NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
साहित्य-संस्कृति
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
महाशय, आपके पास क्या मेरे लिए कोई काम है?
वैज्ञानिक समाजवाद के प्रणेता, साम्यवाद के सिद्धांतकार कार्ल मार्क्स की आज जयंती है। उन्होंने हमें सिर्फ़ कम्युनिस्ट घोषणापत्र और दास कैपिटल जैसी किताब ही नहीं दी बल्कि कुछ ऐसी कविताएं भी दी हैं, जो पूंजीवाद की असलियत और समाजवाद की ज़रूरत को हमारे सामने अलग ढंग से रेखांकित करती हैं। आइए आज पढ़ते हैं ऐसी ही एक कविता
न्यूज़क्लिक डेस्क
05 May 2022
unemployment

इतनी चमक-दमक के बावजूद

तुम्हारे दिन

तुम्हारे जीवन

को सजीव बना देने के

इतने सवालों के बावजूद

तुम इतने अकेले क्यों हो मेरे दोस्त ?

 

जिस नौजवान को कविताएं लिखने और

बहसों में शामिल रहना था

वो आज सड़कों पर लोगों से एक सवाल

पूछता फिर रहा है

महाशय, आपके पास क्या मेरे लिए

कोई काम है?

 

वो नवयुवती जिसके हक़ में

ज़िंदगी की सारी ख़ुशियां होनी चाहिए थी

इतनी सहमी-सहमी व इतनी नाराज़ क्यों है ?

 

शहरों में

संगीतकार ने

क्यों खो दिया है

अपना गान ?

 

अदम्य रोशनी के बाक़ी विचार भी

जब अंधेरे बादलों से अच्छादित है

जवाब

मेरे दोस्त ..हवाओं में तैर रहे हैं

समा लो अपने भीतर

जैसे हर किसी को रोज़ का खाना चाहिए

महिला को चाहिए अपना अधिकार

कलाकार को चाहिए रंग और अपनी तूलिका

उसी तरह

हमारे समय के संकट को चाहिए

एक विचार धारा

और एक अह्वान:-

 

अंतहीन संघर्षों, अनंत उत्तेजनाओं,

सपनों में बंधे

मत ढलो यथास्थिति के अनुसार

मोड़ो दुनिया को अपनी ओर

समा लो अपने भीतर

समस्त ज्ञान

घुटनों के बल मत रेंगों

 

उठो—

गीत, कला और सच्चाइयों की

तमाम गहराइयों की थाह लो

 

-    कार्ल मार्क्स

 

इसे भी पढ़ें : मार्क्स और पूंजीवाद

Karl Marx
Karl Marx Birth Anniversary

Related Stories

“हम आकांक्षा, आक्रोश, आवेग और अभिमान से जियेंगे”

...आओ, क्योंकि छिछला, निरुदेश्य और लक्ष्यहीन जीवन हमें स्वीकार नहीं


बाकी खबरें

  • Growing Up
    फ़राह बशीर, सहबा हुसैन
    संघर्ष-क्षेत्र में जीने का अनुभव
    30 Sep 2021
    "रयूमर्स ऑफ़ स्प्रिंग: अ गर्लहुड इन कश्मीर" फ़राह बशीर के 90 के दशक में श्रीनगर में बिताए अनुभवों का ज़िक्र करने वाली किताब है।
  • Urmilesh
    न्यूज़क्लिक टीम
    कांग्रेस में कन्हैया की इंट्री और सिद्धू के इस्तीफ़े का मतलब
    30 Sep 2021
    जिस दिन कांग्रेस कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवाणी जैसे चर्चित युवा नेताओं को अपनी पार्टी से जोड़ रही थी, कांग्रेस के एक अन्य चर्चित चेहरे-नवजोत सिंह सिद्धू ने उसी दिन पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से…
  • Bhasha Singh
    न्यूज़क्लिक टीम
    हाथरस कांडः महिला संगठनों ने घेरा योगी सरकार को, अन्याय पर अन्याय कब तक
    30 Sep 2021
    ख़ास रपट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने हाथरस कांड के एक साल होने पर भी न्याय न दिलानी वाली योगी सरकार को घेरने के लिए लामबंद महिला संगठनों के राष्ट्रीय कन्वेशन में आईं महिला नेताओं से बात की।
  • air
    अजय कुमार
    वायु प्रदूषण पर WHO ने जारी किए नए दिशानिर्देश, कब अलार्म बेल सुनेगा भारत?
    30 Sep 2021
    जिस हवा की वजह से जीवन है। वह हवा मानव जीवन की तबाही का कारण भी बन रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस तबाही को रोकने के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं।
  • न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी मिशन यूपी के लिए किसानों की तैयारी के साथ हाथरस मामले के एक साल और अन्य ख़बरों पर।
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसानों की मिशन यूपी की तैयारी तेज़, हाथरस मामले को एक साल और अन्य ख़बरें
    29 Sep 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी मिशन यूपी के लिए किसानों की तैयारी के साथ हाथरस मामले के एक साल और अन्य ख़बरों पर।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License