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भारत
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तमिलनाडु :कर्जदाता की अपमानजनक भाषा से परेशान किसान ने की खुदकुशी
पुलिस ने बताया कि एक पत्र किसान के घर से मिला है जो कथित रूप से उसने ही लिखा है। पत्र में 30 वर्षीय आनंदन ने आरोप लगाया है कि वित्त कंपनी के कर्मचारी 45 लाख रुपये के कर्ज की अदायगी में देरी की वजह से अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते थे।
भाषा
18 Feb 2021
खुदकुशी

तमिलनाडु में कोयंबटूर के पास बृहस्पतिवार को एक किसान ने अपने खेत में कथित रूप से खुदकुशी कर ली। वह कर्ज की अदायगी नहीं कर पाने को लेकर एक निजी वित्त कंपनी के कर्मियों द्वारा कथित रूप से प्रताड़ित किए जाने और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने की वजह से परेशान था।

पुलिस ने बताया कि एक पत्र किसान के घर से मिला है जो कथित रूप से उसने ही लिखा है। पत्र में 30 वर्षीय आनंदन ने आरोप लगाया है कि वित्त कंपनी के कर्मचारी 45 लाख रुपये के कर्ज की अदायगी में देरी की वजह से अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते थे।

उन्होंने कहा कि आनंदन प्लंबर का भी काम करते थे। उन्होंने कहा कि वह घर बनाने के लिए लिया गया कर्ज नहीं चुका पाए थे, क्योंकि कोविड-19 के कारण उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो गयी और महामारी का असर खेती तथा उनकी नौकरी पर पड़ा।

पुलिस ने कहा कि आत्महत्या के लिए कंपनी और उसके कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए आनंदन ने बैंक से घर वापस लेने की मांग की और अपने परिवार को बचाने का आग्रह किया जिसमें मां, पत्नी और एक साल का बच्चा है।

आनंदन की शिकायत पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है।

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