NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
साहित्य-संस्कृति
भारत
कोरोना की तीसरी लहर: आयेगी ज़रूर, बस मेहनत करते रहिए
सारी लहरें मेहनत से ही आईं हैं। पहली लहर में सरकार जी ने मेहनत की। दूसरी लहर में और ज़्यादा मेहनत की और अब तीसरी लहर की बात हो रही है। सरकार जी और सरकारें भी निरंतर प्रयास कर रही हैं कि तीसरी लहर जल्द ही आये।
डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
25 Jul 2021
कोरोना की तीसरी लहर: आयेगी ज़रूर, बस मेहनत करते रहिए
Image courtesy : DailyMotion

कोरोना लहरों में आ रहा है। पहली लहर आई और लौट गई। फिर दूसरी लहर आई, ज्यादा बड़ी थी, ज्यादा विध्वंसक थी पर उसे भी लौटना पड़ा। अब तीसरी लहर के आने की बात हो रही है। बताते हैं, आएगी जरूर, बस मेहनत करते रहिये। 

सारी लहरें मेहनत से ही आईं हैं। पहली लहर में सरकार जी ने मेहनत की। केन्द्रीय लॉकडाउन से लेकर गाजा-बाजा, दिया-बाती, सब किया और करवाया। गोबर और गोमूत्र भी करवाया और पहली लहर को ससम्मान लाये। जो थोड़ी बहुत कसर बाकी थी, वह बिहार चुनाव ने पूरी कर दी। पहली लहर के समय आम जनता तो डर कर घर में घुसकर बैठी रही। लोगों को कोरोना से अधिक सरकार जी की लाठी का डर जो था। लोग मास्क भी लगा रहे थे और हाथ भी धो रहे थे पर सरकार जी को लहर लानी थी तो वे लेकर आये ही।

पहली के बाद दूसरी आती है तो आई। सरकार जी ने बहुत ही मेहनत की इस बार और उनकी मेहनत रंग भी लाई। पांच राज्यों में चुनाव हुए, कुम्भ मेला भी आयोजित किया गया। इस लहर के लिए मेहनत अधिक की थी तो लहर भी अधिक बड़ी आई। सरकार और सरकारों की मेहनत का ही फल था कि दूसरी लहर में अधिक लोग बीमार पड़े और अधिक ही मरे। कुछ ही लोग अस्पतालों में भर्ती हो पाये और अधिक लोगों को अस्पतालों में जगह ही नहीं मिल पाई। कुछ लोगों को आक्सीजन मिल पाई और अधिक लोगों को आक्सीजन भी नहीं मिल पाई। यह सब सरकार जी और सरकारों की मेहनत से ही संभव हो पाया।

दूसरी के बाद तीसरी आती है। यह गणित का नियम है। तो दूसरी के बाद जो लहर आयेगी वह तीसरी ही कहलायेगी न! ऐसा वैज्ञानिकों का कहना है। और वैज्ञानिक निरंतर गणना कर रहे हैं कि तीसरी लहर कब आयेगी। इसके अलावा तीसरी लहर आये बिना चौथी लहर भी नहीं आ सकती है इसलिए भी तीसरी लहर का आना आवश्यक है। सरकार जी और सरकारें भी निरंतर प्रयास कर रही हैं कि तीसरी लहर जल्द ही आये। वे कांवड़ यात्रा को जारी रखना चाहती हैं, ईद पर ढील देना चाहती हैं परन्तु उच्चतम न्यायालय बाधा बन कर बीच में आ जाता है। वह उत्तर प्रदेश को कांवड़ यात्रा बैन करने को कहता है और केरल को ईद पर कड़ाई बरतने को। अगर सरकार जी और सरकारें चाहें तो वे तीसरी‌ लहर जल्दी ही ला सकती हैं पर यह उच्चतम न्यायालय सरकारों की राह में बाधा बन रहा है।

अब, क्योंकि सरकार जी और सरकारें अपनी भरसक कोशिश के बावजूद, संभव है कि कोरोना की तीसरी लहर शीघ्र ही न ला पाएं, न्यायालय रुकावट डालता ही रहे। तो यह हम आम लोगों की जिम्मेदारी है कि हम देखें कि कोरोना की तीसरी लहर आ रही है और जल्द ही आ रही है। क्योंकि अगर तीसरी लहर ने आने में देर कर दी तो सरकार जी जल्दी ही घोषणा कर देंगे कि उन्होंने कोरोना पर विजय प्राप्त कर ली है। 

ऐसे में हम लोगों की जिम्मेदारी है कि हम ऐसा वातावरण बनाएं कि कोरोना की तीसरी लहर आ सके, जल्द ही आ सके। घर पर न रहें बिना काम के भी घर से बाहर निकलें। बाजारों में बार बार जाएं, बिना काम के जाएं, सिर्फ भीड़ बढ़ाने के लिए जाएं। हिल स्टेशनों पर, पिकनिक मनाने के स्थानों पर, सब जगह भीड़-भाड़ बनाये रखें। भीड़ बढ़ाये रखने से कोरोना को फैलने में सहायता मिलती है। तो तीसरी लहर लाने के लिए जरूरी है कि भीड़ वाली जगहों पर जायें, भीड़-भाड़ बनाये रखें। 

डेढ़ साल हो गया किसी यार-दोस्त, रिश्तेदार की शादी में गए हुए। गए भी तो अकेले ही गए और वहां जाकर मुंह बांध कर, दूर दूर एक कोने में बैठे रहे। डर के मारे कुछ खाया-पीया भी नहीं। पर अब किसी शादी-ब्याह में जाने का, पार्टी-वार्टी में मौका मिले तो सपरिवार जाएं। और यह मास्क-वास्क रहने ही दें। मास्क पहनने से यह सुंदर चेहरा, यह मंहगा मेकअप, दिखता ही नहीं है। आखिर तीसरी लहर हमें ही तो लानी है।

वैसे भी मास्क लगाना अब छोड़ ही दें। मास्क पहनने से चेहरे की सारी रंगत ही जाती रही है। चेहरा पिचक गया है, होंठ सूख गए हैं, नाक पकोड़े सी बन गई है और कान, उनकी तो पूछिए ही मत। कान खिंच खिंच कर पपड़ी बन गए हैं। हर समय दर्द से ऐसे ऐंठते रहते हैं जैसे किसी ने जोर से मरोड़ दिए हों। सारा चेहरा बेकार हो गया है इस मास्क की कृपा से। वैसे भी मास्क लगाना छोड़ेंगे तभी तो तीसरी लहर आयेगी। तीसरी लहर लाने के लिए मेहनत हमें ही तो करनी है।

और बार बार हाथ धोना, हाथ सेनेटाइज करना, वह तो जैसे जी का जंजाल है। इतना साबुन और पानी खर्च होता है कि बस पूछिए ही मत। जितना पानी नहाने में नहीं खर्च होता है उससे ज्यादा हाथ धोने में खर्च हो जाता है। कई बार तो ऐसा लगता है कि जितना खर्च मास्क, सेनेटाइजर, साबुन और पानी पर हो गया है उससे कहीं कम में तो कोरोना का इलाज ही हो जाता। ऊपर से हाथ और खराब हो गए हैं। हाथ की चमड़ी तो ऐसे गल सी गई है जरा सा मलने पर ही उतरने लगी है। उधर सेनेटाइजर के केमिकल ने ऐसा कमाल किया है कि चमड़ी जगह जगह से कठोर हो गई है। तो भाईयों (और बहनों), अब से बार बार हाथ धोना, सेनेटाइज करना भी बंद। आखिर तीसरी लहर लाने के लिए मेहनत भी तो हमें ही करनी है।

तो शुरू हो जाओ। तीसरी लहर जनता को ही लानी है। तो फिर अब सोशल डिस्टेंसिंग बंद। मास्क का प्रयोग बंद। बाजारों में, घूमने-फिरने की जगहों पर भीड़-भाड़ शुरू। हाथ धोना, सेनेटाइज करना भी बंद। यकीन न हो तो मनाली, मसूरी और नैनीताल की हालिया फोटो देख लीजिए। पास में ही देखना है तो अपने शहर के बाजार घूम आईये। भीड़-भाड़ तो इतनी मिलेगी कि कंधे से कंधा टकरा रहा होगा। और मास्क, उसे पहने लोग दिखाई दे जाएं तो अपने को भाग्यशाली समझिएगा। तो समझ लो, जनता तीसरी लहर लाने के लिए पूरी मेहनत कर रही है।

लेखक की ओर से: 

यह एक व्यंग्य लेख है। कोरोना अभी समाप्त नहीं हुआ है। बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलिए। आपस में दूरी बना कर रखिए। मास्क लगाएं और बार बार हाथ धोते रहें। बचाव में ही समझदारी है। तीसरी, चौथी या पांचवीं लहर लाने की जिम्मेदारी हम आम जनता की नहीं है। यह काम सरकार को ही करने दीजिए।

(इस व्यंग्य स्तंभ ‘तिरछी नज़र’ के लेखक पेशे से चिकित्सक हैं।)

tirchi nazar
Satire
Political satire
Coronavirus
COVID-19
Corona 3rd wave

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • दिल्ली बच्ची दुष्कर्म और हत्या मामला: चारों आरोपी तीन दिन के पुलिस रिमांड पर
    भाषा
    दिल्ली बच्ची दुष्कर्म और हत्या मामला: चारों आरोपी तीन दिन के पुलिस रिमांड पर
    10 Aug 2021
    बच्ची के माता-पिता सैकड़ों स्थानीय लोगों के साथ ओल्ड नांगल गांव इलाके में सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन कर दोषियों को मृत्यु दंड दिए जाने की मांग कर रहे थे। हालांकि पुलिस ने सड़क खाली करा ली है।
  • फ़ैक्ट-चेक : UPSC परीक्षा में ‘इस्लामिक स्टडीज़’ विषय चुनकर IAS बन रहे हैं लोग?
    प्रियंका झा
    फ़ैक्ट-चेक : UPSC परीक्षा में ‘इस्लामिक स्टडीज़’ विषय चुनकर IAS बन रहे हैं लोग?
    10 Aug 2021
    फ़ेसबुक पर कई लोगों ने ऐसा पोस्ट किया है. सभी का कहना है कि सनातन धर्म को कोई गंभीरता से नहीं लेता. ‘सनातन परिवार‘ नाम के एक फ़ेसबुक पेज ने भी ये पोस्ट शेयर किया है.
  • कोरोना
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 28,204 नए मामले, 373 मरीज़ों की मौत
    10 Aug 2021
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 28,204 नए मामले दर्ज किए गए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 1.21 फ़ीसदी यानी 3 लाख 88 हज़ार 508 हो गयी है।
  •  फजर अली की पत्नी कमला खातून और बेटा जहांगीर अलोम
    सबरंग इंडिया
    डिटेंशन कैंप में बंद सुसाइड सर्वाइवर की मदद के लिए आगे आया CJP
    10 Aug 2021
    फजर अली की दुखद कहानी का सुखद अंत हो सकता है। विदेशी घोषित किए जाने के सदमे से व्यथित फजर अली ने ब्रह्मपुत्र में कूदकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था। हालांकि उसे बचा लिया गया, लेकिन पुलिस ने उसे…
  • सीटू ने बंगाल में प्रवासी श्रमिकों की यूनियन बनाने की पहल की 
    रबीन्द्र नाथ सिन्हा
    सीटू ने बंगाल में प्रवासी श्रमिकों की यूनियन बनाने की पहल की 
    10 Aug 2021
    सीटू ने यूनियन बनाने का फ़ैसला इसलिए लिया क्योंकि देश में पिछले साल लगे लॉकडाउन के दौरान प्रवासी श्रमिकों को अपने कार्यस्थलों से वापस गांवों/कस्बों में वापस लौटते वक़्त दर्दनाक चुनौतियों और तकलीफ़ों का…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License