NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
नज़रिया
भारत
राजनीति
बात बोलेगी: बंगाल के सामाजिक-राजनीतिक ताने-बाने को गहरे तक प्रभावित करेगा ये चुनाव
वैसा एकतरफ़ा माहौल नहीं है, जैसा ‘बेचारा मुख्यधारा’ के मीडिया या टीएमसी के चुनाव मैनेजर प्रशांत किशोर के साथ दिग्गज पत्रकारों के लीक वीडियो चैट से पता चलता है!  
भाषा सिंह
11 Apr 2021

पश्चिम बंगाल के चुनाव पर चर्चा सिर्फ आठ चरणों में हो रहे मतदान के दौरान या 2 मई को आने वाले परिणामों तक ही नहीं होगी, बल्कि इस पर विश्लेषण लंबे समय तक होगा। इसकी वजह, इन चुनावों के दौरान—जातियों-विभिन्न समूहों, धार्मिक अस्मिताओं, परस्पर हितों के नए सिरे से गठबंधन, ध्रुवीकरण है। इससे पश्चिम बंगाल का सामाजिक-राजनीतिक ताना-बाना गहरे तक प्रभावित होगा। इन चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने यह स्थापित किया कि वह धन-बल-दल-बदल और हिंदू ध्रुवीकरण के आधार पर बंगाल के कोने-कोने तक अपना बैनर-पोस्टर, प्रचार-प्रसार, संगठन की गिरफ्त, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का नेटवर्क पहुंचाने में कामयाब रही।

जिस तरह से हिंसा का अनियंत्रित दौर चल रहा है और कूच बिहार में चार नागरिकों की मौत फायरिंग में हुई (चारों महज़ इत्तेफाक से ही मुसलमान नहीं थे) , ईवीएम का बड़ा गड़बड़ घोटाला चल रहा है...इन तमाम घटनाओं का सीधा ताल्लुक भाजपा के किसी भी सूरत में बंगाल फतह के मिशन से है। यह अकारण नहीं है कि देश के गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल में डेरा जमाए हुए हैं, बिना मास्क के रैलियों-संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे हैं और हर बार साफ-साफ संकेत दे रहे हैं कि उन्हें पता है कि भाजपा को कितनी सीटें मिल रही हैं, कितने लोग भाजपा को वोट दे रहे हैं। मानो इधर ईवीएम पर उंगली दबती हैं और उधर गृह मंत्री के पास कमल पर लाइट जलती है—यह तमाम बातें जनता के दिमाग में हैं और इन पर ख़ूब बातें-हंसी-मजाक भी हो रहा है।

सबसे खतरनाक बात यह है कि इन चुनावों के जरिये भाजपा ने खरीद-फरोख्त को राजनीति का स्थापित नया नॉर्मल कर दिया है। राज्य की 294 सीटों में से 293 सीट पर लड़ रही भाजपा ने करीब 150 सीटों पर टिकट तृणमूल कांग्रेस और इनमें से कुछ माकपा के नेताओं-पदाधिकारियों को पार्टी में लाकर दिये हैं। तृणमूल के आधार पर तो जबर्दस्त सेंध लगाई है भाजपा ने। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के तमाम बाहुबली, कद्दावर, भरोसेमंद मंत्रियों, विधायकों, नेताओं को भाजपा में शामिल करके भाजपा ने पूरा सपोर्ट बेस ही अपने पास खींच लिया। गाली-गलौच वाली भाषा में ममता पर हमला, भाजपा की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है, जिसके अगुआ भाजपा प. बंगाल के अध्यक्ष और सांसद दिलीप घोष बने हुए हैं। धनबल में भाजपा का कोई तोड़ नहीं है। कोलकाता से लेकर नंदीग्राम, हसानगंज-हिंगोलगंज, 24 नार्थ परगना (बांग्लादेश के बार्डर तक) भाजपा ने बैनर-पोस्टर से सड़कों को पाट रखा है। पैसों के लेन-देन की चर्चा इतनी आम है और बहुत सहजता से लाखों में पहुंचती है कि अगर मोटा-मोटी अंदाजा लगाया जाए तो अरबों में प. बंगाल चुनाव का प्रोजेक्ट लगता है।

ऐसे में संयुक्त मोर्चा और माकपा-माले का चुनाव प्रचार बिल्कुल अलग सा दिखाई देता है। सीधा-सादा परंपरागत तेवर लिये हुए। इसकी एक झलक कोलकाता के जादवपुर विधानसभा क्षेत्र में देखने को मिली थी। जहां 10 अप्रैल को मतदान हुआ। कोलकाता में एक सब्जीवाले से हमने बात की, उन्होंने बहुत सहजता से बताया कि उन्होंने क्यों संयुक्त मोर्चे के उम्मीदवार को वोट दिया। उनका कहना है, हम गरीब लोग हैं, हमारे हक की बात लाल झंडे की पार्टी ही करती है

इसी तरह से जादवपुर विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले एक विद्यार्थी का कहना है कि किस तरह से ममता और भाजपा दोनों मिलकर बंगाल के ज्ञान-विज्ञान को नष्ट कर रहे हैं। ऐसे में वाम ही विकल्प है। यह तर्क बहुत से युवाओं का है और उनसे बात करके लगता कि वैचारिक धार बंगाल की ज़मीन में तीखी है।

जादवपुर विश्वविद्यालय अपने तीखे तेवर, वैज्ञानिक सोच के लिए देश भर में अलग पहचान रखती है। अपनी लंबी सांस्कृतिक विरासत के साथ जादवपुर विश्विद्यालय ने हमेशा प्रगतिशील -लोकत्रांतिक विचार को जिंदा रखा है। हमारी मुलाकात इस विश्वविद्लाय में प्रो. अभिजीत चंदा से हुई, जिन्होंने बताया कि किस तरह से जादवपुर में बांग्लादेश से आए शरणार्थी बड़ी संख्या में रहते हैं। यह पंचायत के स्तर से शुरू होकर, विकसित होकर विधानसभा सीट के रूप में राजनीति में प्रवेश कर चुकी है। साथ ही उन्होंने यह चिंता जताई कि भाजपा ने कैसे वाम कैडरों में सेंध लगाई, माकपा पार्षद को अपना उम्मीदवार बना लिया।

ये तमाम छोटी-छोटी बानगियां हैं, झलकियां हैं, जिनसे पता चलता है कि बंगाल के समाज में खलबली है। वैसा एकतरफा माहौल नहीं है, जैसा ‘बेचारा मुख्यधारा’ के मीडिया या टीएमसी के चुनाव मैनेजर प्रशांत किशोर के साथ दिग्गज पत्रकारों के लीक वीडियो चैट से पता चलता है!  

(भाषा सिंह वरिष्ठ पत्रकार हैं।)

West Bengal
West Bengal Elections
TMC
BJP
mamta banerjee
Narendra modi
WB Elections Update
West Bengal Politics

Related Stories

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

ख़बरों के आगे-पीछे: मोदी और शी जिनपिंग के “निज़ी” रिश्तों से लेकर विदेशी कंपनियों के भारत छोड़ने तक

ख़बरों के आगे-पीछे: केजरीवाल के ‘गुजरात प्लान’ से लेकर रिजर्व बैंक तक

यूपी में संघ-भाजपा की बदलती रणनीति : लोकतांत्रिक ताकतों की बढ़ती चुनौती

बात बोलेगी: मुंह को लगा नफ़रत का ख़ून

इस आग को किसी भी तरह बुझाना ही होगा - क्योंकि, यह सब की बात है दो चार दस की बात नहीं

ख़बरों के आगे-पीछे: क्या अब दोबारा आ गया है LIC बेचने का वक्त?

ख़बरों के आगे-पीछे: भाजपा में नंबर दो की लड़ाई से लेकर दिल्ली के सरकारी बंगलों की राजनीति

बहस: क्यों यादवों को मुसलमानों के पक्ष में डटा रहना चाहिए!

ख़बरों के आगे-पीछे: गुजरात में मोदी के चुनावी प्रचार से लेकर यूपी में मायावती-भाजपा की दोस्ती पर..


बाकी खबरें

  • इस साल बर्बाद हो सकते हैं करीब एक लाख ग्रीन कार्ड, भारतीय पेशेवरों में नाराज़गी
    भाषा
    इस साल बर्बाद हो सकते हैं करीब एक लाख ग्रीन कार्ड, भारतीय पेशेवरों में नाराज़गी
    06 Aug 2021
    आधिकारिक तौर पर स्थायी निवास कार्ड के तौर पर जाने जाना वाला ग्रीन कार्ड आव्रजकों को साक्ष्य के तौर पर जारी एक दस्तावेज है कि धारक को अमेरिका में स्थायी रूप से निवास करने की सुविधा दी गई है।
  • लोकसभा ने कराधान विधि संशोधन विधेयक को मंजूरी दी
    भाषा
    लोकसभा ने कराधान विधि संशोधन विधेयक को मंजूरी दी
    06 Aug 2021
    इसके तहत केयर्न एनर्जी और वोडाफोन जैसी कंपनियों से पूर्व की तिथि से कर की मांग को वापस लिया जाएगा।
  • एथलेटिक्स में भारत के ओलंपिक पदक का इंतज़ार ख़त्म करने के लिये निगाहें नीरज पर
    भाषा
    एथलेटिक्स में भारत के ओलंपिक पदक का इंतज़ार ख़त्म करने के लिये निगाहें नीरज पर
    06 Aug 2021
    हरियाणा में पानीपत के करीब स्थित खांद्रा गांव के एक किसान के बेटे नीरज पदक जीतकर इतिहास रच सकते हैं। मिल्खा सिंह और पीटी उषा क्रमश 1964 और 1984 में मामूली अंतर से चूक गये थे।
  • हारकर भी भारतीय महिला हॉकी टीम ने जीता देशवासियों का दिल
    भाषा
    हारकर भी भारतीय महिला हॉकी टीम ने जीता देशवासियों का दिल
    06 Aug 2021
    अप्रत्याशित प्रदर्शन करके सेमीफाइनल तक पहुंची भारतीय महिला हॉकी टीम कांस्य पदक के मुकाबले में ब्रिटेन से 3 के मुकाबले 4 गोल से हार गई।
  • भारत में बेतहाशा फैलती जा रही है ग़रीबी!
    अजय कुमार
    भारत में बेतहाशा फैलती जा रही है ग़रीबी!
    06 Aug 2021
    नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 5 के आंकड़े बताते हैं कि भारत में कुपोषण, मातृत्व मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर के आंकड़े बढ़े हैं। ग्लोबल हंगर इंडेक्स के आंकड़ों में भारत सीरियस हंगर वाली कैटेगरी में चला गया…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License