NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
SC ST OBC
अपराध
उत्पीड़न
घटना-दुर्घटना
युवा
भारत
दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल
वामपंथी छात्र संगठन स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ़ इण्डिया(SFI) ने दक्षिणपंथी छात्र संगठन पर हमले का आरोप लगाया है। इस मामले में पुलिस ने भी क़ानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। परन्तु छात्र संगठनों का आरोप है कि पुलिस दक्षिणपंथी छात्र संगठन के कथित गुंडों को बचाने का प्रयास कर रही है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
01 Jun 2022
Ramjas
रामजस कॉलेज में हुई हिंसा के वायरल वीडियो का एक स्क्रीनशॉट

एक बार फिर दिल्ली विश्वविद्यालय का रामजस कॉलेज हिंसा के लिए चर्चा में आया है। इस बार वामपंथी छात्र संगठन स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ़ इण्डिया(SFI) ने दक्षिणपंथी छात्र संगठन पर हमले का आरोप लगाया है। इस मामले में पुलिस ने भी क़ानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। परन्तु छात्र संगठनों का आरोप है पुलिस दक्षिणपंथी छात्र संगठन के कथित गुंडों को बचाने का प्रयास कर रही है।

मंगलवार शाम को SFI दिल्ली इकाई ने एक बयान जारी कर बताया कि उसके कार्यकर्ताओं और रामजस कॉलेज के छात्रों, अखिल, सचिन और अमन पर कॉलेज परिसर के भीतर जाति-आधारित समूहों से जुड़े गुंडों द्वारा बेरहमी से हमला किया गया। जाति आधारित राजनीति गलत क्यों है, इस एक तर्क के जवाब में उन्होंने हमला किया।

उन्होंने आगे अपने बयान में दक्षिणपंथी छात्र संगठन अखिल भारतीय  विद्यार्थी परिषद(ABVP) से जुड़े व्यक्ति जैसे रामजस पासआउट अंकुश कादयान और आशीष कादयान पर इस हमले का आरोप लगाया और कहा कि ये जातिगत भेदभाव में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं, हमले के लिए जिम्मेदार थे।

वाम छात्र संगठन के नेताओ ने अपने बयान में कहा- “कॉलेज अधिकारियों को इस बात की पुष्टि करते हुए छात्रों पर हो रहे हमले और अनुशासनहीनता को रोकते हुए त्वरित कार्यवाही करनी चाहिए।कॉलेज गार्ड और वॉचमैन जो स्पष्ट रूप से अकर्मण्य थे उनकी भी जांच होनी चाहिए। हमलावरों की पहचान होने पे सामने आया कि  वह रामजस कॉलेज के विद्यार्थी नही थे अपितु कॉलेज में उनका धोखे से प्रवेश कराया गया और साज़िश पूर्वक इस हमले को रचा गया। यदि इस तरह से गुंडे बाहर से मंगाए जाएँ और छात्रों पर लगातार जातिवादी-धार्मिक हमले करवाए जाएँ तो यहाँ कॉलेज प्रशासन की चूक पर सीधा सवाल उठता है। यह एक और बात साबित करता है कि कॉलेज गार्ड और कॉलेज पुलिस प्रशासन के हाथ की कटपुतली है। वह छात्र जो समानता, सहिष्णुता और संविधान की बात करते हैं उन पर साजिशपूर्वक हमले करने का कार्य कॉलेज प्रशासन करता रहा है।”

SFI ने कहा कि "SFI-दिल्ली कॉलेज परिसरों में छात्रों की सुरक्षा के अभाव और रामजस कॉलेज में आज हुई गुंडागर्दी की निंदा करता है। हम अपराधियों के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं।''

रामजस कॉलेज में हुए झगड़े में कुछ छात्र घायल: पुलिस

समाचार एजेंसी भाषा की खबर के अनुसार पुलिस ने यह जानकारी दी कि रामजस कॉलेज के परिसर में मंगलवार को दो समूहों के बीच हुए झगड़े में कुछ छात्रों को मामूली चोटें आईं हैं। 

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोनों समूह की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए शिकायतें दी गईं हैं। उन्होंने कहा कि मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है।

इसे भी पढ़ें: जेएनयू हिंसा: प्रदर्शनकारियों ने कहा- कोई भी हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या खाना चाहिए

अधिकारी ने कहा कि छात्रों के दो समूहों के बीच दोपहर करीब तीन बजे झगड़ा हो गया, जिसमें दो-तीन छात्रों को मामूली चोटें आईं। उन्होंने कहा कि छात्र संगठन SFI से जुड़े छात्रों के समूह ने कथित तौर पर ABVP समर्थकों द्वारा एक दीवार पर लिखे जाति-आधारित नारे को संशोधित कर उसे अन्य जाति-आधारित नारे में तब्दील कर दिया। अधिकारी ने कहा कि इसे लेकर दोनों समूहों के बीच कहासुनी हुई जो बाद में झगड़े में बदल गई।

SFI ने पुलिसिया कार्रवाई पर उठाए सवाल करेंगे थाने का घेराव!

एकतरफ जहाँ पुलिस क़ानूनी कार्रवाई शुरू करने की बात कर रही है वहीं छात्र पुलिस के रैवये पर सवाल उठा रहे है। SFI ने कहा- दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर दिखा दिया कि उसका झुकाव कहां है। SFI दिल्ली के कार्यकर्ताओं पर गुंडों द्वारा क्रूरता से हमला किया गया लेकिन घटना के 12 घंटे बीत जाने के बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। साथ ही उन्होंने पुलिस पर उनकी शिकायत के साथ छेड़छाड़ की कोशिश का आरोप भी लगाया। वाम छात्र ने कहा कि पुलिस ने यहां आरोपियों पर एससी/एसटी एक्ट लगाने से भी इनकार कर दिया। यह एक बार फिर साबित करता है कि पुलिस हमारी सुरक्षा के लिए नहीं बल्कि गुंडों की रक्षा के लिए है। 

SFI ने दिल्ली मौरिस नगर पुलिस की निंदा करते हुए एक जून को शाम चार बजे छात्रों को न्याय और कैंपस में सुरक्षा की मांग को लेकर थाने का घेराव का आवाह्न किया है। 

अन्य छात्र संगठनों ने भी रामजस हिंसा का किया विरोध 

परवर्तनगामी छात्र संगठन (पछास) ने भी रामजस कॉलेज में कथिततौर पर ABVP द्वारा SFI के कार्यकर्ताओं अखिल, सचिन और अमन के साथ मारपीट की निंदा की और कहा- “ABVP के गुंडों ने  SFI के कार्यकर्ताओ पर हमला किया है। वीडियो में इनकी गुंडई को आप साफ देख सकते हैं।”

आगे अपने बयान में उन्होंने कहा- “दरअसल 2014 में केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद से पूरे समाज में संघ मंडली ने भय का माहौल कायम किया हुआ है। देश के मजदूर, किसान, अल्पसंख्यक, दलित जब-तब इनके हमलों का शिकार होते रहते हैं। जहां समाज में ये हमले बीजेपी और उसके लंपटों द्वारा किए जा रहे हैं, वहीं कैंपसों में लंपटों की भूमिका ABVP द्वारा निभाई जा रही है। सेमिनारों पर हमला हो, छात्रों पर हमला हो या फिर शिक्षकों पर हमला, ABVP हर जगह उत्पात मचा रही है। शायद ही देश का कोई कैंपस हो जो इनके द्वारा घायल ना किया गया हो।”

पछास ने पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा है- “इतना सब होने के बाद भी दिल्ली पुलिस हर बार इनके कुकृत्यों पर धृतराष्ट्र बनी बैठी रहती है। वो चाहे JNU में कोमल शर्मा का मामला हो या DU में भरत शर्मा का, दिल्ली पुलिस हर बार इन गुंडों को छात्रों को पीटने की खुली छूट देती रही है। इस बार भी वीडियो में दिख रहे ABVP के गुंडों को पुलिस बचाने में लगी हुई है। मोदी सरकार और ABVP के गुंडे हमारे कैंपसों पर लगातार हमले बोल रहे है। वो बहस, वाद-विवाद की संस्कृति को अपनी फासीवादी संस्कृति से कुचल देना चाहते हैं। पढ़ने-लिखने और बहस करने की संस्कृति को बचाने के लिए हम सब को आवाज उठानी होगी।”

इसे भी पढ़ें; दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों का ABVP के हमलों के खिलाफ मार्च

SFI
SFI Protest
Delhi University
Student Protests
ABVP
delhi police
Ramjas college
Ramjas Violence

Related Stories

दिल्ली: दलित प्रोफेसर मामले में SC आयोग का आदेश, DU रजिस्ट्रार व दौलत राम के प्राचार्य के ख़िलाफ़ केस दर्ज

‘धार्मिक भावनाएं’: असहमति की आवाज़ को दबाने का औज़ार

लखनऊ विश्वविद्यालय: दलित प्रोफ़ेसर के ख़िलाफ़ मुक़दमा, हमलावरों पर कोई कार्रवाई नहीं!

डीयू : दलित शिक्षक का आरोप विभागाध्यक्ष ने मारा थप्पड़, विभागाध्यक्ष का आरोप से इनकार

स्टेन स्वामी की मौत के ख़िलाफ़ देशभर में उठ रही आवाज़; एल्गार मामले के अन्य आरोपियों ने जेल में भूख हड़ताल की

दिल्ली: नाबालिग दलित लड़की की गैंगरेप के बाद हत्या का आरोप, पुलिस ने नहीं दर्ज की रिपोर्ट


बाकी खबरें

  • Babri Masjid
    न्यूज़क्लिक टीम
    बाबरी मस्जिद का ध्वस्त होना बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों की हार
    05 Dec 2021
    6 दिसंबर आंबेडकर को याद करने का दिन था, लेकिन 1992 में बाबरी मस्जिद को ध्वस्त कर के उस दिन का मतलब ही बदल दिया गया है . 'इतिहास के पन्ने मेरी नज़र से' के इस भाग में नीलांजन बात करते हैं उन दोनों ख़ास…
  • putin
    डेविड सी.स्पीडी
    पुतिन की लक्ष्मण रेखाओं पर नज़र
    05 Dec 2021
    मालूम होता है कि यूक्रेन को ताजा दी गई $150 मिलियन की सैन्य सहायता में उसके हवाई अड्डों पर अमेरिकी प्रशिक्षणकर्मियों की तैनाती भी शामिल है।
  • satire
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: विश्व गुरु को हंसना-हंसाना नहीं चाहिए
    05 Dec 2021
    अब अगर हम हंसने-हंसाने में ही लगे रहेंगे तो विश्व गुरु कैसे बनेंगे। विश्व गुरु बनने के लिए हमें इस हंसने और हंसाने की आदत को बिल्कुल ही छोड़ना होगा।
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता : 'पुनल तुम आदमी निकले...'
    05 Dec 2021
    इतवार की कविता में आज पढ़िये सस्सी-पुन्नू की प्रेमकहानी पर नए ज़ाविये से लिखी इमरान फ़िरोज़ की यह नज़्म।
  •  Kashi Vishwanath Temple
    विजय विनीत
    एक और ‘इवेंट’: यूपी में भाजपा का नया चुनावी दांव ‘चलो काशी’ 
    05 Dec 2021
    भाजपा का नया नारा है, "दिव्य काशी, भव्य काशी, चलो काशी।" यह नारा ऐसे वक्त में गढ़ा गया है जब पीएम नरेंद्र मोदी काशी विश्वनाथ मंदिर के लोकार्पण के लिए बनारस आ रहे हैं। इसी के ईर्द-गिर्द बुना गया है एक…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License