NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
केरल में सांप्रदायिक राजनीति की कोई जगह नहीं है : विजयन
विजयन ने संवाददाताओं से कहा कि राज्य के सांप्रदायिक ताने-बाने को कायम रखने के लिए वाम शासन का बने रहना जरूरी है।
भाषा
02 May 2021
केरल में सांप्रदायिक राजनीति की कोई जगह नहीं है : विजयन
फ़ोटो साभार: सोशल मीडिया

कन्नूर (केरल), : केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने विधानसभा चुनाव में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की ऐतिहासिक जीत को जनता को समर्पित किया और कहा कि यह साबित हो गया है कि राज्य में सांप्रदायिक राजनीति की कोई जगह नहीं है।

कांग्रेस नीत यूडीएफ और भाजपा नीत राजग तथा मीडिया के दक्षिणपंथी धड़े पर केरल सरकार को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए विजयन ने कहा कि लोगों ने वामदलों को निर्णायक जनादेश देकर दुष्प्रचार को खारिज कर दिया।

विजयन ने संवाददाताओं से कहा कि राज्य के सांप्रदायिक ताने-बाने को कायम रखने के लिए वाम शासन का बने रहना जरूरी है।

माकपा नेता ने संवाददाता सम्मेलन की शुरुआत करने के पहले अपनी पार्टी के ध्वज के रंग के प्रतीक के तौर पर लाल रंग के लड्डू बांटे।

विजयन ने कहा, ‘‘चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने कई दावे किए। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव के बाद सरकार बनाने की घोषणा की। उन्होंने ऐसे जताया कि केरल में भाजपा कई सीटें जीत रही है।’’

विजयन ने कहा, ‘‘चुनाव परिणाम से साबित हो गया है कि केरल में सांप्रदायिक राजनीति की कोई जगह नहीं है। भाजपा ने दूसरे राज्यों में जो रुख अपनाया वह यहां नहीं चल सकता।’’

Kerala
Pinarayi Vijayan
communal politics
Communal politics in India

Related Stories

केरल उप-चुनाव: एलडीएफ़ की नज़र 100वीं सीट पर, यूडीएफ़ के लिए चुनौती 

‘तेलंगाना की जनता बदलाव चाहती है’… हिंसा नहीं

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

लखनऊः नफ़रत के ख़िलाफ़ प्रेम और सद्भावना का महिलाएं दे रहीं संदेश

अगर सरकार की नीयत हो तो दंगे रोके जा सकते हैं !

इफ़्तार को मुद्दा बनाने वाले बीएचयू को क्यों बनाना चाहते हैं सांप्रदायिकता की फैक्ट्री?

केरल: RSS और PFI की दुश्मनी के चलते पिछले 6 महीने में 5 लोगों ने गंवाई जान

सांप्रदायिक ताकतों से लड़ने के लिए आंबेडकर के संघर्षों से प्रेरणा लें : विजयन

सीपीआईएम पार्टी कांग्रेस में स्टालिन ने कहा, 'एंटी फ़ेडरल दृष्टिकोण का विरोध करने के लिए दक्षिणी राज्यों का साथ आना ज़रूरी'

सीताराम येचुरी फिर से चुने गए माकपा के महासचिव


बाकी खबरें

  • सत्यम कुमार
    उत्तराखंड : ज़रूरी सुविधाओं के अभाव में बंद होते सरकारी स्कूल, RTE क़ानून की आड़ में निजी स्कूलों का बढ़ता कारोबार 
    28 Apr 2022
    उत्तराखंड राज्य में विद्यालयों की स्थिति के आंकड़े दिखाते हैं कि सरकारी स्कूलों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है जिसके चलते विद्यार्थियों का नामांकन कम हो रहा है, और अंत में कम नामांकन के चलते स्कूल बंद…
  • प्रेम कुमार
    ‘जनता की भलाई’ के लिए पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के अंतर्गत क्यों नहीं लाते मोदीजी!
    28 Apr 2022
    अगर पेट्रोल-डीजल जीएसटी के दायरे में लाए जाते हैं तो कीमत में 30 से 40 रुपये प्रति लीटर तक की कमी हो जाएगी। जनता केंद्र और राज्यों के दोहरे कराधान से भी बच जाएगी। जनता की भलाई के लिए बीजेपी की सरकार…
  • वी. श्रीधर
    एलआईसी की आईपीओ: बड़े पैमाने का घोटाला
    28 Apr 2022
    एलआईसी को लिस्टेड करने की इस बेबुनियाद हड़बड़ी में दिग्गज "निवेशकों" के पैसे बनाने की सनक को बढ़ावा देते हुए लोगों के हितों की भयानक अनदेखी नज़र आती है। आईपीओ की क़ीमत से यह संकेत मिलता है कि यह शायद…
  • सुभाष गाताडे
    दलित जननेता जिग्नेश को क्यों प्रताड़ित कर रही है भाजपा? 
    28 Apr 2022
    ‘क्या अपने राजनीतिक आकाओं के फायदे के लिए एक जननेता को प्रताड़ित और आतंकित किया जा रहा है’?
  • अनीस ज़रगर
    कश्मीर में एक आर्मी-संचालित स्कूल की ओर से कर्मचारियों को हिजाब न पहनने के निर्देश
    28 Apr 2022
    पूर्व मुख्यमंत्री मेहबूबा मुफ़्ती ने भाजपा पर महिलाओं की आजादी पर अंकुश लगाने का आरोप लगाया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License