NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
थाईलैंडः आपातकाल के बावजूद विरोध जारी रहने पर पुलिस ने डिजिटल मंचों पर कार्रवाई की
थाईलैंड की पुलिस ने पिछले हफ्ते लागू किए गए आपातकाल के आड़ में चार मीडिया संस्थानों, विरोध करने वाले एक सोशल मीडिया पेज और 300,000 से अधिक URL के ख़िलाफ़ जांच का आदेश दिया।
पीपल्स डिस्पैच
20 Oct 2020
थाईलैंड

थाईलैंड की पुलिस ने सोमवार 19 अक्टूबर को बड़े पैमाने पर डिजिटल मंचों पर कार्रवाई करते हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों को कवर करने वाले चार मीडिया संस्थानों में जांच करने की घोषणा की है। इस जांच की मंज़ूरी शुक्रवार 16 अक्टूबर को प्रकाशित एक आदेश में की गई थी और सोमवार को ही घोषणा की गई थी। डिजिटल इकोनॉमी और सोसाइटी मिनिस्ट्री द्वारा स्वीकृत ये आदेश चार मीडिया संस्थानों के ख़िलाफ़ किया जाएगा जिसमें प्राचताई, द रिपोर्टर्स, वॉयस टीवी और द स्टैंडर्ड शामिल हैं इसके साथ ही एक ऑनलाइन प्रदर्शन-समर्थक पेज 'फ्री यूथ’ भी शामिल है।

इस आदेश में सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल मंचों पर 300,000 से अधिक URL की जांच भी शामिल होगी, जिसे पुलिस ने थाईलैंड के क़ानूनों के उल्लंघन के तौर पर पहचाना है। इस डिजिटल मंत्रालय ने भी सोमवार को घोषणा की है कि वह फ्री यूथ और चिन्हित किए गए URL के साथ साथ चार मीडिया संस्थानों को ब्लॉक करने के लिए अदालत से आदेश देने की मांग करेगा।

पुलिस के इन फैसलों ने देश में प्रेस की स्वतंत्रता का गला घोंटने के लिए प्रधानमंत्री प्रयुत चान-ओ-चा की सरकार की आलोचना की है। प्राचताई ने ट्विटर पर इस जांच के आदेश को पोस्ट किया, इसे थाईलैंड पर अपनी रिपोर्टिंग के लिए श्रेय के रूप में लिया। इसके इंग्लिश ट्विटर हैंडल पर लिखा है, "मानवाधिकार और थाईलैंड में राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में सटीक जानकारी देने के लिए सम्मानित किया गया है, हम इसे जारी रखने के लिए अपनी पूरी कोशिश करेंगे।"

डिजिटल राइट्स की वकालत करने के वाले समूह मनुष्य फाउंडेशन के डायरेक्टर इमिले पालमी प्रदिजित ने कहा "चूंकि विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध काम नहीं आया, इसलिए सैन्य-समर्थित सरकार सच्चाई बताने वाले युवाओं में डर पैदा करना चाहती है। हम स्वतंत्र मीडिया से विरोध करने का आग्रह करते हैं।”

तीन महीने से अधिक समय से जारी विरोध प्रदर्शनों को समाप्त करने के लिए सैन्य समर्थित इस सरकार ने पिछले सप्ताह आपातकाल की घोषणा की थी। डिजिटल मीडिया संस्थानों और सोशल मीडिया पर हालिया कार्रवाई सरकार द्वारा लागू किए गए आपातकालीन आदेशों का हिस्सा है।

इस आपातकालीन आदेशों के बाद राष्ट्रीय राजधानी बैंकॉक में डेमोक्रेसी मोनूमेंट के पास प्रदर्शनों का आयोजन किया गया क्योंकि रानी और राजकुमार के ले जाने वाली शाही गाड़ी को यहां से गुजरना था। दो एक्टिविस्ट एकाचाई होंगकंगवान और बूनकुएनून पौथॉन्ग रानी की "स्वतंत्रता को नुकसान पहुंचाने" के आरोपों का सामना करेंगे।

पुलिस की इस कार्रवाई के बावजूद विरोध जारी है। रविवार 18 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों की संख्या को लेकर पुलिस का अनुमान है कि बैंकॉक में विभिन्न प्रदर्शनों में 20,000 से अधिक लोग शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों को शहर के प्रमुख चौराहों और स्थलों पर मौजूद देखा जा सकता है।

Thailand
Emergency in Thailand
thailand police
digital platforms

Related Stories

डिजिटल फाइनेंस: कैशलेस होती दुनिया में बढ़ते फ़्रॉड, मुश्किलें भी आसानी भी..

थाईलैंड : प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई में 9 नाबालिगों सहित दर्जनों गिरफ़्तार

थाईलैंडः प्रयुत के अविश्वास प्रस्ताव जीतने के बाद राजधानी में "कार रैली" और प्रदर्शन

थाईलैंडः पुलिस की कार्रवाई के बावजूद "कार" रैली में हज़ारों लोग शामिल हुए

थाईलैंड : बेहतर कोविड राहत की मांग करने वाले प्रदर्शनकारियों पर दमनात्मक कार्रवाई

थाईलैंड के नए संविधान संशोधन विधेयक को व्यापक जनसमर्थन

नए आईटी कानून: सरकार की नीयत और नीति में फ़र्क़ क्यों लगता है?

राजशाही के अपमान के आरोपी तीन थाईलैंड के एक्टिविस्ट ज़मानत पर रिहा

बैंकाक में भूख हड़ताल कर रहे बंदियों की रिहाई की मांग करते हुए सैकड़ों लोगों ने किया प्रदर्शन

क्या भारत भी कुछ सीखेगा: मास्क नहीं पहनने पर थाईलैंड के प्रधानमंत्री पर जुर्माना


बाकी खबरें

  • mayawati
    कृष्ण सिंह
    मुद्दा: सवाल बसपा की प्रासंगिकता का नहीं, दलित राजनीति की दशा-दिशा का है
    26 Feb 2022
    जहां तक बसपा की राजनीतिक प्रासंगिकता का प्रश्न है, तो दो या तीन चुनाव हारने से किसी भी पार्टी की प्रासंगिकता खत्म नहीं होती है। लेकिन असल प्रश्न यह है कि पार्टी की राजनीतिक दशा और दिशा क्या है? साथ…
  • cartoon
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    काश! अब तक सारे भारतीय छात्र सुरक्षित लौट आते
    26 Feb 2022
    बहुत सारे काश हैं, लेकिन क्या कीजिए...युद्धग्रस्त यूक्रेन में फिलहाल करीब 20,000 भारतीय फंसे हुए हैं जिनमें ज्यादातर छात्र हैं। भारत सरकार ने अब उनकी वापसी के प्रयास शुरू किए हैं। एयर इंडिया का विमान…
  • लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव, पांचवा चरण : ख़त्म हो सकती है भाजपा की चुनौती
    26 Feb 2022
    पांचवें चरण के मतदान के साथ यूपी चुनाव 2022 में भाजपा की चुनौती खत्म हो सकती है, क्योंकि इसके बाद पूर्वांचल के आखिरी दो चरणों में बदले सामाजिक समीकरणों के चलते भाजपा की संभावनाएं  क्षीण हो चुकी हैं।
  • Russia
    पीपल्स डिस्पैच
    हम यूक्रेन की निष्पक्षता पर बातचीत करने के लिए प्रतिनिधि मंडल भेजने को तैयार- रूस
    26 Feb 2022
    मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक़ कीव और यूक्रेन के अन्य शहरों के आसपास लड़ाई चल रही है। संयुक्त राष्ट्रसंघ की शरणार्थी संस्था के मुताबिक़, इस युद्ध की वज़ह से फिलहाल 1 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं।
  • tomb
    तारिक़ अनवर
    अयोध्या: राजनीति के कारण उपेक्षा का शिकार धर्मनिरपेक्ष ऐतिहासिक इमारतें
    26 Feb 2022
    यह शहर सिर्फ़ मंदिरों ही नहीं मकबरों और स्मारकों से भी भरा हुआ है जो देश की गंगा-जमुनी तहज़ीब या हिंदू और मुस्लिम संस्कृतियों के आपसी मेल का प्रतीक है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License