NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
म्यांमार में तख्तापलट शासन ने लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ हिंसात्मक कार्रवाई की
1 फरवरी को हुए तख्तापलट के बाद से गत रविवार को देश के विभिन्न हिस्सों में सशस्त्र बलों द्वारा हिंसात्मक कार्रवाई में कम से कम 18 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई।
पीपल्स डिस्पैच
01 Mar 2021
म्यांमार

म्यांमार में लगभग एक महीने से जारी लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों का रविवार 28 फरवरी को सबसे खून खराबे वाला दिन रहा। तख्तापलट सरकार द्वारा इन प्रदर्शनकारियों पर हिंसात्मक कार्रवाई की गई जिसमें क़रीब 18 लोग मारे गए। पुलिस और सशस्त्र बलों ने देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस, वाटर केनन और गोलियां चलाईं जिसमें कई लोगों की मौत हो गई और कई लोग गंभीर रुप से घायल हो गए।

संयुक्त राष्ट्र और कई अन्य देशों द्वारा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ तेज की गई हिंसात्मक कार्रवाई की निंदा की गई है। रविवार की घटना के बाद म्यांमार में तख्तापलट विरोधी और लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शन में मृतकों की संख्या 21 तक पहुंच गई है। 1 फरवरी को हुए सैन्य तख्तापलट के बाद से ये प्रदर्शन शुरू हुआ था। पिछले साल हुए चुनावों में आंग सान सू की की नेशनल लीग ऑफ डेमोक्रेसी पर हेराफेरी का आरोप लगया गया था। इस चुनाव में सू की की पार्टी को वियजी घोषित किया गया था।

माना जाता है कि रविवार को 1,000 लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने पिछले सप्ताह एक पत्रकार थीन ज़ॉ को भी गिरफ्तार किया जो अभी पुलिस हिरासत में है।

सशस्त्र बलों द्वारा अपनाई गई मजबूत सशस्त्र रणनीति और सैन्य नेतृत्व वाले तख्तापलट सरकार की रणनीति को चुनौती देते हुए हजारों की संख्या में लोग म्यांमार के शहरों दवई, म्येइक, यंगून, मंडालेय, पोकोक्कु जैसे शहरों में सड़कों पर उतर गए और तख्तापलट शासन के खिलाफ लोकतंत्र के समर्थन में नारे लगाए। 20 फरवरी को मंडालेय में सुरक्षा बलों द्वारा दो प्रदर्शनकारियों की हत्या के बाद विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है।

आंग सान सू की की निर्वाचित सरकार को सत्ता सौंपने की मांग करने वाले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सेना द्वारा की गई कार्रवाईयों में रविवार को हुई हत्या की घटनाओं में सबसे अधिक प्रदर्शनकारी हताहत हुए हैं।

इस बीच, तख्तापलट प्रशासन द्वारा सू की के खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करने के लिए वह सोमवार को अदालत में पेश हुईं।

Myanmar
Myanmar armed forces
Aung San Suu

Related Stories

भारत के कर्तव्यों का उल्लंघन है रोहिंग्या शरणार्थियों की हिरासत और उनका निर्वासन

कैसे सैन्य शासन के विरोध ने म्यांमार को 2021 के तख़्तापलट के बाद से बदल दिया है

तख़्तापल्ट का एक वर्ष: म्यांमार का लोकतंत्र समर्थक प्रतिरोध आशाजनक, लेकिन अंतरराष्ट्रीय एकजुटता डगमग

म्यांमार के प्रति भारतीय विदेश नीति अब भी अस्पष्ट बनी हुई है

म्यांमार में 4,800 खदान कर्मचारियों की हड़ताल के छह महीने पूरे

म्यांमार की पुरानी रिपोर्ट कोलकाता में रोहिंग्या मुसलमानों द्वारा हिंदुओं की हत्या के नाम पर शेयर की

म्यांमार के नयपीडाव में सैन्य छापेमारी में 31 लोग मारे गए

रोहिंग्या कैंप: आग लगने के बाद अब क्या हैं हालात

दिल्ली के इकलौते रोहिंग्या कैंप में बार-बार आग लगने से उठते सवाल

सुप्रीम कोर्ट का रोहिंग्या मुसलमानों को वापस भेजने का फ़ैसला कितना मानवीय?


बाकी खबरें

  • up elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी में न Modi magic न Yogi magic
    06 Mar 2022
    Point of View के इस एपिसोड में पत्रकार Neelu Vyas ने experts से यूपी में छठे चरण के मतदान के बाद की चुनावी स्थिति का जायज़ा लिया। जनता किसके साथ है? प्रदेश में जनता ने किन मुद्दों को ध्यान में रखते…
  • poetry
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता : 'टीवी में भी हम जीते हैं, दुश्मन हारा...'
    06 Mar 2022
    पाकिस्तान के पेशावर में मस्जिद पर हमला, यूक्रेन में भारतीय छात्र की मौत को ध्यान में रखते हुए पढ़िये अजमल सिद्दीक़ी की यह नज़्म...
  • yogi-akhilesh
    प्रेम कुमार
    कम मतदान बीजेपी को नुक़सान : छत्तीसगढ़, झारखण्ड या राजस्थान- कैसे होंगे यूपी के नतीजे?
    06 Mar 2022
    बीते कई चुनावों में बीजेपी को इस प्रवृत्ति का सामना करना पड़ा है कि मतदान प्रतिशत घटते ही वह सत्ता से बाहर हो जाती है या फिर उसके लिए सत्ता से बाहर होने का खतरा पैदा हो जाता है।
  • modi
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: धन भाग हमारे जो हमें ऐसे सरकार-जी मिले
    06 Mar 2022
    हालांकि सरकार-जी का देश को मिलना देश का सौभाग्य है पर सरकार-जी का दुर्भाग्य है कि उन्हें यह कैसा देश मिला है। देश है कि सरकार-जी के सामने मुसीबत पर मुसीबत पैदा करता रहता है।
  • 7th phase
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव आख़िरी चरण : ग़ायब हुईं सड़क, बिजली-पानी की बातें, अब डमरू बजाकर मांगे जा रहे वोट
    06 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश में अब सिर्फ़ आख़िरी दौर के चुनाव होने हैं, जिसमें 9 ज़िलों की 54 सीटों पर मतदान होगा। इसमें नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी समेत अखिलेश का गढ़ आज़मगढ़ भी शामिल है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License