NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
विरोध-प्रदर्शन को कुचलने के लिए "बड़ी संख्या में सशस्त्र सैनिकों" की तैनाती करेंगे ट्रम्प
ट्रम्प ने विरोध प्रदर्शन को दबाने में राज्य और शहर प्रशासन की ‘अक्षमता’ को देखते हुए उनकी आलोचना की। उन्होंने धमकी दी है कि अगर वे सशस्त्र बलों का इस्तेमाल नहीं करते हैं तो सेना को इस्तेमाल में लाया जाएगा।
पीपल्स डिस्पैच
02 Jun 2020
USA

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने धमकी दी है कि अगर शहर और राज्य प्रशासन विरोध प्रदर्शनों को रोक नहीं पाता है तो देश भर में नेशनल गार्ड को तैनात कर दिया जाएगा। ये धमकी सोमवार एक जून को व्हाइट हाउस के रोज़ गार्डन से मीडिया को संबोधन करने के दौरान दी गई। उन्होंने कहा, "आज मैंने हर गवर्नर को पर्याप्त संख्या में नेशनल गार्ड तैनात करने की पुरज़ोर तरीक़े से सिफारिश की है ताकि हम सड़कों पर नियंत्रण करें।"

नेशनल गार्ड सेना और वायु सेना से आरक्षित सैन्य बल है जिसे अक्सर घरेलू संकटों से निपटने के लिए तैनात किया जाता है। ट्रम्प प्रशासन नेशनल गार्ड की तैनाती पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और सेना तैनात करने के उपायों की तलाश कर रहा है।

ट्रम्प द्वारा सोमवार को किए गए संबोधन से इसकी पुष्टि कर दी गई। उन्होंने आगे कहा कि "यदि कोई शहर या राज्य अपने निवासियों की जीवन और संपत्ति की रक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई करने से इंकार करता है तो मैं संयुक्त राज्य अमेरिका की सेना को तैनात करूंगा और उनके लिए जल्दी से समस्या का समाधान करूंगा।"

मिनेसोटा राज्य में मिनियापोलिस में जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या से भड़के, पुलिस हत्याओं के ख़िलाफ़ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन पिछले एक हफ्ते से जारी हैं। 50 में से 26 राज्य प्रशासन ने विरोध प्रदर्शनों को शांत करने के लिए लगभग 17,000 नेशनल गार्ड सैनिकों को तैनात किया है।

इसके साथ ही कोविड -19 के रोकथाम के लिए किए गए प्रयासों के साथ यूएस में सक्रिय नेशनल गार्ड की संख्या 66,700 तक पहुंच गई। ये संख्या द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से घरेलू मामलों के लिए सशस्त्र बलों का सबसे बड़ा जुटान है।

लेकिन राष्ट्रपति ट्रम्प के लिए यह पर्याप्त नहीं था, जिन्होंने पहले राज्य और स्थानीय प्रशासन के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शनों को न कुचल पाने के लिए प्रहार किया था। इन प्रदर्शनों को उनके प्रशासन और समर्थकों ने "दंगा" बताया है। पुलिस दमन के बावजूद विरोध बढ़ता जा रहा है जो अमेरिका के छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में फैल रहा है।

कई लोगों ने संघीय प्रशासन द्वारा सशस्त्र बलों की एकतरफा तैनाती के अधिकार और वैधता पर सवाल उठाया है और यहां तक कि सैन्यीकरण के मामलों को भी उठाया है। कई ट्वीट्स में युद्ध-विरोधी एक्टिविस्ट मेडिया बेंजामिन ने ट्रम्प के बयानों को लेकर चिंता व्यक्त की है।

एक ट्वीट में उन्होंने सार्वजनिक प्रदर्शन करने को लेकर प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए सशस्त्र पुलिस और सुरक्षा बलों के ट्रम्प के इस्तेमाल पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि "क्या आप देख रहे हैं कि हमारे देश की राजधानी में क्या हो रहा है? हमारी सड़कों पर अमेरिकी फेडरल सैनिक हैं। ट्रम्प ने उन्हें देश भर में भेजने की धमकी दी। हम ऐसा नहीं होने दे सकते। यह व्यक्ति हमारे लोकतंत्र के लिए एक बड़ा ख़तरा है!!!”

USA
Donand Trump
George floyd Murder
Protest in USA
White house
USA media
democracy

Related Stories

जन-संगठनों और नागरिक समाज का उभरता प्रतिरोध लोकतन्त्र के लिये शुभ है

युवा श्रमिक स्टारबक्स को कैसे लामबंद कर रहे हैं

नौजवान आत्मघात नहीं, रोज़गार और लोकतंत्र के लिए संयुक्त संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ें

पत्रकारिता एवं जन-आंदोलनों के पक्ष में विकीलीक्स का अतुलनीय योगदान 

किसानों ने 2021 में जो उम्मीद जगाई है, आशा है 2022 में वे इसे नयी ऊंचाई पर ले जाएंगे

यह जीत भविष्य के संघर्षों के लिए विश्वास जगाती है

तमाम मुश्किलों के बीच किसानों की जीत की यात्रा और लोकतांत्रिक सबक़

कृषि क़ानूनों की वापसी : कोई भी जनांदोलन बेकार नहीं जाता

मुज़फ़्फ़रनगर महापंचायत : हम देश बचाने निकले हैं...

ऐतिहासिक नियति ने किसान-आंदोलन के साथ भारत के लोकतन्त्र की तकदीर नत्थी कर दी है


बाकी खबरें

  • Ahmed Hasan passes away
    भाषा
    उप्र विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन का निधन; योगी, अखिलेश ने दुख जताया
    19 Feb 2022
    वह पूर्व पुलिस अधिकारी थे। बाद में समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव उन्हें राजनीति में ले आये थे। हसन सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। वर्तमान में वह विधान परिषद सदस्य और नेता…
  • Ravish Tiwari passes away
    भाषा
    वरिष्ठ पत्रकार रवीश तिवारी का निधन, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया शोक
    19 Feb 2022
    इंडियन एक्सप्रेस के राष्ट्रीय ब्यूरो के प्रमुख रवीश तिवारी कैंसर से पीड़ित थे और पिछले करीब दो वर्षों से इस बीमारी से जूझ रहे थे।
  • police
    नाइश हसन
    योगी की पुलिस कैसे कर रही चुनाव में ग़रीबों से वसूली: एक पड़ताल
    19 Feb 2022
    सवाल यह है कि क्या मात्र विज्ञापन या भाषण स्थितियों की असलियत बयान कर सकते हैं? हमने हालिया पुलिसिया दमन की पड़ताल करनी चाही, तो ‘अमृतकाल’ में ग़रीब बस्तियों का हाल कुछ और ही दिखा।
  • Protest in Myanmar
    लव पुरी
    कैसे सैन्य शासन के विरोध ने म्यांमार को 2021 के तख़्तापलट के बाद से बदल दिया है
    19 Feb 2022
    म्यांमार में सैन्य शासन नया नहीं है, लेकिन कुछ टिप्पणीकार बाइनरी लेंस से परे म्यांमार की स्थिति को समझने का प्रयास करते हैं।
  • AFGHAN
    क्रिस्टीन लेहनेन
    तालिबान के आने के बाद अफ़ग़ान सिनेमा का भविष्य क्या है?
    19 Feb 2022
    तीन पुरस्कार विजेता महिला निर्देशकों ने अंतर्राष्ट्रीय फिल्म उद्योग से अफ़ग़ान सिनेमा को बचाने की अपील की है। आज के दौर में इन महिला फिल्मकारों का समर्थन पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।  
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License