NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
कोरोना हेल्प और हेल्पलाइन की हक़ीक़त : हर नंबर डायल करने पर मिलता है एक नया नंबर !
प्रख्यात कवि-लेखक नरेश सक्सेना के साथ जो घटा है उसने कोरोना से लड़ने के प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री के सभी दावों और इंतज़ामों की पोल खोल दी है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
24 Mar 2020
नरेश सक्सेना
कवि-लेखक नरेश सक्सेना। फोटो फेसबुक वॉल से साभार। 

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रहने वाले देश के प्रख्यात कवि-लेखक नरेश सक्सेना के साथ जो घटा है उसने कोरोना से लड़ने के प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री के सभी दावों और इंतज़ामों की पोल खोल दी है। नरेश जी की बहू बीमार हैं, लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी उन्हें क्या मदद मिली। आप खुद पढ़ लीजिए। और फिर इसे पढ़कर अपनी और अपने शहर की स्थिति का आकलन कीजिए।  

हिन्दी साहित्य सम्मेलन सम्मान (1973), फ़िल्म-निर्देशन के लिए राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार (1992) और पहल सम्मान (2000) समेत अनेक सम्मानों से सम्मानित कवि-लेखक नरेश सक्सेना ने अपने साथ हुई पूरी घटना इस तरह साझा की है-

 " लखनऊ मेडिकल कालेज कल रात साढ़े दस बजे गये थे. मेरी बहू को 8 दिन से ज़ुकाम, बुख़ार, नाक बंद, गले और हड्डियों में दर्द, सांस फूल रही. दिल्ली शादी में गये थे, जहां अमेरिकी रिश्तेदार आये थे. सब सुनने के बाद कहा, "घर जाकर आइसोलेशन में रहिये. दो हफ्ते बाद हाल बताइये." 112 नं पर फ़ोन किया तो 2 कांस्टेबल आये. पूरा हाल सुना फिर शायद, किसी प्रशासनिक आफ़िस फ़ोन किया. उन्हें पूरा हाल बताया तो कहा कि उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट प्रस्तुत होगी. एक घंटे बाद बतायेंगे. एक घंटे बाद बताया, "अभी निर्णय नहीं हुआ कल सुबह पता चलेगा."इसी बीच गोमतीनगर के सिटी हैल्थ अस्पताल गये, सिर्फ 100 मीटर की दूरी के लिये, एंबुलेंस ने एक हज़ार (आना जाना) लिए. डाक्टर की फ़ीस 500 सौ लेकर बताया "हम इलाज नहीं कर सकते."

पूछा कहां जायें तो कुछ नहीं बताया. एक नंबर लखनऊ कोरोना के नोडल अधिकारी का मिला, लेकिन वह चालू नहीं था.
पता लगा है कि राममनोहर लोहिया अस्पताल में शायद सैंपल ले लेंगे लेकिन वहां जांच नहीं होती. बनारस, इलाहाबाद आदि के नाम बताने के लिये धन्यवाद."

 इसी पोस्ट को पढ़कर लखनऊ की सामाजिक कार्यकर्ता नाइश हसन ने अपने प्रयास किए लेकिन हर नंबर पर डायल करने पर मिला एक नया नंबर।

नाइश हसन लिखती हैं- “आज सुबह उठी तो FB पर खबर देखी Naresh Saxena जी की बहू में कुछ लक्षण कोरोना जैसे मिल रहे।
मैंने पहला फोन शेखर अस्पताल किया, वहाँ टेस्ट नही हो रहा। जारी कोरोना हेल्प लाइन no 18001805145 जवाब यह no मौजूद नही। CMO कंट्रोल रूम 5222622080 जवाब आप के द्वारा डायल किया no अमान्य है, dr k p tripathi DSO लखनऊ 9415795809 कॉल डायवर्ट की गई है संदेश के बाद फोन कट गया। फिर मिलाया 1075 cm help line पूरी इन्क्वायरी के बाद no दिया 1123978046 कोरोना हेल्प के लिए, no अमान्य बता रहा, एक no और दिया 1076, महिला पूरी पूछताछ करती है, हमारे बारे में मरीज के बारे में , बताती हूँ पूरी डिटेल, ये भी की लखनऊ से हूँ, वो फिर मशीनी ज़ुबान में पूछती है आप का राज्य क्या है, बताती हूँ, फिर वो कहती है मरीज किस डेट को किसी विदेशी से मिली , हमने कहा डेट नही मालूम, वो कहती है बताना जरूरी, हमने कहा न मालूम हो तो क्या मदद नहीं मिलेगी? 

इस दौरान ये भी लगा कि इन लड़कियों को कुछ मालूमात भी नही है, शायद शिक्षा भी नही, वो पूछती हैं किस कंट्री गई थी, मैंने कहा दिल्ली में ही मिली अमेरिकन रिश्तेदार से। गई नहीं कहीं, वो थोड़ा आना कानी कर के 112 पुलिस का no मिलाने को कहती है, बताने पर कि पुलिस से मदद नहीं मिल पाई वो होल्ड करने को कहती है। 5 मिनेट बाद वो डिस्ट्रिक्ट सर्विलांस ऑफिसर Dr मनोज का no 8423882903 देकर हमसे छुटकारा पाती है, और dr मनोज का no मिलाने पर कुछ देर बाद आवाज़ आती है आप जिसे संपर्क कर रहे है वह उत्तर नहीं दे रहा।
आज सुबह का ये हासिल रहा। sorry naresh जी कुछ न कर सकी। ये देश खाली घोषणाएं करता है अमल नहीं, अमल में वो बस थाली बजाता है।
बहुत निराश हूँ।

इसी तरह दुख और गुस्से से नरेश सक्सेना की वॉल पर विश्वास राजरत्नम कमेंट करते हैं-

“यह रामराज वाले प्रदेश की राजधानी का हाल है, जहाँ ज्ञानपीठ व साहित्य एकेडमी विजेता कवि-साहित्यकार के साथ ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा है तो बाकी जगहों के सामान्य लोगों की क्या स्थिति होगी? बाकी आप थाली-घंटा बजाओ गो कोरोना गाओ।” 

Coronavirus
COVID-19
Corona helpline number
Indian system
Reality of Corona
Coronavirus Epidemic
Naresh Saxena

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटे में 12,514 नए मामले, 251 मरीज़ों की मौत
    01 Nov 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.46 फ़ीसदी यानी 1 लाख 58 हज़ार 817 हो गयी है।
  • economic crisis
    अजय कुमार
    भारतीय अर्थव्यवस्था : हर सर्वे, हर आकंड़ा सुना रहा है बदहाली की कहानी
    01 Nov 2021
    NCRB के आत्महत्या के आंकड़े, आरबीआई के कंज्यूमर कॉन्फिडेंट सर्वे के आंकड़े और मनरेगा फंड के खात्मे के आंकड़े को मिलाकर पढ़िए तो अर्थव्यवस्था की बदहाली में बदलाव के आसार नहीं दिखते हैं।
  • Itihas ke panne
    न्यूज़क्लिक टीम
    गाँधी के 1946 में नोआखाली जाने से क्या हुआ था?
    31 Oct 2021
    'इतिहास के पन्ने मेरी नज़र से' के इस अंग में वरिष्ठ पत्रकार नीलांजन बात करते हैं वरिष्ठ इतिहासकार मृदुला मुख़र्जी से. वे 1946 में नोआखाली में हुए दंगों की चर्चा करते हैं और आज का समाज गाँधी जी के…
  • amit shah
    असद रिज़वी
    सियासत: गृह मंत्री के दावे और ज़मीनी हक़ीक़त का फ़र्क़
    31 Oct 2021
    अमित शाह ने प्रदेश की योगी सरकार की कानून-व्यवस्था की जमकर प्रशंसा की। हालाँकि उनकी मौजूदगी में ही शुक्रवार की रात राजधानी में हुई दो हत्याओं ने उनके दावे को धराशायी कर दिया।
  • panchayat
    अनिल अंशुमन
    बिहार पंचायत चुनाव : सत्ता विरोधी प्रत्याशियों पर चल रहा पुलिस प्रशासन का डंडा!
    31 Oct 2021
    बिहार में जारी पंचायत चुनाव में विपक्ष का आरोप है कि सत्ताधारी दल समर्थित उम्मीदवारों को जिताने में पुलिस प्रशासन लगा रहा एड़ी चोटी का ज़ोर लगा रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License