NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
बोलीविया सरकार ने इक्वाडोर द्वारा तख़्तापलट सरकार को हथियारों की आपूर्ति की जांच की
बोलिवियाई सरकार के मंत्री एडुआर्डो डेल कैस्टिलो ने बताया कि जीनिने अनेज की डी फैक्टो सरकार के दौरान इक्वाडोर की सरकार द्वारा बोलीविया को नॉन लीथल के साथ युद्धक सामग्री पहुंचाने की अनाधिकारिक सूचना मिली थी।
पीपल्स डिस्पैच
11 Jun 2021
बोलीविया सरकार ने इक्वाडोर द्वारा तख़्तापलट सरकार को हथियारों की आपूर्ति की जांच की

बोलिवियाई सरकार के मंत्री एडुआर्डो डेल कैस्टिलो ने 10 जून को बताया कि साल 2019 में जीनिने अनेज के तख्तापलट सरकार के लिए पूर्व राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो की इक्वाडोर सरकार द्वारा हथियारों की कथित आपूर्ति के मामले में उनकी सरकार ने जांच की थी।

कैस्टिलो ने एक संवाददाता सम्मेलन में मीडिया को बताया, "सरकार को अनाधिकारिक सूचना मिली थी कि न केवल आंसू गैस पहुंचाई गई, बल्कि लेनिन मोरेनो के प्रशासन द्वारा उच्च क्षमता वाले गोला-बारूद और युद्धक गोला-बारूद हमारे देश में पहुंचाए गए थे।"

पिछले हफ्ते, वकील गैरी प्राडो ने बताया था कि रक्षा मंत्रालय के माध्यम से पूर्व सरकार के मंत्री आर्टुरो मुरिलो, इक्वाडोर से अनेज की डी-फैक्टो शासन के दौरान नॉन-लीथल एंटी-रॉयट सामग्री बोलीवियाई पुलिस को देने के बहाने आंसू गैस लेने में कामयाब रहे।

इस संबंध में कैस्टिलो ने कहा कि ये जांच डी-फैक्टो सरकार के दौरान आपूर्ति किए गए युद्ध हथियारों के उद्देश्यों का पता लगाएगा। कैस्टिलो ने कहा, “हम समझते हैं कि आंसू गैस का एक बड़ा हिस्सा कर्ज पर लिया गया। हम देखेंगे कि क्या इक्वाडोर के कानूनी नियम लेनिन मोरेनो को युद्ध के हथियारों को दूसरे देशों में भेजने की अनुमति देते हैं।”

कल, एजेंसिया बोलिवियाना डी इनफॉर्मैसिओन (एबीआई) ने इक्वाडोर सरकार के मंत्रालय से एक आधिकारिक दस्तावेज जारी किया जिसमें यह पता चला है कि मोरेनो के प्रशासन ने नवंबर 2019 में अनेज की सरकार को 5,500 ग्रेनेड और 2,949 प्रोजेक्टाइल दिए।

27 मई, 2020 के इस दस्तावेज़ में लिखा है कि इक्वाडोर के पुलिस कमांडर, हर्नान पैट्रीसियो कैरिलो रोसेरो ने बोलीविया के मिलिट्री अटैचे जोस लुइस फ्रिआस से अनुरोध किया कि वे नियंत्रणकारी तत्वों की वापसी का समन्वय करें जिसे इस देश ने नवंबर 2019 में बोलीविया की डी फैक्टो सरकार डे को प्रदान किया था।

bolivia
Ecuador

Related Stories

इक्वाडोर के नारीवादी आंदोलनों का अप्रतिबंधित गर्भपात अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प

क्या चिली की प्रगतिशील सरकार बोलीविया की समुद्री पहुंच के रास्ते खोलेगी?

पत्रकारिता एवं जन-आंदोलनों के पक्ष में विकीलीक्स का अतुलनीय योगदान 

बोलिवियाई लोगों को तख्तापलट करने वाली नेता जीनिन आनेज़ के जेल से भागने की आशंका

इक्वाडोर के लोग राष्ट्रपति लासो की आर्थिक नीतियों के ख़िलाफ़ लामबंद

इंटरकल्चरल एजुकेशन लॉ लागू करने की मांग को लेकर इक्वाडोर के शिक्षक भूख हड़ताल पर

बोलिविया के तख़्तापलट में शस्त्र मुहैया कराने के मामले में अर्जेंटीना ने जांच शुरू की

दुनिया भर की: अमेरिकी महाद्वीप में समाजवादी व्यवस्थाओं का इम्तिहान

दक्षिणपंथी गुइलर्मो लास्सो ने इक्वाडोर के राष्ट्रपति पद का चुनाव जीता

विजेता वाम उम्मीदवार ने इक्वाडोर में दूसरे दौर के राष्ट्रपति चुनावों में बाधा डालने की योजना की चेतावनी दी


बाकी खबरें

  • workers
    रौनक छाबड़ा
    दिल्ली: ट्रेड यूनियन के साइकिल अभियान ने कामगारों के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा शुरू करवाई
    18 Oct 2021
    ट्रेड यूनियनों की मुख्य मांग में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 26000 न्यूनतम भत्ता और चार लेबर कोड की वापसी शामिल हैं।
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: कहीं पे निगाहें, कहीं पर निशाना
    18 Oct 2021
    जैसे-जैसे देश में चुनाव आते हैं, अचानक कश्मीर आ जाता है, बांग्लादेश आ जाता है, पाकिस्तान तो बिना न्यौते के ही जाता है। फिर कैमरे के फ़ोकस में बाक़ी देश को हटाकर इन जगहों को सेट कर दिया जाता है ताकि…
  • mayawati
    लाल बहादुर सिंह
    सियासत: उत्तर प्रदेश चुनाव में दलित एजेंडा कहां है?
    18 Oct 2021
    तथ्य यह है कि  डबल इंजन  सरकार की चौतरफ़ा तबाही का जो तबका सबसे बदतरीन शिकार हुआ है,  सबसे बड़ी मार जिस तबके पर पड़ी है, वे दलित ही हैं।
  • covid
    ऋचा चिंतन
    टीबी के ख़िलाफ़ भारत की जंग: बदतर हालात, चुप्पी साधे सरकार, दवाओं के स्टॉक खाली
    18 Oct 2021
    टीबी के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में भारत का खराब प्रदर्शन जारी है, लेकिन डेलमानिड के स्टॉकआउट होने और परीक्षण किट्स की कमी के रूप में अतिरिक्त चुनौतियां सामने आ रही हैं। इन कमियों के बारे में…
  • mukesh
    राज वाल्मीकि
    मुकेश मानस; असमय स्मृति शेष : क्यों तुम चले गए!
    18 Oct 2021
    मुकेश जी आपका यूं अचानक चले जाना आपके सभी चाहने वालों के लिए, दलित साहित्य और दलित प्रगतिशील आंदोलन के लिए, हमसब के लिए गहरा सदमा है। हमें इस तरह का दुखद सरप्राइज देते हुए जाना नहीं था आपको!
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License