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टोक्यो ओलंपिक: कमलप्रीत ने फाइनल के लिए क्वालीफाई किया, सीमा पूनिया और श्रीशंकर चूके
पच्चीस वर्ष की कमलप्रीत ने चक्का फेंक के अपने तीसरे प्रयास में 64 मीटर का थ्रो फेंका जो क्वालीफिकेशन मार्क भी था। क्वालीफिकेशन में शीर्ष रहने वाली अमेरिका की वालारी आलमैन के अलावा वह 64 मीटर या अधिक का थ्रो लगाने वाली अकेली खिलाड़ी रहीं।
भाषा
31 Jul 2021
कमलप्रीत

टोक्यो: चक्का फेंक खिलाड़ी कमलप्रीत कौर ने ओलंपिक में भारत के लिये सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में से एक करते हुए टोक्यो क्वालीफिकेशन दौर में दूसरे स्थान पर रहकर फाइनल में जगह बना ली जबकि इसी स्पर्धा में अनुभवी सीमा पूनिया चूक गईं ।

शनिवार को एक अन्य भारतीय एथलीट लंबी कूद खिलाड़ी श्रीशंकर भी फाइनल में जगह बनाने से चूक गये।

पच्चीस वर्ष की कमलप्रीत ने चक्का फेंक के अपने तीसरे प्रयास में 64 मीटर का थ्रो फेंका जो क्वालीफिकेशन मार्क भी था। क्वालीफिकेशन में शीर्ष रहने वाली अमेरिका की वालारी आलमैन के अलावा वह 64 मीटर या अधिक का थ्रो लगाने वाली अकेली खिलाड़ी रहीं।

इस स्पर्धा का फाइनल दो अगस्त को होगा ।

दोनों पूल में 31 खिलाड़ियों में से 64 मीटर का मार्क पार करने वाले या शीर्ष 12 ने क्वालीफाई किया। कमलप्रीत मौजूदा चैम्पियन क्रोएशिया की सैंड्रा पेरकोविच (63.75 मीटर) और विश्व चैम्पियन क्यूबा की येइमे पेरेज (63.18 मीटर) से आगे रही । पेरकोविच तीसरे और पेरेज सातवें स्थान पर रही ।

सीमा पूनिया पूल ए में 60 . 57 के थ्रो के साथ छठे स्थान पर और कुल 16वें स्थान पर रही । ऐन मौके पर ओलंपिक में जगह बनाने वाली सीमा अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी नहीं दोहरा सकी। सीमा का पहला प्रयास अवैध रहा। दूसरे प्रयास में उन्होंने 60 . 57 और तीसरे में 58 . 93 मीटर का थ्रो फेंका ।

कमलप्रीत ने पूल बी में पहले प्रयास में 60.29 , दूसरे में 63 . 97 और आखिर में 64 मीटर का थ्रो फेंका ।  

लंबी कूद में श्रीशंकर यहां टोक्यो ओलंपिक में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में नाकाम रहे और ओवरऑल 25वें स्थान पर रहते हुए फाइनल की दौड़ से बाहर हो गये।

श्रीशंकर ने अपने पहले प्रयास में 7.69 मीटर की छलांग लगायी लेकिन वह दूसरे और तीसरे प्रयास में इससे बेहतर नहीं कर सके। उनका दूसरा प्रयास 7.51 मीटर और तीसरा प्रयास 7.43 मीटर का रहा था।

वह अपनी हीट (पूल) में 13वें और ओवरऑल 25वें (32 खिलाड़ियों में) स्थान पर रहे।

इस स्पर्धा में फाइनल्स के लिए क्वालीफाई करने का मानक 8.15 मीटर या दोनों पूल को मिलाकर शीर्ष के 12 खिलाड़ियों में जगह बनाना जरूरी था ।

क्यूबा के जुआन मिगुएल एचेवरिया 8.50 मीटर की छलांग के साथ तालिका में शीर्ष पर रहे। फाइनल में जगह बनाने वाले 12वें एथलीट फिनलैंड के क्रिस्टियन पुली ने 7.96 मीटर की छलांग लगायी थी।

श्रीशंकर ने इस साल मार्च में फेडरेशन कप के दौरान 8.26 मीटर की छलांग लगाकर टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया था।

इस साल शानदार फॉर्म में चल रही कमलप्रीत ने चक्का फेंक में दो बार 65 मीटर का आंकड़ा पार किया। उन्होंने मार्च में फेडरेशन कप में 65 . 06 मीटर का थ्रो फेंककर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा । वह 65 मीटर पार करने वाली पहली भारतीय हैं ।

इसके बाद जून में इंडियन ग्रां प्री 4 में अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड बेहतर करते हुए उन्होंने 66 . 59 मीटर का थ्रो फेंका ।

हरियाणा की 38 वर्ष की पूनिया ने 29 जून को पटियाला में राष्ट्रीय अंतर प्रांतीय चैम्पियनशिप में 63 . 72 मीटर के जरिये ओलंपिक के लिये क्वालीफाई किया था । उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 64 . 84 मीटर है जो उन्होंने 2004 में बनाया था।

जकार्ता में 2018 एशियाई खेलों में कांस्य जीतने के बाद वह इसी सत्र में लौटी थी। उन्होंने अधिकांश अभ्यास रूस और करीबी देशों में किया और अपने निजी कोच अलेक्जेंडर सिनितसिन के साथ आई थी ।

पूनिया ने 2006 से चारों राष्ट्रमंडल खेलों में तीन रजत और एक कांस्य पदक जीता है। उन्होंने 2014 और 2018 एशियाई खेलों में क्रमश: स्वर्ण और कांस्य जीता था।

Tokyo Olympics
Kamalpreet Kaur
Seema Punia
Sreeshankar

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