NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
हिरासत के दौरान कथित तौर पर प्रताड़ित किए जाने के बाद तीन इराक़ियों की मौत
इन मौतों की रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र की उस एक रिपोर्ट के कुछ दिनों बाद आई है जिसमें इराक़ी और कुर्दिस्तान के क्षेत्रीय सरकारी अधिकारियों पर व्यापक स्तर पर बंदियों के साथ अत्याचार और दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया गया था।
पीपल्स डिस्पैच
11 Aug 2021
 तीन इराक़ियों की मौत

मंगलवार 10 अगस्त को एक मानवाधिकार समूह द्वारा जारी एक बयान के अनुसार देश के दक्षिणी इलाके में बसरा पुलिस द्वारा तीन इराकियों को हिरासत में लिए जाने के 10 दिनों के भीतर अत्यधिक यातना दिए जाने के कारण मौत हो गई। मिड्ल ईस्ट आई ने इस रिपोर्ट को प्रकाशित किया। यह बयान संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के कुछ दिनों बाद आया है जिसमें इराकी अधिकारियों पर देश में कैदियों और बंदियों के साथ व्यापक यातना और दुर्व्यवहार में शामिल होने का आरोप लगाया गया था।

इन तीन पीड़ितों की पहचान हिशाम मोहम्मद हिशाम, मोहम्मद अल-दाबी और अली मुबारक अल-शामरी के रूप में की गई है। इन्हें विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के संदेह में गिरफ्तार किया गया था और उन्हें बसरा पुलिस द्वारा 28 जुलाई और 7 अगस्त के बीच हिरासत में रखने के दौरान कथित तौर पर प्रताड़ित किया गया और मार डाला गया।

यूरो-मेडिटेरेनियन ह्यूमन राइट्स मॉनिटर द्वारा जारी बयान के अनुसार, हिशाम और अल-दाबी बसरा के अपराध-विरोधी मुख्यालय में मारे गए जबकि अली बसरा के अल-बरदियाह पुलिस स्टेशन में मारे गए।

इस बयान में मृतक के परिवार के सदस्यों और कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का हवाला दिया गया है। दाबी और अली के परिवार के सदस्यों ने कहा कि उनके शरीर पर पिटाई, छुरा घोंपने और फ्रैक्चर के स्पष्ट संकेत थे।

संयुक्त राष्ट्र ने इस महीने की शुरुआत में एक रिपोर्ट जारी की थी जिसमें उसने आरोप लगाया था कि इराकी अधिकारी बंदियों के साथ विभिन्न प्रकार के अत्याचारों और दुर्व्यवहार में शामिल हैं। ह्यूमन राइट्स ऑफिस ऑफ द यूनाइटेड नेशन्स असिस्टेंस मिशन फॉर इराक (यूएनएएमआई) और ऑफिस ऑफ द यूनाइटेड नेशन्स हाई कमीश्नर फॉर ह्यूमन राइट्स (ओएचसीएचआर) द्वारा तैयार किए गए इस रिपोर्ट का शीर्षक है 'ह्यूमन राइट्स इन द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ जस्टिस इन इराकः लीगल कंडिशन्स एंड प्रोसीड्योरल सेफगार्ड टू प्रीवेंट टॉर्चर एंड ईल-ट्रीटमेंट’। इसमें कहा गया है कि 1 जुलाई 2019 से 30 अप्रैल 2021 की अवधि के बीच सरकारी अधिकारियों और पुलिस द्वारा 235 व्यक्तियों में से कम से कम आधे लोगों के साथ यातना या दुर्व्यवहार करने की रिपोर्ट है जो "यातना देने के विश्वसनीयता" को दर्शाते हैं।

इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इराक की उच्च न्यायिक परिषद द्वारा 2020 में प्राप्त यातना और दुर्व्यवहार की 1,406 शिकायतों में से यह केवल 18 मामलों समाप्त करने में सक्षम रहा है। इस रिपोर्ट में इराक और कुर्दिस्तान क्षेत्र की सरकारों से "हिरासत केंद्रों में यातना और/या अन्य प्रकार के दुर्व्यवहार के निरंतर गतिविधियों से निपटने" का आग्रह किया गया है।

iraqis death
death in prison
united nation

Related Stories

यूक्रेन पर रूस के हमले से जुड़ा अहम घटनाक्रम

रूस द्वारा डोनबास के दो गणराज्यों को मान्यता देने के मसले पर भारत की दुविधा

प्रधानमंत्री की वेटिकन यात्रा से पहले आई ईसाई समुदाय के खिलाफ़ हिंसा की ख़बर

पाकिस्तान समेत सभी देशों के साथ ‘सामान्य’ दोस्ताना संबंध चाहता है भारत

इज़रायल का क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में फ़िलिस्तीनियों के घरों को ध्वस्त करने का सिलसिला बढ़ाः यूएन


बाकी खबरें

  • लव पुरी
    क्या यही समय है असली कश्मीर फाइल को सबके सामने लाने का?
    04 Apr 2022
    कश्मीर के संदर्भ से जुडी हुई कई बारीकियों को समझना पिछले तीस वर्षों की उथल-पुथल को समझने का सही तरीका है।
  • लाल बहादुर सिंह
    मुद्दा: क्या विपक्ष सत्तारूढ़ दल का वैचारिक-राजनीतिक पर्दाफ़ाश करते हुए काउंटर नैरेटिव खड़ा कर पाएगा
    04 Apr 2022
    आज यक्ष-प्रश्न यही है कि विधानसभा चुनाव में उभरी अपनी कमजोरियों से उबरते हुए क्या विपक्ष जनता की बेहतरी और बदलाव की आकांक्षा को स्वर दे पाएगा और अगले राउंड में बाजी पलट पायेगा?
  • अनिल अंशुमन
    बिहार: विधानसभा स्पीकर और नीतीश सरकार की मनमानी के ख़िलाफ़ भाकपा माले का राज्यव्यापी विरोध
    04 Apr 2022
    भाकपा माले विधायकों को सदन से मार्शल आउट कराये जाने तथा राज्य में गिरती कानून व्यवस्था और बढ़ते अपराधों के विरोध में 3 अप्रैल को माले ने राज्यव्यापी प्रतिवाद अभियान चलाया
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में एक हज़ार से भी कम नए मामले, 13 मरीज़ों की मौत
    04 Apr 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.03 फ़ीसदी यानी 12 हज़ार 597 हो गयी है।
  • भाषा
    श्रीलंका के कैबिनेट मंत्रियों ने तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दिया
    04 Apr 2022
    राजनीतिक विशेषज्ञों ने कहा कि विदेशी मुद्रा भंडार में कमी के कारण पैदा हुए आर्थिक संकट से सरकार द्वारा कथित रूप से ‘‘गलत तरीके से निपटे जाने’’ को लेकर मंत्रियों पर जनता का भारी दबाव था।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License