NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
निकाय चुनाव के नतीजों से पता चलता हैं कि जनता ने 'सांप्रदायिक राजनीति' को नकार दिया: माकपा
'स्थानीय निकाय चुनाव से पहले और बाद में माकपा कार्यकर्ताओं को हिंसक हमलों का सामना करना पड़ा और पार्टी ने बीते पांच महीने में छह कार्यकर्ता खो दिये। हालांकि पार्टी ने संयम बनाये रखा और आम लोगों का ध्यान इन अत्याचारों की ओर दिलाने का फैसला किया।'
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
04 Jan 2021
माकपा

केरल में सत्तारूढ़ माकपा ने रविवार को विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि हाल ही में संपन्न हुए स्थानीय निकाय चुनाव के नतीजों से पता चलता हैं कि राज्य की जनता ने उनकी 'सांप्रदायिक राजनीति' को नकार दिया है और वे वाम दलों के नेतृत्व वाले धर्मनिरपेक्ष मोर्चे के साथ खड़े हैं।

माकपा की राज्य इकाई के प्रभारी सचिव ए विजयराघवन ने कहा, 'सभी वाम दल 'धर्मनिरपेक्षता को बरकरार' रखते हुए मिलकर आगामी विधानसभा चुनाव लडेंगे।'

राज्य समिति की दो दिवसीय बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले और बाद में पार्टी कार्यकर्ताओं को हिंसक हमलों का सामना करना पड़ा।

विजयराघवन ने कहा, 'स्थानीय निकाय चुनाव से पहले और बाद में माकपा कार्यकर्ताओं को हिंसक हमलों का सामना करना पड़ा और पार्टी ने बीते पांच महीने में छह कार्यकर्ता खो दिये। हालांकि पार्टी ने संयम बनाये रखा और आम लोगों का ध्यान इन अत्याचारों की ओर दिलाने का फैसला किया।'

उन्होंने दावा किया कि भाजपा अपने सांप्रदायिक एजेंडे की वजह से राज्य में कोई चुनावी लाभ हासिल नहीं कर पाई। उन्होंने कहा कि वाम दलों ने श्रमजीवी वर्ग और किसानों के वोट प्राप्त कर चुनाव में जीत हासिल की।

सनद रहे कि केरल में स्थानीय निकाय चुनावों के परिणाम बुधवार देर रात आ गए। इनमें राज्य में सत्तारूढ़ लेफ्ट की बड़ी जीत हुई है। 941 ग्राम पंचायतों में से 514 और 14 जिला पंचायतों में से 10 जिले लेफ्ट की झोली में गए। इसके अलावा 152 ब्लॉक पंचायतों में से 108 पर सीपीएम के नेतृत्व वाले एलडीएफ को जीत मिली।

केरल में स्थानीय निकाय के चुनावों इसलिए अधिक महत्वपूर्ण थे क्योंकि  राज्य विधानसभा के चुनाव भी चार महीने बाद ही होने हैं। इस पृष्ठभूमि में, स्थानीय निकाय चुनावों को भारत में एकमात्र वामपंथी राज्य सरकार के सत्ता में बने रहने को सुनिश्चित करने के राजनीतिक संघर्ष के रूप में देखा जा रहा है जिसने वर्षों से एक मजबूत धर्मनिरपेक्ष रुख अपनाया है।

Kerala
CPI-M
communal politics
Pinarayi Vijayan
A. Vijayaraghavan

Related Stories

केरल उप-चुनाव: एलडीएफ़ की नज़र 100वीं सीट पर, यूडीएफ़ के लिए चुनौती 

‘तेलंगाना की जनता बदलाव चाहती है’… हिंसा नहीं

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

लखनऊः नफ़रत के ख़िलाफ़ प्रेम और सद्भावना का महिलाएं दे रहीं संदेश

चुनावी वादे पूरे नहीं करने की नाकामी को छिपाने के लिए शाह सीएए का मुद्दा उठा रहे हैं: माकपा

अगर सरकार की नीयत हो तो दंगे रोके जा सकते हैं !

इफ़्तार को मुद्दा बनाने वाले बीएचयू को क्यों बनाना चाहते हैं सांप्रदायिकता की फैक्ट्री?

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

बिना अनुमति जुलूस और भड़काऊ नारों से भड़का दंगा


बाकी खबरें

  • asgar
    सौरव कुमार
    धनबाद: कोरोना महामारी में कोयला बिनाई का काम करने वालों ने गंवाई जानें और आजीविका
    01 Nov 2021
    लॉकडाउन में कोयला खदानों के चालू रहने के बावजूद, आवाजाही पर लगे कड़े प्रतिबंधों के चलते कोयला बीनने वालों की आय खत्म हो गई।
  • dengue
    भाषा
    दिल्ली में डेंगू के मामले बढ़े, अब तक 6 की मौत, स्वास्थ्य मंत्री ने की स्थिति की समीक्षा
    01 Nov 2021
    सोमवार को जारी दिल्ली नगर निकाय की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस साल अभी तक मच्छिर जनित बीमारी के कारण छह लोगों की मौत हुई जबकि डेंगू के मामले बढ़कर 1,530 हो गए।
  •  Rupesh Prajapati
    सरोजिनी बिष्ट
    रूपेश प्रजापति केस : सुसाइड या जेल में हत्या? न्याय की भीख मांगता एक परिवार
    01 Nov 2021
    रूपेश कुमार प्रजापति कौन है? आखिर उसके साथ क्या हुआ कि मानवाधिकार आयोग तक को संज्ञान लेना पड़ा, ये सवाल आज बेहद अहम हैं क्योंकि इन्हीं सवालों के जवाब हमें यह बताते हैं कि एक ताकतवर सिस्टम किस कदर एक…
  • India
    आत्मन शाह
    नहीं, भारत "मुस्लिम-राष्ट्र" नहीं बनेगा! 
    01 Nov 2021
    भारत के मुस्लिम-बहुल राष्ट्र में बदलने की आशंका एक झूठा प्रचार है, जो प्रचार देश में हिंदू और मुस्लिम आबादी के विकास की ऐतिहासिक दर को ध्यान में नहीं रखता है।
  • banaras
    विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्टः जिस मुसहर बस्ती में 42 दिन पहले मना था मोदी के जन्मदिन का जश्न, उस पर ही चलवा दिया बुलडोज़र
    01 Nov 2021
    "सबसे पहले हमारे बच्चों की पाठशाला पर बुलडोज़र गरजा। फिर झोपड़ी ढहाई जाने लगी। हमारे घरों का सारा सामान निकालकर बाहर फेंका जाने लगा। ठंड के बावजूद बस्ती के 62 लोग खुले आसमान के नीचे आ गए हैं।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License