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शिक्षा
भारत
45 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए होगी प्रवेश परीक्षा, 12वीं में प्राप्त अंकों के आधार पर प्रवेश खत्म
अब केंद्रीय विश्वविद्यालयों को स्नातक पाठ्यक्रमों में छात्रों के दाखिले के लिए विश्वविद्यालय संयुक्त प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) में प्राप्त अंकों का उपयोग करना होगा। जुलाई के पहले सप्ताह में सीयूईटी का आयोजन किया जाएगा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
22 Mar 2022
common test
Image courtesy : TOI

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने सोमवार को बताया कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों को स्नातक पाठ्यक्रमों में छात्रों के दाखिले के लिए विश्वविद्यालय संयुक्त प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) में प्राप्त अंकों का उपयोग करना होगा। उन्होंने जानकारी दी कि जुलाई के पहले सप्ताह में सीयूईटी का आयोजन किया जाएगा।

इसी के साथ सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों के स्नातक कोर्स में एडमिशन के लिए अब तक बोर्ड एग्जाम यानी 12वीं में प्राप्त अंकों का कोई महत्व नहीं रह जाएगा। यह नियम 2022-23 शैक्षणिक सत्र से शुरू से लागू होंगे। हालांकि विश्वविद्यालयों को बोर्ड एग्जाम के मार्क्स पर न्यूनतम पात्रता निर्धारित करने की अनुमति होगी।

इसके अलावा, जगदीश कुमार ने जानकारी दी कि जो स्टेट यूनिवर्सिटी या प्राइवेट यूनिवर्सिटी CUCET को अपनाना चाहते हैं, वे इस एंट्रेंस टेस्ट में प्राप्त अंकों के साथ-साथ 12वीं के अंकों को भी आधार बना सकते हैं।

कुमार ने कहा कि छात्रों के पास अंग्रेजी, हिंदी, असमी, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, ओडिया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू भाषा में परीक्षा देने का विकल्प रहेगा। यूजीसी अध्यक्ष ने हालांकि जानकारी दी कि सीयूईटी का विश्वविद्यालयों की आरक्षण नीति पर कोई असर नहीं होगा।

कई शिक्षकों व शिक्षाविदों का मानना है कि समान सुविधाओं और साधन के अभाव में पिछड़े व कमज़ोर वर्ग से आने वलोनं छात्रों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा क्योंकि इसके लिए अब उन पर एक और परीक्षा की तैयारी का दबाव पड़ेगा। मुनाफाखोर और शिक्षा का व्यापार करने वाले कोचिंग सेंटरों में तेजी से बढ़ोतरी होगी। जो छात्र इन महंगे-महंगे कोचिंग सेंटर की फीस जुटाने में समर्थ होंगे, वे ही उत्तीर्ण होंगे।

UGC
Common University Entrance Test
entrance exam
CUCET

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