NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इज़रायल और क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों में मानवाधिकारों के उल्लंघन की जांच के लिए तीन सदस्यीय आयोग गठित
तीन सदस्यीय जांच आयोग का नेतृत्व नवी पिल्ले करेंगे जो 2008-2014 के बीच यूएनएचआरसी के प्रमुख थे।
पीपल्स डिस्पैच
23 Jul 2021
इज़रायल और क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों में मानवाधिकारों के उल्लंघन की जांच के लिए तीन सदस्यीय आयोग गठित

यूनाइटेड नेशन ह्यूमन राइट्स काउंसिल (यूएनएचआरसी) ने गुरुवार 22 जुलाई को इजरायल और ऑक्यूपायड पैलेस्टिनियन टेरिटरिज (ओपीटी) में मानवाधिकारों के उल्लंघन की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच आयोग के प्रमुख के रूप में नवी पिल्ले की नियुक्ति की घोषणा की।

नवी पिल्लै साउथ अफ्रीका की रहने वाली हैं। वह 2008 से 2014 तक यूएन हाइ कमिश्नर थीं। उनके साथ भारत से मिलून कोठारी और ऑस्ट्रेलिया से क्रिस सिदोती शामिल होंगे। ये जांच आयोग गाजा पर हाल ही में इजरायल के हमले के दौरान मानवाधिकारों के उल्लंघन को जांचने के अलावा, 1948 के इजरायल में संघर्ष और व्यवस्थित उल्लंघन के आरोपों के मूल कारणों की रिपोर्ट करेगा।

इस आयोग का गठन इस महीने की शुरुआत में गाजा पट्टी पर इजरायल की बमबारी के बाद 27 मई को अपने विशेष सत्र में अपनाए गए यूएनएचआरसी के प्रस्ताव पर आधारित है। गाजा पर इजरायली बमबारी ने कम से कम 250 फिलिस्तीनियों को मार डाला और इस पट्टी में नागरिक बुनियादी ढांचे के बड़े पैमाने पर नुकसान के अलावा सैकड़ों लोग घायल हो गए। हमास और अन्य फिलिस्तीनी समूहों द्वारा दागे गए जवाबी रॉकेट में इजरायल की ओर से कम से कम 13 लोग मारे गए।

हालांकि इज़रायल ने यूएनएचआरसी के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। इसके लिए 47 में से 24 देशों ने पक्ष में मतदान किया था जबकि 14 देश इस मतदान में शामिल नहीं हुए। उधर फिलिस्तीनियों ने इसका स्वागत किया था। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाचेलेट ने विशेष सत्र में कहा था कि गाजा पर इजरायल की बमबारी युद्ध अपराध हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा था कि हो सकता है फिलिस्तीनी समूहों की कार्रवाई ने मानवाधिकारों का उल्लंघन किया हो।

इस जांच आयोग की अवधि निश्चित नहीं है और यह पिछले आयोगों से इस आशय में अलग होगा कि यह इज़रायल और फिलिस्तीन के बीच बार बार होने वाले संघर्ष के "तनाव के सभी अंतर्निहित मूल कारणों" को जांचेगा। आयोग इस मायने में भी अनूठा है कि यह पहली बार इजरायल की 1948 की सीमाओं के भीतर व्यवस्थित भेदभाव के आरोपों पर भी गौर करेगा।

ये आयोग जून 2022 में यूएनएचआरसी को अपनी पहली रिपोर्ट पेश करेगा और भविष्य में हर साल ऐसा करना जारी रखेगा।

Israel
Palestine
Human Rights
UN

Related Stories

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

यूक्रेन युद्ध से पैदा हुई खाद्य असुरक्षा से बढ़ रही वार्ता की ज़रूरत

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

जलवायु परिवर्तन : हम मुनाफ़े के लिए ज़िंदगी कुर्बान कर रहे हैं

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

एनआईए स्टेन स्वामी की प्रतिष्ठा या लोगों के दिलों में उनकी जगह को धूमिल नहीं कर सकती

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

जलविद्युत बांध जलवायु संकट का हल नहीं होने के 10 कारण 


बाकी खबरें

  • BIRBHUMI
    रबीन्द्र नाथ सिन्हा
    टीएमसी नेताओं ने माना कि रामपुरहाट की घटना ने पार्टी को दाग़दार बना दिया है
    30 Mar 2022
    शायद पहली बार टीएमसी नेताओं ने निजी चर्चा में स्वीकार किया कि बोगटुई की घटना से पार्टी की छवि को झटका लगा है और नरसंहार पार्टी प्रमुख और मुख्यमंत्री के लिए बेहद शर्मनाक साबित हो रहा है।
  • Bharat Bandh
    न्यूज़क्लिक टीम
    देशव्यापी हड़ताल: दिल्ली में भी देखने को मिला व्यापक असर
    29 Mar 2022
    केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के द्वारा आवाह्न पर किए गए दो दिवसीय आम हड़ताल के दूसरे दिन 29 मार्च को देश भर में जहां औद्दोगिक क्षेत्रों में मज़दूरों की हड़ताल हुई, वहीं दिल्ली के सरकारी कर्मचारी और…
  • IPTA
    रवि शंकर दुबे
    देशव्यापी हड़ताल को मिला कलाकारों का समर्थन, इप्टा ने दिखाया सरकारी 'मकड़जाल'
    29 Mar 2022
    किसानों और मज़दूरों के संगठनों ने पूरे देश में दो दिवसीय हड़ताल की। जिसका मुद्दा मंगलवार को राज्यसभा में गूंजा। वहीं हड़ताल के समर्थन में कई नाटक मंडलियों ने नुक्कड़ नाटक खेलकर जनता को जागरुक किया।
  • विजय विनीत
    सार्वजनिक संपदा को बचाने के लिए पूर्वांचल में दूसरे दिन भी सड़क पर उतरे श्रमिक और बैंक-बीमा कर्मचारी
    29 Mar 2022
    "मोदी सरकार एलआईसी का बंटाधार करने पर उतारू है। वह इस वित्तीय संस्था को पूंजीपतियों के हवाले करना चाहती है। कारपोरेट घरानों को मुनाफा पहुंचाने के लिए अब एलआईसी में आईपीओ लाया जा रहा है, ताकि आसानी से…
  • एम. के. भद्रकुमार
    अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई
    29 Mar 2022
    इज़रायली विदेश मंत्री याइर लापिड द्वारा दक्षिणी नेगेव के रेगिस्तान में आयोजित अरब राजनयिकों का शिखर सम्मेलन एक ऐतिहासिक परिघटना है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License