NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अफ़ग़ानिस्तान के लोगों को छोड़ा नहीं है: भारतीय राजदूत
एअर इंडिया काबुल तक अपनी वाणिज्यिक सेवा जारी रखेगी, जब तक वहां हवाईअड्डा कार्यात्मक है। विदेश मंत्रालय ने वहां एक हेल्प डेस्क खोला है ताकि कोई भी जो वहां फंसा है, उसे किसी तरह यहां लाया जाए।
भाषा
17 Aug 2021
अफ़ग़ानिस्तान के लोगों को छोड़ा नहीं है: भारतीय राजदूत

जामनगर: अफ़ग़ानिस्तान में भारत के राजदूत रुद्रेंद्र टंडन ने मंगलवार को कहा कि भारत ने युद्धग्रस्त देश के लोगों को छोड़ा नहीं है, जिनके साथ नयी दिल्ली ने दीर्घकालिक संबंध बनाए हैं और जो अब तालिबान के नियंत्रण में है।

टंडन ने कहा कि अफ़ग़ान लोगों का कल्याण और ‘‘उनके साथ हमारे संबंध हमारे दिमाग में है।’’ उन्होंने तालिबान के कब्जे के बाद अफ़ग़ानिस्तान से भारतीयों की सुरक्षित वापसी पर खुशी व्यक्त की, जहां के नागरिक अब अनिश्चित भविष्य का सामना कर रहे हैं।

उन्होंने जामनगर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमें खुशी है कि हम बिना किसी अप्रिय घटना के सुरक्षित तरीके से वापस आ गए। हमारा 192 कर्मियों का एक बहुत बड़ा मिशन था, जिन्हें दो चरणों में बहुत ही व्यवस्थित तरीके से तीन दिनों की अवधि के भीतर अफ़ग़ानिस्तान से निकाला गया।’’

टंडन सहित 120 लोगों के साथ भारतीय वायुसेना का एक विमान मंगलवार को अफ़ग़ानिस्तान के काबुल से गुजरात के जामनगर एयरबेस पर उतरा।

अफ़ग़ानिस्तान में तेजी से बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के बीच एक आपातकालीन निकासी के तहत विमान ने भारतीय कर्मियों को लेकर काबुल से उड़ान भरी थी। इसके बाद विमान ईंधन भरने के बाद जामनगर से नयी दिल्ली के लिए रवाना हुआ।

टंडन ने कहा कि मिशन के कर्मियों के अलावा जिन लोगों को अफ़ग़ानिस्तान से निकाला गया उनमें एअर इंडिया जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में काम करने वाले लोग और अन्य भारतीय नागरिक शामिल हैं, जिन्होंने वहां ‘‘तेजी से बदलती स्थिति के कारण खुद को संकट में’’ पाया।

राजदूत ने अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के हिंसा के जरिये कब्जे के बाद वहां की स्थिति पर कहा कि युद्धग्रस्त देश के लोगों का कल्याण अभी भी भारत के दिमाग में है। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा नहीं है कि हमने अफ़ग़ानिस्तान के लोगों को छोड़ दिया है। उनका कल्याण और उनके साथ हमारे संबंध हमारे दिमाग में है। हम आगे कोशिश करेंगे और उनके साथ संवाद जारी रखेंगे, निश्चित रूप से मैं वास्तव में यह नहीं कह सकता कि यह किस तरह से होगा क्योंकि स्थिति काफी बदल रही है।’’

टंडन ने कहा कि भारतीयों की सुरक्षित वापसी पर भारतीय दूतावास ने एक नीति अपनायी थी, जिसके तहत ‘‘जो कोई भी दूतावास में पहुंचता था, उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और बाहर निकलने का रास्ता सुनिश्चित करने के लिए उसे परिसर के अंदर ले लिया जाता था। हम अभी भी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं क्योंकि वहां कुछ भारतीय हैं, यही कारण है कि एअर इंडिया काबुल तक अपनी वाणिज्यिक सेवा जारी रखेगी, जब तक वहां हवाईअड्डा कार्यात्मक है।’’

उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय ने वहां एक हेल्प डेस्क खोला है ताकि कोई भी जो वहां फंसा है, उसे किसी तरह यहां लाया जाए।’’

टंडन के अनुसार, हालांकि कुछ भारतीयों ने वहां से निकलने के लिए दूतावास से संपर्क किया, फिर भी उन्हें अभी वापस नहीं लाया जा सका क्योंकि वे ‘‘बहुत दूर थे और उन क्षेत्रों में थे, जहां अब पहुंचना संभव नहीं था।’’ उन्होंने कहा कि इसके अलावा, कई अन्य लोग भी हैं, जिन्होंने पहले काबुल में रहने का विकल्प चुना था, लेकिन बाद में ‘‘अपना मन बदल लिया, ऐसे लोगों को भी वाणिज्यिक सेवा शुरू होने के बाद वापस लाया जाएगा।’’

अफ़ग़ानिस्तान में अभी भी फंसे भारतीयों की सही संख्या के बारे में पूछे जाने पर, टंडन ने कहा कि यह आंकड़ा 40 से 50 हो सकता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि कई भारतीयों ने दूतावास में अपना पंजीकरण नहीं कराया है, जिससे मिशन अधिकारियों के लिए संपर्क करना मुश्किल हो गया है।

अफ़ग़ानिस्तान के घटनाक्रम के मद्देनजर प्रधानमंत्री ने की सीसीएस की बैठक

नयी दिल्ली: अफ़ग़ानिस्तान की सत्ता पर तालिबान के नियंत्रण के मद्देनजर पैदा हुई परिस्थितियों की समीक्षा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक की।

आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। हालांकि, बैठक में क्या चर्चा हुई इस बारे में उन्होंने कुछ नहीं बताया।

उनके मुताबिक बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला , अफ़ग़ानिस्तान में भारत के राजदूत आर टंडन सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी के देश छोड़कर चले जाने के बाद रविवार को तालिबान ने काबुल पर कब्जा कर लिया। इसके बाद से वहां अफरा-तफरी का माहौल है।

केरल सरकार ने काबुल में फंसे 41 केरलवासियों की सुरक्षित वापसी के लिए केंद्र के हस्तक्षेप की मांग की

तिरुवनंतपुरम: केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने अफ़ग़ानिस्तान में सत्ता पर तालिबान के कब्जा जमाने के मद्देनजर मंगलवार को केंद्र से काबुल में फंसे 41 मलयाली लोगों को स्वदेश लाने के लिए तत्काल कदम उठाने का अनुरोध किया। इन लोगों में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।

सरकारी सूत्रों ने यहां बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर केरल के गैर निवासियों के लिए काम करने वाली सरकारी एजेंसी ‘एनओआरकेए’ ने इस संबंध में विदेश मंत्रालय को एक पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री विजयन के निर्देशानुसार राज्य सरकार के प्रधान सचिव के एलंगोवन और एनओआरकेए के सीईओ हरिकृष्णन नम्बूदिरी के. ने मंत्रालय को अलग-अलग पत्र भेजे, जिसमें वहां फंसे केरलवासियों की दुर्दशा के बारे में बताया गया है।

पत्र में एलंगोवन ने कहा, ‘‘विभिन्न कंपनियों में काम करने वाले 41 मलयाली लोगों ने सरकार से अनुरोध किया है कि वे भारत में उनकी सुरक्षित वापसी की तत्काल व्यवस्था करें। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।’’ उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को प्राप्त कुछ संदेशों में यहां तक कहा गया है कि तालिबान में फंसे हुए भारतीयों की पहचान की पुष्टि कर रहे हैं और उनके पासपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज ले जा रहे हैं।

पत्र में यह भी कहा गया है कि ‘‘मलयाली लोगों के जीवन पर एक बड़ा खतरा मंडरा रहा है।’’ इससे पहले, नम्बूदिरी ने काबुल में फंसे कुछ मलयाली लोगों से संपर्क किया और कहा कि यह पता लगाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं कि क्या अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी में और केरलवासी फंसे हुए हैं।

सरकारी सूत्रों ने बताया कि एनओआरकेए ने प्राप्त जानकारी को विदेश मंत्रालय को पहले ही भेज दिया है।

Afghanistan
TALIBAN
Indian Ambassador

Related Stories

रूस पर बाइडेन के युद्ध की एशियाई दोष रेखाएं

सीमांत गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष: सभी रूढ़िवादिता को तोड़ती उनकी दिलेरी की याद में 

भारत ने खेला रूसी कार्ड

भारत को अफ़ग़ानिस्तान पर प्रभाव डालने के लिए स्वतंत्र विदेश नीति अपनाने की ज़रूरत है

कैसे कश्मीर, पाकिस्तान और धर्मनिर्पेक्षता आपस में जुड़े हुए हैं

भारत और अफ़ग़ानिस्तान:  सामान्य ज्ञान के रूप में अंतरराष्ट्रीय राजनीति

अगर तालिबान मजबूत हुआ तो क्षेत्रीय समीकरणों पर पड़ेगा असर?

बाइडेन प्रशासन अफ़ग़ानों के साथ जो कर रहा है वह क्रूरता है!

अफ़ग़ान छात्रों को भारत से वापस भेजे जाने पर तालिबान द्वारा हत्या का डर

150 से अधिक प्रतिष्ठित नागरिक जावेद अख़्तर और नसीरुद्दीन शाह के समर्थन में उतरे


बाकी खबरें

  • kisan andolan
    राजेंद्र शर्मा
    ओये किसान, तू तो बड़ा चीटिंगबाज़ निकला!
    27 Nov 2021
    कटाक्ष: बेचारे मोदी जी को साल भर, जी हां पूरे साल भर, इसके सब्ज़बाग़ दिखाए कि बस, तीन कानूनों की वापसी की ही बात है। तीन कानून बस। इधर कानून वापस हुए और उधर बार्डर खाली, लेकिन...
  •  Prayagraj murder and rape case
    सोनिया यादव
    यूपी: प्रयागराज हत्या और बलात्कार कांड ने प्रदेश में दलितों-महिलाओं की सुरक्षा पर फिर उठाए सवाल!
    27 Nov 2021
    इस घटना के बाद एक बार विपक्ष खस्ता कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर हमलावर है, तो वहीं सरकार इस मामले में फिलहाल चुप्पी साधे हुए है। हालांकि राज्य में एक के बाद एक घटित हो रही ऐसी घटनाएं सरकार के '…
  • ncrt
    गौरी आनंद
    ट्रांसजेंडर छात्रों के लिए NCERT वेबसाइट पर डाली गई शिक्षक प्रशिक्षण नियमावली को हटाया गया, LGBTQ+ समूहों ने किया विरोध
    27 Nov 2021
    700 से ज़्यादा लोगों द्वारा हस्ताक्षरित पत्र को सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को भेजा गया।
  • farming
    डॉ. ज्ञान सिंह
    किसानों की बदहाली दूर करने के लिए ढेर सारे जायज कदम उठाने होंगे! 
    27 Nov 2021
    केवल 3 कृषि कानूनों को वापस ले लेने से ही छोटे किसानों, खेतिहर मजदूरों और ग्रामीण कारीगरों की दुर्दशा में सुधार नहीं होने जा रहा है। भारी कर्ज और बेहद गरीबी में जी रहे किसानों की भलाई के लिए ढेर सारे…
  • poverty
    भरत डोगरा
    डेटा: ग़रीबी कम करने में नाकाम उच्च विकास दर
    27 Nov 2021
    सरकार को असमानता को कम करना चाहिए और जीडीपी विकास दर को बढ़ा-चढ़ा कर पेश नहीं करना चाहिए। ग़रीबों को कोने में धकेलते हुए उनकी क़ीमत पर, आय और पूंजी को चंद मुट्ठियों में जमा किया जा रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License