NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बिहार में सबसे ज़्यादा ग़रीबः नीति आयोग
सात सूचकांकों में बिहार की स्थिति सबसे ज़्यादा ख़राब है। पोवर्टी, न्यूट्रिशन, मैटरनल हेल्थ, स्कूल अटेंडेस, कुकिंग फ्यूल व इलेक्ट्रिसिटी के मामले में सबसे ज़्यादा बदतर है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
26 Nov 2021
niti ayog

नीति आयोग की ओर से जारी नेशनल मल्टीडाइमेंशनल पोवर्टी इंडेक्स-बेसलाइन रिपोर्ट में बिहार की स्थिति करीब-करीब सभी क्षेत्रों में बदतर है। नीति आयोग द्वारा यह आकलन एनएफएचएस-4 के आंकड़ों पर किया गया है। इस रिपोर्ट ने नीतीश सरकार के विकास के दावे की पोल खोल दी है। सात सूचकांकों में बिहार की स्थिति सबसे खराब है। गरीबी, न्यूट्रिशन, मैटरनल हेल्थ, स्कूल अटेंडेस, कुकिंग फ्यूल व इलेक्ट्रिसिटी के मामले में सबसे ज्यादा खराब है। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार केरल की स्थिति सबसे बेहतर है जहां 0.71 प्रतिशत लोग ही गरीब हैं।

पोवर्टी

बिहार का मल्टीडाइमेंशनल पोवर्टी इंडेक्स 0.265 है। राज्य में 38 जिले हैं जिनमें से 22 जिलों में 50 प्रतिशत से अधिक आबादी गरीब है। सबसे ज्यादा गरीबी किशनगंज में हैं। यहां 64.75 प्रतिशत जनसंख्या गरीब है। इस सूचकांक में किशनगंज के बाद अररिया (64.65 प्रतिशत), मधेपुरा जिला (64.43 प्रतिशत), पूर्वी चंपारण (64.13 प्रतिशत), सुपौल (64.10 प्रतिशत), जमुई (64.01 प्रतिशत), सीतामढ़ी (63.46 प्रतिशत), पूर्णिया (63.29 प्रतिशत), कटिहार (62.80 प्रतिशत), सहरसा (61.48 प्रतिशत) और शिवहर (60.30 प्रतिशत) जिलें हैं।

इस रिपोर्ट में बिहार की 51.91 प्रतिशत जनसंख्या को मल्टीडाइमेंशनली पुअर दिखाया गया है वहीं 51.88 प्रतिशत लोग न्यूट्रिशन से वंचित हैं। राज्य की 45.62 प्रतिशत जनसंख्या मैटरनल हेल्थ से वंचित है। बिहार के बाद सबसे खराब स्थिति झारखंड की है जहां 42.16 प्रतिशत जनसंख्या मल्टीडाइमेंशली पुअर हैं। वहीं उत्तर प्रदेश में 37.79 प्रतिशत जनसंख्या गरीब हैं।

न्यूट्रिशन

बिहार में न्यूट्रिशन के मामले भी देश के सभी राज्यों से पिछड़ा हुआ है। यहां 51.88 प्रतिशत जनसंख्या न्यूट्रिशन से वंचित है जो कि देश में सबसे अधिक है। वहीं झारखंड में 47.99 प्रतिशत जनसंख्या न्यूट्रिशन से वंचित हैं जबकि मध्य प्रदेश में 45.49 प्रतिशत जनसंख्या इससे वंचित हैं। इस श्रेणी में सबसे बेहतर स्थिति सिक्किम की है जहां महज 13.32 प्रतिशत जनसंख्या ही न्यूट्रिशन से वंचित हैं।

मैटरनल हेल्थ

मैटरनल हेल्थ की श्रेणी में बिहार की स्थिति भी देश भर में सबसे ज्यादा खराब है। यहां 45.62 प्रतिशत महिलाएं मैटरनल हेल्थ से वंचित हैं। नीति आयोग की रिपोर्ट में बिहार के बाद सबसे खराब स्थिति उत्तर प्रदेश की है, जहां 35.45 प्रतिशत महिलाएं मैटरनल हेल्थ से वंचित हैं। उत्तर प्रदेश के बाद तीसरे स्थान पर झारखंड है, जहां 33.07 प्रतिशत महिलाएं मैटरनल हेल्थ से वंचित हैं।

स्कूल अटेंडेंस

स्कूली शिक्षा की श्रेणी में भी बिहार सबसे निचले स्तर पर है। यहां 26.27% बच्चों की स्कूली शिक्षा पूरी नहीं हुई। बिहार के बाद मेघालय है, जहां 19.71 प्रतिशत बच्चे स्कूली शिक्षा से वंचित रहे, वहीं झारखंड में18.32 प्रतिशत, अरूणाचल प्रदेश 17.77 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश में 17.52 प्रतिशत बच्चे स्कूली शिक्षा से वंचित रहे।

कुकिंग फ्यूल

बिहार की 63.20 प्रतिशत जनसंख्या खाना बनाने के लिए इसके प्राथमिक इंधनों अर्थात उपले, कृषि के अपशिष्ट, झाड़-झंखाड़, चारकोल या कोयला पर निर्भर हैं। ये सभी राज्यों की तुलना में सबसे अधिक है। बिहार के बाद झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, असम, मेघालय व अन्य राज्य हैं। एनएफएचएस-4 में बिहार की 82.92 प्रतिशत जनसंख्या खाना बनाने के लिए प्राथमिक इंधनों पर निर्भर थी।

इलेक्ट्रिसिटी

इस मद में एनएफएचएस-4 के अनुसार 39.86 प्रतिशत घर को वंचित दिखाया गया है। जबकि एनएफएचएस-5 के प्रोविजनल आंकड़ों के अनुसार 3.70 प्रतिशत घर को वंचित दिखाया गया है। बिहार के बाद उत्तर प्रदेश है, जहां 27.43 प्रतिशत घरों के इससे वंचित दिखाया गया है। यूपी के बाद असम, झारखंड, ओडिशा को दिखाया गया है।

सैनिटेशन

नीति आयोग की रिपोर्ट में बिहार में 73.61 प्रतिशत जनसंख्या को वंचित बताया गया है। सबसे खराब स्थिति वाले राज्यों में बिहार दूसरे नंबर पर है। एनएफएचएस-5 के आंकड़ों के अनुसार 50.60 प्रतिशत वंचित हैं। पहले स्थान पर झारखंड है, जहां 75.32 प्रतिशत जनसंख्या को इससे वंचित दिखाया गया है। एनएफएचएस-5 के आंकड़ों के अनुसार 40.30 जनसंख्या को इससे वंचित बताया गया। सैनिटेशन की श्रेणी में तीसरे स्थान पर ओडिशा है, जहां 70.43 प्रतिशत जनसंख्या इससे वंचित हैं।

हाउसिंग

73.73 प्रतिशत जनसंख्या को घर से वंचित दिखाया गया है। एनएफएचएस-5 के अनुसार 65.30 प्रतिशत को घर से वंचित बताया गया है। इस श्रेणी में पहले स्थान पर मणिपुर है, जहां 81.49 प्रतिशत आबादी को वंचित बताया गया है। इसके बाद अरूणाचल प्रदेश, असम और त्रिपुरा है।

NITI Aayog
Bihar
poverty
Hunger Crisis
malnutrition

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बिहारः नदी के कटाव के डर से मानसून से पहले ही घर तोड़कर भागने लगे गांव के लोग

मिड डे मिल रसोईया सिर्फ़ 1650 रुपये महीने में काम करने को मजबूर! 

बिहार : दृष्टिबाधित ग़रीब विधवा महिला का भी राशन कार्ड रद्द किया गया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

UN में भारत: देश में 30 करोड़ लोग आजीविका के लिए जंगलों पर निर्भर, सरकार उनके अधिकारों की रक्षा को प्रतिबद्ध

बिहार : जन संघर्षों से जुड़े कलाकार राकेश दिवाकर की आकस्मिक मौत से सांस्कृतिक धारा को बड़ा झटका


बाकी खबरें

  • JANAZA
    ज़ाकिर अली त्यागी
    हरदोई: क़ब्रिस्तान को भगवान ट्रस्ट की जमीन बता नहीं दफ़नाने दिया शव, 26 घंटे बाद दूसरी जगह सुपुर्द-ए-खाक़!
    08 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश के हरदोई बीजेपी से जुड़े एक शख़्स ने शव को दफ़्न करने से रोक दिया, और क़ब्रिस्तान की ज़मीन पर अपना दावा ठोक दिया, हैरानी की बात यह रही कि कार्रवाई करने की बजाय प्रशासन भी उनकी ताल में…
  • अपने वर्चस्व को बनाए रखने के उद्देश्य से ‘उत्तराखंड’ की सवर्ण जातियां भाजपा के समर्थन में हैंः सीपीआई नेता समर भंडारी
    एजाज़ अशरफ़
    अपने वर्चस्व को बनाए रखने के उद्देश्य से ‘उत्तराखंड’ की सवर्ण जातियां भाजपा के समर्थन में हैंः सीपीआई नेता समर भंडारी
    08 Jan 2022
    यह समझना महत्वपूर्ण होगा कि आखिर क्यों रक्षा कर्मी हिंदुत्व के समर्थन में हैं और पर्यावरण का मुद्दा इस पहाड़ी राज्य के लिए चुनावी मुद्दा नहीं है।
  • ECI
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    5 राज्यों में चुनाव तारीख़ों की घोषणा, यूपी में 7 चरणों में चुनाव, 10 मार्च को मतगणना
    08 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश में 10 फरवरी से लेकर 7 मार्च तक 7 चरणों में मतदान होगा, वहीं उत्तराखंड, पंजाब और गोवा में 14 फरवरी को एक चरण में और मणिपुर में दो चरणों में वोट डाले जाएंगे। इसी के साथ 15 जनवरी तक रैली,…
  • रवि कौशल
    राजस्थान: REET अभ्यर्थियों को जयपुर में किया गया गिरफ़्तार, बड़े पैमाने पर हुए विरोध के बाद छोड़ा
    08 Jan 2022
    दरअसल यह लोग राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (REET) के तहत अगले चरण में पदों को बढ़वाने के लिए 70 दिनों से संघर्ष कर रहे हैं। इनकी मांग है कि सीटों की संख्या को बढ़ाकर 50,000 किया जाए।
  • सोनिया यादव
    यूपी: देश के सबसे बड़े राज्य के ‘स्मार्ट युवा’ सड़कों पर प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं?
    08 Jan 2022
    एक ओर रैलियों में बीजेपी की योगी सरकार अपनी उपलब्धियां गिनवा रही है तो वहीं दूसरी ओर चुनाव के मुहाने पर खड़े उत्तर प्रदेश के युवाओं ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License