NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सरकार के तानाशाहीपूर्ण चेहरे ने बढ़ाया जनता का विरोध: सीपीएम
सीपीएम ने कहा कि केन्द्र और राज्यों में भाजपा की सरकारें देश के नागरिकों के एकजुट होने, विरोध करने और अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकारों पर हमले कर रही हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
26 Dec 2019
CPIM

नई दिल्ली: सीपीएम ने मोदी सरकार पर तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुये कहा है कि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (एनआरसी) के मुद्दे पर सरकार की हठधर्मिता ने लोगों के विरोध को बढ़ा दिया है और पार्टी इसके विरोध में आठ जनवरी को देशव्यापी हड़ताल करेगी।

सीपीएम के मुखपत्र ‘पीपुल्स डेमोक्रेसी’ के संपादकीय लेख में पार्टी ने कहा, ‘संसद से नागरिकता संशोधन विधेयक पारित होने के बाद, पिछले 15 दिन भारत के राजनीतिक इतिहास के लिये महत्वपूर्ण साबित हुये। इस अवधि में दो परस्पर विरोधी बातें उजागर हुयीं। पहली यह कि मोदी सरकार ने पूरी तरह से तानाशाही पूर्ण रवैया अपना लिया है और दूसरी बात यह साबित हुयी कि सीएए और एनआरसी के मुद्दे पर उपजा देशव्यापी विरोध संविधान और देश के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप पर हुये हमले के खिलाफ जनता के गुस्से का प्रतीक था।’

मुखपत्र में सीपीएम ने कहा कि केन्द्र और राज्यों में भाजपा की सरकारें देश के नागरिकों के एकजुट होने, विरोध करने और अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकारों पर हमले कर रही हैं। चार से अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगाने वाली दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144, भाजपा शासित राज्यों और दिल्ली, जहां पुलिस केन्द्र सरकार के मातहत है, में लागू की गयी। पार्टी ने कहा कि सबसे बुरे हालात भाजपा शासित राज्य उत्तर प्रदेश में पैदा हुये, जहां राज्यव्यापी स्तर पर निषेधाज्ञा लागू की गयी।

पार्टी ने सरकार पर धारा 144 जैसे उपनिवेशकालीन प्रावधानों के आधार पर संविधान प्रदत्त नागरिक अधिकारों पर रोक लगाने का आरोप लगाते हुये कहा कि असम में नौ दिनों तक इंटरनेट बंद रहने के बाद उच्च न्यायालय के आदेश पर इसे बहाल किया गया। सीपीएम ने कहा, ‘कश्मीर में साढ़े चार महीने से इंटरनेट बंद है और किसी क्षेत्र में इंटरनेट बंद होने का यह विश्व रिकॉर्ड है।’

सीपीएम के मुताबिक, सरकार इस सच्चाई को झुठला नहीं सकती कि सीएए, एनआरसी और एनपीआर, एक दूसरे से जुड़े हैं। पार्टी ने कहा कि सीएए और एनआरसी के पीछे भाजपा सरकार का धार्मिक एजेंडा है और हाल ही में झारखंड विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार ने साबित कर दिया कि जनता ने सरकार के इस एजेंडे को नकार दिया है।
 
पार्टी ने कहा कि देश को धर्म के आधार पर बांटने के भाजपा के एजेंडे को जनता के बीच उजागर करने के लिये सीपीएम ने आठ जनवरी को देशव्यापी स्तर पर हड़ताल का आह्वान किया है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

CPIM
BJP
dictatorship
CAA
modi sarkar
NRC
Jammu and Kashmir
Jharkhand Elections 2019

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल


बाकी खबरें

  •  Air Force College
    सोनिया यादव
    क्या सेना की प्रतिष्ठा बचाने के लिए पीड़िताओं की आवाज़ दबा दी जाती है?
    02 Oct 2021
    वायु सेना में एक महिला अफ़सर के कथित यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी अफ़सर के अलावा भारतीय वायुसेना पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
  • Gandhi ji
    शंभूनाथ शुक्ल
    अब्दुल्ला सेठ ने बनाया उन्हें महात्मा!
    02 Oct 2021
    गांधी जी के अंदर सेकुलरिज्म के ऐसे पुख्ता संस्कार डालने में भी मुसलमानों का बड़ा रोल रहा है।
  • Defence
    रौनक छाबड़ा
    रायशुमारी में 99 फीसदी से अधिक रक्षाकर्मियों ने ओएफबी के निगमीकरण के ख़िलाफ़ वोट दिए
    02 Oct 2021
    इस रायशुमारी के नतीजे रक्षा मंत्री के आयुध निर्माण कारखाने का विघटन कर उसकी जगह नए संघठित सात सार्वजनिक रक्षा उपक्रमों (डीपीएसयू) के पहली अक्टूबर से प्रभावी होने संबंधित आदेश जारी करने के एक दिन बाद…
  • mahatma gandhi
    अनिल जैन
    ...और गांधी जी ने 125 वर्ष तक जीने की इच्छा त्याग दी!
    02 Oct 2021
    हत्या से पहले आज़ाद भारत में अपने पहले जन्मदिन 2 अक्टूबर पर गांधीजी ने पूछा था, ''आज मुझे बधाइयां क्यों दी जा रही हैं? क्या इससे बेहतर यह नहीं होता कि मुझे शोक संदेश भेजा जाता?’’
  • Gandhi
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    एक चिट्ठी बापू के नाम
    02 Oct 2021
    बापू, आप तो ‘सरकार जी’ के लिए सिर्फ़ याद करने के लिए ही हैं। काम करने के लिए तो सावरकर और गोडसे ही आदर्श हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License