NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
रेलवे में 3 लाख हैं रिक्तियां और भर्तियों पर लगा है ब्रेक
एक तरफ बेरोज़गार युवा दर-दर भटक रहे हैं वहीं दूसरी तरफ सरकारी विभागों में इतनी बड़ी संख्या में रिक्तियां, वह भी केवल एक विभाग में, चौंकाने वाली है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
26 Mar 2022
indian railways

सरकारी नौकरियों में भर्तियां पिछले कुछ सालों से न के बराबर हुई है या न के बराबर हो रही है। इसको लेकर युवाओं में बेहद नाराजगी है। जिसे कुछ समय पहले बिहार की राजधानी पटना और देश के सबसे बड़े राज्य यूपी के प्रयागराज में एनटीपीसी-सीबीटी को लेकर हुए छात्रों के प्रदर्शन के तौर पर देखा जा सकता है। इस दौरान पुलिस ने छात्रों को बर्बर तरीके से पीटा भी था।

रेलवे में सबसे अधिक आवेदन यूपी और बिहार से

देशभर में सबसे ज्यादा युवाओं को नौकरी देने वाला विभाग रेलवे है। लेकिन रेलवे के विभिन्न जोनों में विभिन्न पदों के लिए इस समय करीब 3 लाख रिक्तियां हैं। एक तरफ बेरोजगार युवा दर-दर भटक रहे हैं वहीं दूसरी तरफ सरकारी विभागों में इतनी संख्या में रिक्तियां, वह भी केवल एक विभाग में, चौंकाने वाली है। उत्तर प्रदेश और बिहार के युवा सरकारी नौकरियों खासकर रेलवे को ज्यादा तरजीह देते हैं। यही कारण है कि आवेदन देने वालों में सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश और फिर दूसरे नंबर पर बिहार के युवा हैं। इन्हीं छात्रों ने रेलवे की परीक्षा में हुई गड़बड़ी के मामले को उठाया था।

हिंदुस्तान अखबार के मुताबिक राज्यसभा सांसद सुशील मोदी ने रेल मंत्रालय से पांच बिंदुओं पर जानकारियां मांगी थीं। इनमें रेलवे की प्रत्येक श्रेणी के कुल स्वीकृत पद, जोनवार रिक्तियों की संख्या, पिछले तीन वर्षों में रेलवे की ओर से की गई भर्तियां, तीन वर्षों में सेवानिवृत्त कर्मियों की संख्या और एक साल में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मी की जानकारी मांगी गई थी। इन सभी बिंदुओं पर रेल मंत्रालय की ओर से जवाब दिया गया है।

सबसे ज्यादा उत्तर रेलवे में पद रिक्त

दिए गए जवाब के अनुसार देशभर में रेलवे के अलग-अलग जोन को मिलाकर तीन लाख से अधिक पद रिक्त हैं। सबसे अधिक रिक्त पदों की संख्या उत्तर रेलवे में 37,433 के करीब है। इसके बाद मध्य रेलवे में 27,482 और पश्चिम रेलवे में 26,351 पद रिक्त हैं। वर्तमान में करीब 1,40,731 रित्तियों को भरा जाना है। इसमें ग्रुप डी और एनटीपीसी स्नातक के माध्यम से 1 लाख 39 हजार पद भरे जाएंगे।

1 फरवरी 2020 को राजपत्रित एवं अराजपत्रित कोटियों में स्वीकृत पदों का विवरण जोन व कोटिवार रिक्तियां

कार्यरत बल

रेलवे में कार्यबल की बात करें तो राजपत्रितों की संख्या 17,894 वहीं अराजपत्रितों की संख्या 14,88,405 है। इस तरह रेलवे का कार्यबल 15,06,299 है।

तीन वर्षों के दौरान रेलवे में की गई पैनलबद्ध भर्तियों का विवरण नीचे दिए गए टेबल में है।

पिछले तीन वर्षों में सेवानिवृत्त हो चुके रेल कर्मियों की संख्या


वर्ष 2022 और 2023 में सेवानिवृत्त होने वाले रेल कर्मियों की संख्या

रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में आरआरबी के माध्यम से 1,40,731 रिक्तियां तीन केन्द्रीकृत रोजगार अधिसूचना के माध्यम से भरी जानी है। गैर तकनीकी लोकप्रिय कोटि अर्थात एनटीपीसी के लिए 35,281 पदों के लिए परीक्षा की प्रक्रिया जारी है। वहीं आरआरबी ग्रेड के माध्यम से 1,03,769 पदों के लिए परीक्षा होनी है और पृथक तथा अनुसचिवीय कोटियों में 1663 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया में है।

indian railways
Railway Recruitment Board
RRB
unemployment
Vacancies in Railway
privatization
Narendra modi
Modi government

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

डरावना आर्थिक संकट: न तो ख़रीदने की ताक़त, न कोई नौकरी, और उस पर बढ़ती कीमतें

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?


बाकी खबरें

  • women in up
    एकता वर्मा
    लड़कियां कोई बीमारी नहीं होतीं, जिनसे निजात के लिए दवाएं बनायी और खायी जाएं
    20 Apr 2022
    उत्तर प्रदेश के कुछ इलाक़ों में ऐसी दवाइयां बेची जा रही हैं, जो गर्भ में पल रहे भ्रूण को नर-भ्रूण में विकसित करने की गारंटी दे रही हैं। सरकारी महकमा हाथ पर हाथ रखे बैठा है और अंधविश्वास व अज्ञानता ने…
  • ग्राउंड रिपोर्ट; जहांगीरपुरी अतिक्रमण हटाओ अभियान: नफ़रत की राजनीति से प्रेरित मेहनतक़श विरोधी क़दम!
    मुकुंद झा
    ग्राउंड रिपोर्ट; जहांगीरपुरी अतिक्रमण हटाओ अभियान: नफ़रत की राजनीति से प्रेरित मेहनतक़श विरोधी क़दम!
    20 Apr 2022
    किस तरह से कही जाए जहांगीरपुरी की कहानी। यहां के लोगों ने पहले धर्म के नाम पर हिंसा झेली। फिर अतिक्रमण के नाम पर अपने घर-दुकान खो दिए। हमने न जाने कितनी ऐसी दास्तानें सुनीं कि आंसू निकल जाएं। और साथ…
  • सत्यम् तिवारी
    महंत ने भगवानपुर में किया हनुमान चालीसा का पाठ, कहा ‘उत्तराखंड बन रहा कश्मीर’
    20 Apr 2022
    डाडा जलालपुर हिंसा मामले में एसडीएम, सीईओ, और एसपी की मौजूदगी में भगवानपुर टोल प्लाज़ा पर हनुमान चालीसा का पाठ कर काली सेना ने कहा कि अगर मस्जिद के इमाम की गिरफ़्तारी नहीं हुई तो उनके ‘सैनिक’ उग्र…
  • लोगों को समय से पहले बूढ़ा बना रहा है फ्लोराइड युक्त पानी
    एम.ओबैद
    लोगों को समय से पहले बूढ़ा बना रहा है फ्लोराइड युक्त पानी
    20 Apr 2022
    इसके चलते गांव के लोगों को कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अधिकांश लोगों में हड्डियों और जोड़ों की परेशानी के साथ-साथ दांतों की बीमारी आम बात है।
  • jahangirpuri
    न्यूज़क्लिक टीम
    बुल्डोज़र के बहाने भाजपा सरकार बच रही है सवालों से!
    20 Apr 2022
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के इस एपिसोड में आज अभिसार बात कर रहे हैं जहांगीरपुरी में हुई बुलडोज़र कार्यवाही पर। साथ ही वे बात कर रहे हैं प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की चुप्पी पर।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License