NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
साहित्य-संस्कृति
भारत
राजनीति
तिरछी नज़र: टीका न हुआ, रायता हो गया, सब फैलाए जाते हैं
मोदी जी के कहने से कोरोना को भगाने के लिए ताली-थाली बजाने वाले हम भला मोदी जी की बात क्यों टालते। तो मोदी जी की बात मान कर हमने टीका लगवाने की ठान ही ली, लेकिन...
डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
13 Jun 2021
तिरछी नज़र: टीका न हुआ, रायता हो गया, सब फैलाए जाते हैं
प्रतीकात्मक तस्वीर। साभार: नवभारत टाइम्स

टीका लगवा लो, टीका लगवा लो! टीका लगवाने का इतना शोर है कि जब भी मोबाइल पर किसी को फोन मिलाते हैं तो भी यही सुनाई देता है। दिन में दस बार फोन करो तो दसों बार यही सुनाई देता है। बहुत से लोगों ने तो इसीलिए फोन करना ही बंद कर दिया है कि अगर फोन आ जायेगा तो बात कर लेंगे नहीं तो बात करने की जरूरत ही क्या है।

इतना शोर सुनकर हमें लगा कि टीका लगवा ही लें। फोन वाली बाला तो बार-बार कह ही रही है, मोदी जी भी कह चुके हैं। मोदी जी तो यह भी कह रहे हैं 'मैं विश्व का सबसे बड़ा टीका कार्यक्रम अपने देश में चला रहा हूं'। साथ ही यह भी बता रहे हैं कि उनके द्वारा ही देश में दो-दो टीके बनाये जा रहे हैं। मोदी जी ने यह भी बताया है कि उन्होंने टीके की खोज करने में करोड़ों खर्च किए हैं और वे टीके को खरीदने के लिए भी पैंतीस हजार करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं। 

मोदी जी के कहने से कोरोना को भगाने के लिए ताली-थाली बजाने वाले हम भला मोदी जी की बात क्यों टालते। तो मोदी जी की बात मान कर हमने टीका लगवाने की ठान ही ली। हम अगले दिन सुबह ही वैक्सीनेशन के लिए जाने का मन बना चुके थे। अपना आधार कार्ड भी ढूंढ कर निकाल लिया था। पर उसी दिन शाम को टीवी पर मोदी जी को सुना। हमने सुना और मोदी जी ने बताया कि मोदी जी के अथक प्रयासों से, हमारे देश ने, बिना सबको टीका लगाये ही कोरोना पर विजय प्राप्त कर ली है। हमने मोदी जी का तहेदिल से शुक्रिया अदा किया कि उन्होंने यह बात समय पर बता कर हमें बेमतलब के टीके से बचा लिया।

तो हमने वैक्सीनेशन नहीं लिया। हमें पता था कि मोदी जी झूठ नहीं बोलते हैं। जब कोरोना पर विजय प्राप्त कर ही ली गई है तो फिर कोरोना का टीका क्यों लगवाना। देश का टीका भी बचेगा और पैसे भी। और बचे टीके को मोदी जी दूसरे देशों को भेज भी सकेंगे। बेचा तो पैसे बनेंगे और मुफ्त में भेजा तो इमेज़ बनेगी। पैसा देश को मिले या मोदी जी को, इमेज़ देश की बने या मोदी जी की, एक ही बात है। देश ही मोदी है और मोदी जी ही देश हैं। तो हमें लगा कि टीका न लगवा कर हम भी मोदी जी, च..च.., देश के उत्थान में थोड़ा सा योगदान दे ही रहे हैं।

इधर हमने टीका नहीं लिया और उधर देश में, हमारे देश में, हमारे ही देश में, कोरोना के मरीज बढ़ने लगे। हमारे उसी देश में मरीज बढ़ने लगे जिसने अभी हाल में ही कोरोना पर विजय हासिल की थी। बहुत कहर ढाया कोरोना ने इस बार। न जाने कितने लोग गुजर गए कोरोना से इस बार। कोई गिनती ही नहीं है। कितने गुजरे, मैं क्या बताऊं। सरकार ही हिसाब नहीं लगा पा रही है गुजर चुके लोगों का। कुछ तो जान-पहचान वाले ही नहीं रहे। पक्का निश्चय कर लिया कि इस बार जैसे ही घर से बाहर निकलने लायक हालात होंगे, वैक्सीन लगवा लेंगे।

हमने पक्का निश्चय कर लिया था कि टीका लगवा ही लेंगे, वैक्सीनेशन करा ही लेंगे। अब किसी भी बहाने से नहीं रुकेंगे। इस जान लेवा बीमारी से तो बचना ही बेहतर है। जान है तो जहान है। मोदी जी को वोट भी तो बचने के बाद ही दे पायेंगे। हिन्दू राष्ट्र भी तो बचने के बाद ही बना पायेंगे। लेकिन इस बार भी टीके के लिए जाते जाते एक व्यवधान उत्पन्न हो गया। लाला रामदेव, सौरी! बाबा रामदेव के वीडियो देख लिये। एक वीडियो में बाबा बता रहे थे कि दो दो टीकों के बाद भी एक हजार से ज्यादा डाक्टर कोविड से मर गये। दूसरा वीडियो देखा, बाबा कह रहे थे कि वे स्वयं टीका नहीं लगवायेंगे। तीसरे में वे एलोपैथी चिकित्सा पद्धति की बुराई कर रहे थे। सोच लिया भले ही मर जायेंगे पर अब टीका हरगिज नहीं लगवायेंगे।

खैर अंततः टीका हमने ले ही लिया, वैक्सीनेशन करा ही लिया। पहले यह चिंता थी कि वैक्सीन लें या न लें पर अब दूसरी डोज को लेकर चिंता है। जनवरी में जब टीकाकरण शुरू हुआ था तब टीके मोदी जी लगा रहे थे। फिर टीके लगाने मोदी जी ने बंद कर दिए और योगी जी, केजरीवाल जी आदि लगाने लगे। अब फिर से मोदी जी टीके लगाने जा रहे हैं। जनवरी में दो टीकों के बीच में चार सप्ताह का अंतर था। फिर मार्च में एक खास वैक्सीन के दो टीकों के बीच में गैप बढ़ गया। वह बढ़ा तो बढ़ते-बढ़ते बारह हफ्ते तक का हो गया। कभी सुनते हैं कि एक ही टीका काफी है तो कभी कोरोना होने के बाद टीके का अंतर और बढ़ा देते हैं। अब तो यह भी कह रहे हैं कि अगर कोरोना हो गया है तो टीके की जरूरत ही नहीं है। संभव है, दो तीन महीने बाद कहने लगें कि अगर घर में एक को टीका लग गया है, वैक्सीनेशन हो चुका है तो घर के अन्य सदस्यों को वैक्सीनेशन कराने की जरूरत नहीं है। तीसरी, चौथी लहर के बाद हो सकता है कि टीकाकरण बंद ही कर दिया जाए। कहा जाए कि जो अब बच गए हैं उन्हें भला टीका क्यों चाहिए। जिनका कोरोना अभी तक कुछ नहीं बिगाड़ सका, अब आगे क्या बिगाड़ लेगा। टीके के मामले में तो यह रायता मोदी जी ही, मतलब सरकार जी की सरकार ही फैला रही है। और जब तक यह रायता फैलाया जाता रहेगा, लोग मेरी तरह से शंकित रहेंगे ही।

(व्यंग्य स्तंभ ‘तिरछी नज़र’ के लेखक पेशे से चिकित्सक हैं।)

tirchi nazar
Satire
Political satire
COVID-19
Covid Vaccination
Narendra modi
Modi government

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • Sudha Bhardwaj
    भाषा
    एल्गार परिषद : बंबई उच्च न्यायालय ने वकील सुधा भारद्वाज को ज़मानत दी
    01 Dec 2021
    अदालत ने भारद्वाज को इस आधार पर ज़मानत प्रदान कि उनके ख़िलाफ़ निश्चित अवधि में आरोपपत्र दाखिल नहीं हुआ इसलिए वह ज़मानत की हकदार हैं। भारद्वाज वर्ष 2018 में गिरफ़्तारी के बाद से विचाराधीन कैदी के तौर पर…
  • palestine prisoner
    पीपल्स डिस्पैच
    फ़िलिस्तीनी प्रशासनिक बंदी लोय अल-अश्क़र ने रिहाई पर हुए समझौते के बाद भूख हड़ताल ख़त्म की
    01 Dec 2021
    इजरायल ने दो अन्य फिलिस्तिनियों-हिशाम अबू ह्वाश और निदाल बॉलआउट को हिरासत में रखा हुआ है और इस अवैध प्रशासनिक हिरासत के ख़िलाफ़ ये दोनों इस समय बंदी भूख हड़ताल पर हैं। वे क्रमश: 104 दिनों और 31 दिनों…
  • AICCTU
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली: ऐक्टू ने किया निर्माण मज़दूरों के सवालों पर प्रदर्शन
    30 Nov 2021
    कार्यक्रम की शुरुआत सुश्रुत ट्रामा सेंटर से मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की ओर जुलूस निकालकर हुई। दिल्ली पुलिस द्वारा मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय तक का रास्ता बंद किये जाने के चलते सड़क पर ही सभा की गई।
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    नीति आयोग की MPI रिपोर्ट, निर्माण मज़दूरों की हड़ताल और अन्य ख़बरें
    30 Nov 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी नीति आयोग की ग़रीबी पर रिपोर्ट, निर्माण मज़दूरों की हड़ताल और अन्य ख़बरों पर।
  • Protest
    मुकुंद झा
    दिल्ली: बैंक कर्मचारियों के 'बैंक बचाओ, देश बचाओ' अभियान को ट्रेड यूनियनों, किसान संगठन का मिला समर्थन  
    30 Nov 2021
    बैंक कर्मियों की भारत यात्रा मंगलवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर समाप्त हुई। जिसमें सरकार को चेताया गया कि अगर सरकार ने अपने निजीकरण के निर्णय को वापस नहीं लिया तो आंदोलन और तेज़ होगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License