएमके ने लोकलुभावन वायदों की परंपरा को बरक़रार रखा है
एआईएडीएमके द्वारा अपने पिछले घोषणापत्र में किये गए वादों की लंबित सूची काफी बड़ी है, जिनमें कई अन्य वादों के साथ-साथ राशन कार्डधारकों को सेलफोन वितरण, सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना की पुनर्वापसी, सार्वजनिक स्थलों पर मुफ्त वाई-फाई मुहैया कराने का वादा अभी भी सिर्फ घोषणापत्र के पन्नों पर ही अंकित हैं।
श्रुति एमडी
17 Mar 2021
Tamil Nadu

2021 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में नामांकन दाखिल करने के लिए सिर्फ तीन दिन बचे हैं, और सारे राजनीतिक दलों के लगभग सभी उम्मीदवारों की घोषणा हो चुकी है, और चुनाव प्रचार का काम पूरे जोरो-शोरों पर चल रहा है।

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में मौजूद एआईडीएमके, जिन 179 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, उसमें से सिर्फ कन्याकुमारी जिले में पद्मनाभपुरम निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार की घोषणा की जानी बाकी है। इस बीच पट्टली मक्कल कच्ची (पीएमके) ने 10 मार्च को विधानसभा चुनावों के लिए अपने 10 उम्मीदवारों की पहली सूची ही जारी की, जबकि बाकी के 13 नामों की घोषणा का इंतजार है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जिन 20 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, उनमें से उसने 14 मार्च को 17 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी थी। गठबंधन में देर से शामिल हुई तमिल मनिला कांग्रेस (टीएमसी) ने हालाँकि 12 मार्च को ही अपने सभी छह उम्मीदवारों के नामों को घोषित कर दिया था।

वहीँ धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन (एसपीए) में द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम (डीएमके) ने एक बार में ही अपनी सभी 173 सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। कांग्रेस ने 13 मार्च को 21 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी थी, जबकि चार और की घोषणा अभी की जानी शेष है। वहीँ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, सीपीआई(मार्क्सवादी) और मरुमलार्ची द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम में से प्रत्येक ने अपने-अपने छह निर्वाचन क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है।

इसी के साथ ही विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा अपने-अपने चुनावी घोषणापत्रों को भी जारी किया जा रहा है। डीएमके और एआईडीएमके ने एक के बाद एक कर अपने घोषणापत्र 13 और 14 मार्च को जारी किये। नवीनतम सूचना के अनुसार 16 मार्च को कांग्रेस ने भी अपना चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया है।

भाजपा की मुश्किलें 

तमिलनाडु में भाजपा की ओर से अभी तक घोषित किये गए उम्मीदवारों में से कुछ प्रमुख चेहरे इस प्रकार से हैं।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एल मुरुगन, तिरुपुर जिले के धारापुरम विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने जा रहे हैं। भाजपा की महिला ईकाई की राष्ट्रीय अध्यक्ष, वनाथी श्रीनिवासन को कोयम्बटूर दक्षिण की सीट दी गई है, जहाँ पर उन्हें मक्कल निधि माईअम (एमएनएम) के प्रमुख कमल हासन का सामना करना होगा। पूर्व राष्ट्रीय सचिव एच राजा, जो कि 2001 में कराईकुडी से निर्वाचित हुए थे, को एक बार फिर से वहां से नामित किया गया है।

अभी तक जिन 17 नामों की घोषणा की गई है, उनमें खुशबू सुन्दर सहित कुल तीन महिला उम्मीदवार हैं, जो चेन्नई में थाउजेंड लाइट्स से चुनाव लड़ेंगी।

भाजपा में शामिल होने के कुछ घंटों बाद ही थिरुपराकुंदराम के निवर्तमान विधायक डॉ पी सरवनन को उम्मीदवार सूची में शामिल कर लिया गया। इससे पहले वे डीएमके में थे। हालाँकि यह चपलता हैरान करने वाली थी, लेकिन इसने भाजपा की हताशा को उघाड़कर रख दिया है। हकीकत तो यह है कि राज्य में पार्टी का मजबूत जनाधार नहीं है, और उसे महत्वपूर्ण चेहरों को ढूंढने के लिए जूझना पड़ रहा है।

अन्नाद्रमुक के पूर्व मंत्री और तमिलनाडु भाजपा के उपाध्यक्ष नैयनार नागेन्द्रन ने भाजपा द्वारा प्रदेश के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी किये जाने से पहले ही 12 मार्च के दिन तिरुनेलवेली विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल कर लिया था। हालाँकि उनका नाम भी उम्मीदवारों की सूची में शामिल है, लेकिन इसने पार्टी के भीतर चल रहे आंतरिक कलह पर संदेह करने के लिए भौहें खड़ी करने का अवसर मुहैय्या करा दिया है।

इसके अलावा राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह द्वारा दिल्ली से हिंदी और अंग्रेजी में उम्मीदवारों की सूची जारी करने पर भी आलोचना हो रही है, क्योंकि इस दक्षिण राज्य में हिंदी को थोपे जाने के विरुद्ध भावनाएं काफी प्रबल रूप से मौजूद हैं।

अन्नाद्रमुक की ओर से नए-नए और वादे   

लगातार तीसरी बार विधानसभा चुनावों में जीत की आस लगाये हुए एआईडीएमके ने एक बार फिर से अपने चुनावी घोषणापत्र को कई लोकलुभावन योजनाओं से भर दिया है। अन्य बातों के अलावा इस सूची में सभी के लिए अम्मा वाशिंग मशीन, महिलाओं के लिए यात्रा करने पर रियायत, प्रत्येक परिवार में कम से कम एक व्यक्ति के लिए सरकारी नौकरी, शैक्षिक ऋण माफ़ी, अम्मा बैंकिंग कार्ड योजना, एमजीआर ग्रीन ऑटो और अम्मा हाउसिंग स्कीम जैसे लंबे-चौड़े वायदों को शामिल किया गया है।

उनके पिछले घोषणापत्र में किये गये लंबित वादों की सूची भी काफी लंबी-चौड़ी है। राशन कार्डधारकों को सेलफोन वितरित करने का वादा, सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन स्कीम पर वापसी, सार्वजनिक स्थलों पर मुफ्त वाई-फाई की सुविधा के साथ कई अन्य वादे अभी भी घोषणापत्र के पन्नों पर ही धूल फांक रहे हैं।

अन्नाद्रमुक, जिसने तीन साल पहले नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) कानून पारित किये जाते वक्त भाजपा के समर्थन में मतदान किया था, ने अब इसके निरस्तीकरण की कसम खाई है। खबर है कि यह गठबंधन में सहयोगी भाजपा के लिए शर्मिंदगी का विषय बना हुआ है।

चुनावी वायदों के तहत एआईडीएमके ने यह भी कहा है कि वह केंद्र सरकार से ईंधन की कीमतों में भारी कमी लाने का अनुरोध करेगी।

घोषणापत्र में शामिल वायदों की लंबी-चौड़ी सूची को देखते हुए स्वाभाविक प्रश्न उठ खड़ा होता है कि आख़िरकार क्यों एआईडीएमके सरकार इनमें से कई वादों को अपने निवर्तमान कार्यकाल में पूरा कर पाई।

इस सूची में किये गए वादों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए डीएमके प्रमुख स्टालिन का कहना था “वे (एआईडीएमके) तो यहाँ तक घोषणा कर सकते हैं कि हर एक को एक हवाई जहाज और एक हेलीकॉप्टर दिया जायेगा। वे कुछ भी कह सकते हैं क्योंकि उन्हें पता है कि वे इन चुनावों में जीत हासिल करने नहीं जा रहे हैं।”

डीएमके और कांग्रेस की ओर से किये जाने वाले व्यापक वादे  

बड़े-बड़े वादे करने के मामले में डीएमके भी बहुत पीछे नहीं है। पार्टी की ओर से यदि सत्ता में आते हैं तो कोविड-19 से प्रभावित राशन कार्डधारकों के लिए 4,000 रूपये की आर्थिक सहायता, निजी क्षेत्र में रोजगार में आरक्षण, सिटी बसों में महिलाओं के लिए फ्री बस पास की सुविधा, राज्य भर में नौकरियों में तमिलनाडु के निवासियों के लिए 75% आरक्षण और पहली पीढ़ी के स्नातकों को सरकारी नौकरियों में भर्ती में प्राथमिकता देने का वादा किया गया है।

डीएमके ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी क्रमशः 5 रूपये और 4 रूपये प्रति लीटर और घरेलू गैस सिलिंडर की कीमत में 100 रूपये तक की कटौती का वादा किया है।

पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की मौत की यथोचित जांच का वादा भी घोषणापत्र में देखने को मिलता है।

तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष के एस अझागिरी ने 16 मार्च को पार्टी का चुनावी घोषणापत्र जारी किया। पार्टी ने रोजगार बढ़ाने और स्टार्टअप्स के लिए कम से कम पांच वर्षों तक कर मुक्ति का वादा किया है। घोषणापत्र में शराब की दुकानों को बंद करने, हॉनर किलिंग पर रोकथाम लगाने के लिए अलग से कानून बनाने सहित नीट परीक्षा को खत्म करने जैसे कदम उठाने जैसे वादों को शामिल किया गया है। 

तीसरा मोर्चा, चौथा मोर्चा...

सीटों के बंटवारे को लेकर उठे विवाद पर एआईडीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन से बाहर निकलने के कुछ दिन बाद, अभिनेता से नेता बने विजयकांत की डीएमडीके ने 14 मार्च को टीटीवी दिनाकरन की अम्मा मक्कल मुन्नेत्र कझगम (एएमएमके) के साथ चुनावी साझेदारी को अंतिम रूप दे दिया था। पार्टी गठबंधन में 60 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

इस खेमे में शामिल अन्य पार्टियों में असदुद्दीन ओवैशी की आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) (3) और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ इंडिया (एसडीपीआई) (6) सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं।

इस घोषणा के बाद कि मक्कल निधि माईअम (एमएनएन) 154 निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ेगी, इसके संस्थापक कमल हासन ने कोयम्बटूर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से अपना पर्चा दाखिल किया। पार्टी को 2019 के संसदीय चुनावों में इस क्षेत्र में अच्छे-खासे वोट हासिल करने में सफलता प्राप्त हुई थी।

जैसा कि प्रचलन में रहा है, तमिल राष्ट्रवादी पार्टी नाम तमिलर कच्ची (एनटीके) राज्य के सभी 234 विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव लड़ रही है। पार्टी ने महिला उम्मीदवारों को 50% सीटें आवंटित की हैं। पार्टी के पास मुख्यतया तमिलनाडु के ग्रामीण इलाकों में अपेक्षाकृत 4% की स्थिर वोटों में हिस्सेदारी है।

 

(तालिका एवं चित्र में योगदान: आर. प्रकाश द्वारा)

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल आलेख को पढ़ने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें

https://www.newsclick.in/TN-elections-AIADMK-DMK-keep-up-tradition-populist-promises

Tamil Nadu Elections
DMK
AIADMK
BJP-AIADMK Alliance

Related Stories


बाकी खबरें

  • Supreme Court
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मध्यप्रदेश ओबीसी सीट मामला: सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला अप्रत्याशित; पुनर्विचार की मांग करेगी माकपा
    20 Dec 2021
    मध्य प्रदेश पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण समाप्त करने, अन्य पिछड़े समुदायों के लिए निर्धारित और आरक्षित पदों पर चुनाव रोकने, उनकी बहुसंख्या को सामान्य सीटों में परिवर्तित करने का निर्देश देने वाले…
  • CAA
    ज़ाकिर अली त्यागी
    CAA हिंसा के 2 साल: मायूसियों के बीच इंसाफ़ की जद्दोजहद करते मृतकों के परिजन!
    20 Dec 2021
    20 दिसंबर 2019 को पूरे देश मे CAA के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हुए, उसी प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश में 23 लोगों की जान गई। आज 2 साल बाद मृतकों के परिवारों का क्या हाल है, कैसे जी रहे हैं वो, उनकी न्याय की…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 6,563 नए मामले, ओमिक्रॉन के मामले बढ़कर 157 हुए
    20 Dec 2021
    देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 47 लाख 46 हज़ार 838 हो गयी है। देश में ओमिक्रॉन के मामलों की संख्या भी तेजी से बढ़ती जा रही है। ओमिक्रॉन अब तक 12 राज्यों में फैल चुका है।
  • Modi rally
    राज कुमार
    दो टूक: ओमिक्रॉन का ख़तरा लेकिन प्रधानमंत्री रैलियों में व्यस्त
    20 Dec 2021
    जैसे ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दुनिया को ओमिक्रॉन के ख़तरे से सावधान किया तो प्रधानमंत्री ने भी ट्वीट करके लोगों को शारीरिक दूरी बनाए रखने और मास्क पहनने की सीख दे डाली। लेकिन अगले ही पल विशाल…
  • agri
    डॉ सुखबिलास बर्मा
    कृषि उत्पाद की बिक़्री और एमएसपी की भूमिका
    20 Dec 2021
    भारत सरकार ने 2000 के दशक की शुरुआत में किसानों को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए एमएसपी तय करके बाज़ार हस्तक्षेप नीति का पालन किया था। इस तरह,एमएसपी सरकार की परिकल्पित मूल्य नीति का प्रमुख घटक बन गयी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License