NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
नगालैंड में मातम छाया, लोगों ने मारे गए आम नागरिकों की याद में शोक जताया
विभिन्न नगा संस्थाओं ने मृतकों के लिए पांच दिनों के शोक का आह्वान किया है, जो शुक्रवार को समाप्त होगा। नगा छात्र संघ ने मृतकों के लिए न्याय की अपनी मांगों को लेकर राज्यपाल आवास के समक्ष धरना देने की योजना बनाई है।
भाषा
08 Dec 2021
 नगालैंड में मातम छाया, लोगों ने मारे गए आम नागरिकों की याद में शोक जताया

कोहिमा:  नगालैंड के मोन जिले में सुरक्षा बलों की गोलीबारी में 14 लोगों की मौत के विरोध में एक दिन के बंद के बाद सीमावर्ती राज्य में मातम छाया है।

विभिन्न नगा संस्थाओं ने मृतकों के लिए पांच दिनों के शोक का आह्वान किया है, जो शुक्रवार को समाप्त होगा। नगा छात्र संघ ने मृतकों के लिए न्याय की अपनी मांगों को लेकर राज्यपाल आवास के समक्ष धरना देने की योजना बनाई है।

अधिकारियों ने बताया, नगालैंड और सोम में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन अब लगभग सभी नगा जनजातियां सशस्त्र बल विशेष अधिकार कानून (आफ़्सपा) को हटाने की मांग को लेकर एकजुट हो गई हैं।

नगा मदर्स एसोसिएशन और ग्लोबल नगा फोरम सहित कई शक्तिशाली नगा नागरिक संस्थाओं ने मंगलवार को राज्यपाल प्रो. जगदीश मुखी से मुलाकात कर अपनी अन्य मांगों के साथ इस बात पर भी जोर दिया कि सेना की छावनियों और असम राइफल्स के शिविरों को असैन्य क्षेत्रों से बाहर स्थानांतरित किया जाए।

कोन्याक यूनियन ने भी अपनी मांगों की सूची में इस बात पर जोर दिया कि लोगों को सुरक्षा प्रदान करने में विफल रहने के कारण असम राइफल्स शिविर को ‘‘नैतिक आधार पर’’ जिले से वापस बुला लेना चाहिए।

 

गोलीबारी की घटनाएं चार दिसंबर को ओटिंग-तिरू इलाके में और पांच दिसंबर को मोन कस्बे में हुईं।

इसे भी पढ़ें : नगालैंड व कश्मीर : बंदूक को खुली छूट

 


बाकी खबरें

  • abhisar sharma
    न्यूज़क्लिक टीम
    जहांगीरपुरी हिंसा में देश के गृह मंत्री की जवाबदेही कौन तय करेगा ?
    18 Apr 2022
    न्यूज़चक्र में आज अभिसार शर्मा चर्चा कर रहे हैं जहांगीरपुरी में हुई हिंसा की, और सवाल उठा रहे हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की इस मुद्दे पर साधी हुई चुप्पी पर
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार में 1573 करोड़ रुपये का धान घोटाला, जिसके पास मिल नहीं उसे भी दिया धान
    18 Apr 2022
    बिहार में हुए 1573 करोड़ रुपये के धान घोटाले की सीआईडी जांच में अब नए खुलासे हुए हैं। जिले के बोचहां थाने में दर्ज इस मामले की जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
  • सोनिया यादव
    यूपी: फतेहपुर के चर्च में सामूहिक धर्मांतरण या विश्व हिन्दू परिषद् और बजरंग दल का बवाल?
    18 Apr 2022
    एफ़आईआर में धर्मान्तरण के क़ानून से जुड़ी धाराओं को कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया क्योंकि धर्मान्तरित किए जा रहे किसी शख़्स या उनके परिजन इस मामले में शिकायतकर्ता नहीं थे। कोर्ट से गिरफ्तार सभी लोगों को…
  • अखिलेश अखिल
    भारतीय लोकतंत्र: संसदीय प्रणाली में गिरावट की कहानी, शुरुआत से अब में कितना अंतर?
    18 Apr 2022
    यह बात और है कि लोकतंत्र की प्रतीक भारतीय संसद और उसकी कार्य प्रणाली में गिरावट आज से पहले ही शुरू हो गई थी लेकिन पिछले एक दशक का इतिहास तो यही बताता है कि जो अभी हो रहा है अगर उसे रोका नहीं गया तो…
  • सौरव कुमार
    मिरात-उल-अख़बार का द्विशताब्दी वर्ष: भारत का एक अग्रणी फ़ारसी अख़बार, जो प्रतिरोध का प्रतीक बना
    18 Apr 2022
    विख्यात पत्रकार पी साईनाथ के अनुसार, मिरात-उल-अख़बार के द्वारा जिस प्रकार की गुणवत्ता और पत्रकारिता का प्रतिनिधित्व किया गया, वह समकालीन भारत के लिए पूर्व से कहीं अधिक प्रासंगिक है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License