NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
लीबिया में संयुक्त राष्ट्र प्रायोजित शांति वार्ता का दूसरा दौर वर्चुअल रूप में शुरू हुआ
पिछले सप्ताह संपन्न हुए पहले दौर में प्रतिद्वंद्वी गुटों ने दिसंबर 2021 में चुनाव कराने पर सहमति व्यक्त की थी।
पीपल्स डिस्पैच
24 Nov 2020
लीबिया में संयुक्त राष्ट्र प्रायोजित शांति वार्ता का दूसरा दौर वर्चुअल रूप में शुरू हुआ

लीबिया में प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच शांति वार्ता का दूसरा दौर सोमवार 13 नवंबर से शुरू हुआ। लीबियन पॉलिटिकल डायलॉग फॉरम (एलपीडीएफ) नाम की इस वार्ता का औपचारिक रूप से उद्घाटन लीबिया में संयुक्त राष्ट्र के कार्यकारी दूत और इस मिशन के प्रमुख स्टीफाइन विलियम्स ने किया।

सोमवार को यूनाइटेड नेशन सपोर्ट मिशन इन लीबिया (यूएनएसएमएल) ने बयान में कहा, अगले वर्ष दिसंबर में होने वाले 'चुनावों से पूर्व के प्रीडेटरी पीरियड के लिए यूनिफाइड एक्सक्यूटिव अथॉरिटी के चयन मानदंडों' को अंतिम रुप देने के लिए वार्ता के दूसरा दौर में चर्चा होगी।

ट्यूनीशिया में 9 से 15 नवंबर के बीच पहले दौर की वार्ता हुई। ये वार्ता किसी निर्णय पर नहीं पहुंची क्योंकि यह देश में शांतिपूर्ण ट्रांजिशन के लिए अंतरिम अथॉरिटी तय करने में विफल रही। हालांकि, दोनों दलों ने 24 दिसंबर 2021 को राष्ट्रपति पद के लिए और संसद के लिए चुनाव कराने पर सहमति व्यक्त की और चुनावों की प्रक्रियाओं पर निर्णय लेने के लिए एक क़ानूनी समिति का गठन किया।

वे देश के तेल क्षेत्रों को प्रदान की गई संयुक्त सुरक्षा के साथ देश में तेल के उत्पादन को फिर से शुरू करने पर सहमत हुए थे।

पहले दौर की वार्ता में भाग लेने वालों ने अंतरिम अथॉरिटी की शक्ति और जिम्मेदारियों के दायरे पर सहमति व्यक्त की और निर्णय लिया कि अध्यक्षीय परिषद तीन सदस्यों से बनी होगी जिनमें से प्रत्येक लीबिया के तीन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करेंगे और सभी निर्णय सर्व सम्मति से लिए जाएंगे।

लीबिया में तीन भौगोलिक और सांस्कृतिक क्षेत्र त्रिपोलिंजिया, साइरेनैका और फेज़ान हैं। एलपीडीएफ में 75 सदस्य हैं जो वर्तमान में युद्ध में शामिल लीबिया के सभी गुटों के प्रतिनिधियों से बना है।

तेल समृद्ध उत्तर-अफ्रीकी देश में युद्ध वर्ष 2011 नाटो के इस देश में आक्रमण के बाद से जारी है जिसने देश में लंबे समय तक पदस्थ राष्ट्रपति मुअम्मर गद्दाफी को हटा दिया था। यूएन द्वारा संघर्ष को हल करने और शांति लाने के प्रयास विफल हो गए थे और इसके द्वारा समर्थित सरकार राजधानी त्रिपोली में प्रतिबंधित है। एक बड़ा क्षेत्र खलीफा हफ्तार की सेनाओं द्वारा नियंत्रित किया जाता है और दक्षिणी क्षेत्र कई छोटे कबीले द्वारा नियंत्रित होते हैं।

libya
VIRTUAL MEETING
United nations
UNSML

Related Stories

जलवायु परिवर्तन : हम मुनाफ़े के लिए ज़िंदगी कुर्बान कर रहे हैं

अफ़्रीकी देश अपनी मुद्रायें यूरोप से क्यों छपवाते हैं

क्या यूक्रेन मामले में CSTO की एंट्री कराएगा रूस? क्या हैं संभावनाएँ?

पुतिन को ‘दुष्ट' ठहराने के पश्चिमी दुराग्रह से किसी का भला नहीं होगा

रूस-यूक्रेन युद्ध अपडेट: संयुक्त राष्ट्र ने द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद इसे यूरोप का सबसे बड़ा शरणार्थी संकट बताया 

यह वक्त रूसी सैन्य गठबंधन को गंभीरता से लेने का क्यों है?

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार

मानवाधिकार संगठनों ने कश्मीरी एक्टिविस्ट ख़ुर्रम परवेज़ की तत्काल रिहाई की मांग की

वे उन्हें मार रहे हैं : असांज की 'स्लो डेथ' खसोगी की याद दिलाती है

अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार और हमारे बुनियादी सरोकार


बाकी खबरें

  • पड़ताल: कोरोना को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के दावे भ्रामक
    राज कुमार
    पड़ताल: कोरोना को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के दावे भ्रामक
    15 Aug 2021
    प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने अन्य देशों की तुलना में ज्यादा नागरिकों को बचाया है। ये काफी भ्रामक टिप्पणी है। क्योंकि प्रधानमंत्री कुछ स्पष्ट नहीं कर रहे कि वो किसे “बचाया हुआ” मान रहे हैं। क्या उन…
  • विक्रम और बेताल: सरकार जी और खेल में खेला
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    विक्रम और बेताल: सरकार जी और खेल में खेला
    15 Aug 2021
    सरकार जी खेलों की दुनिया को पैसे की दुनिया से अलग ही रखते थे। वे जानते थे कि खिलाड़ी अपनी नैसर्गिक प्रतिभा से ही आगे बढ़ता है न कि सरकारी सहायता से। इसीलिए उन्होंने खेल में सरकारी मदद को सिर्फ़ खेल…
  • अजय कुमार
    कभी रोज़गार और कमाई के बिंदु से भी आज़ादी के बारे में सोचिए?
    15 Aug 2021
    75 साल पहले ही गुलामी से आजादी मिल गई। लेकिन जिसे असली आजादी कहते हैं क्या उसका एहसास भारत के ज्यादातर लोगों ने किया है?
  • आज़ादी@75: आंदोलन के 74 बरस और नई उम्मीद और नया रास्ता दिखाता किसान आंदोलन
    लाल बहादुर सिंह
    आज़ादी@75: आंदोलन के 74 बरस और नई उम्मीद और नया रास्ता दिखाता किसान आंदोलन
    15 Aug 2021
    आज़ादी के अमृत महोत्सव वर्ष का सबसे पवित्र अमृत यह किसान आंदोलन ही है जो संघ-भाजपा के विषवमन का सबसे बड़ा एंटीडोट है।
  • 75वीं सालगिरह के मौके पर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम। तस्वीर में अजय सिंह (दाएं) अपनी जीवन साथी शोभा सिंह (बाएं) के साथ।
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता: मर्द खेत है, औरत हल चला रही है
    15 Aug 2021
    आज आज़ादी की 74वीं सालगिरह है और हमारे कवि और पत्रकार अजय सिंह की 75वीं। 15 अगस्त, 1946 को बिहार के ज़िला बक्सर के चौगाईं गांव में अजय सिंह का जन्म हुआ। आज इतवार भी है, यानी मौका भी है और दस्तूर भी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License