NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री को बर्ख़ास्त किया, देश में विरोध के बाद संसद निलंबित
रविवार को विरोध प्रदर्शनों के दौरान कई शहरों में सत्तारूढ़ एन्नाहदा पार्टी के कार्यालयों पर हिंसक हमले हुए, साथ ही राजधानी ट्यूनिस में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों की भी ख़बरें सामने आई हैं।
पीपल्स डिस्पैच
26 Jul 2021
ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री को बर्ख़ास्त किया, देश में विरोध के बाद संसद निलंबित

देश भर में जानलेवा कोरोनावायरस महामारी के प्रसार को नियंत्रित करने में विफलता के साथ-साथ लंबे समय से चली आ रही आर्थिक समस्याओं पर देश भर में विरोध प्रदर्शनों के बीच ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति कैस सैयद ने देश के प्रधानमंत्री हिचेम मेचिची को रविवार 25 जुलाई को बर्खास्त कर दिया।

राष्ट्रपति ने ट्यूनीशियाई संसद को भी निलंबित कर दिया और संसद के सदस्यों के विशेषाधिकार को समाप्त कर दिया। उन्होंने आगे कहा कि वह अब नए प्रधानमंत्री की सहायता से एग्जक्यूटिव अथॉरिटी की प्रेसिडेंसी संभालेंगे।

ठीक इसी दिन ट्यूनीशिया की राजधानी ट्यूनिस सहित पूरे ट्यूनीशिया के शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिसमें हजारों ट्यूनीशियाई लोगों ने सरकार द्वारा कोरोनोवायरस महामारी पर नियंत्रण के तरीके को लेकर अपनी निराशा और नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने ट्यूनीशिया के पूर्व तानाशाह ज़ीने एल अबिदीन बेन अली के खिलाफ क्रांति के बाद से 10 साल तक उत्तरोत्तर सरकारों द्वारा देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर करने और सुधारने में सक्षम नहीं होने के लिए सरकार और सत्तारूढ़ एन्नाहदा पार्टी के खिलाफ भी आवाज उठाई।

रविवार को एक बयान में राष्ट्रपति ने कहा कि "कई लोगों को कपट, विश्वासघात और लोगों के अधिकारों की लूट कर धोखा दिया गया था," उन्होंने आगे कहा कि "मैं हर किसी को चेतावनी देता हूं जो हथियारों का सहारा लेने के बारे में सोचते हैं ... और जो कोई भी गोली मारता है, तो सशस्त्र बल गोलियों से जवाब देंगे,” उन्होंने विरोध या हिंसा से उनके फैसलों का विरोध करने की योजना बनाने वालों को चेताया। 2014 में ट्यूनीशिया ने जो नया संविधान अपनाया था वह राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और संसद के बीच शक्ति को विभाजित करता है।

राष्ट्रपति ने अपने फैसलों को सही ठहराने के लिए नए संविधान के प्रावधानों, विशेष रूप से अनुच्छेद 80 का इस्तेमाल किया है। अनुच्छेद 80 राष्ट्रपति को राष्ट्रीय आपातकाल की स्थिति में देश में शक्ति हासिल करने का प्रावधान देता है। कई लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री और संसद के खिलाफ उनके फैसले असंवैधानिक हैं क्योंकि अनुच्छेद 80 के तहत संसद को काम करना जारी रखना है और संवैधानिक अदालतें जो अभी तक स्थापित नहीं हुई हैं, उसको प्रभाव में आने के बाद कार्रवाई पर फैसला करना है। इन आरोपों की प्रतिक्रिया में सैयद ने कहा, "संविधान संसद को भंग करने की अनुमति नहीं देता है, लेकिन यह इसके काम को निलंबित करने की अनुमति देता है।"

Tunisia
COVID-19
Tunisia Protest
Kais Saied
Hichem Mechichi

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

कोरोना अपडेट: देश में एक हफ्ते बाद कोरोना के तीन हज़ार से कम मामले दर्ज किए गए

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

WHO और भारत सरकार की कोरोना रिपोर्ट में अंतर क्य़ों?


बाकी खबरें

  • Sustainable Development
    सोनिया यादव
    सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने में भारत काफी पीछे: रिपोर्ट
    03 Mar 2022
    एनुअल स्टेट ऑफ इंडियाज एनवायरमेंट 2022 रिपोर्ट के मुताबिक सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने में भारत फिलहाल काफी पीछे है। ऐसे कम से कम 17 प्रमुख सरकारी लक्ष्य हैं, जिनकी समय-सीमा 2022 है और धीमी गति…
  • up elections
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पूर्वांचल की जंग: 10 जिलों की 57 सीटों पर सामान्य मतदान, योगी के गोरखपुर में भी नहीं दिखा उत्साह
    03 Mar 2022
    इस छठे चरण में शाम पांच बजे तक कुल औसतन 53.31 फ़ीसद मतदान दर्ज किया गया। अंतिम आंकड़ों का इंतज़ार है। आज के बाद यूपी का फ़ैसला बस एक क़दम दूर रह गया है। अब सात मार्च को सातवें और आख़िरी चरण के लिए…
  • election
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव: बस्ती के इस गांव में लोगों ने किया चुनाव का बहिष्कार
    03 Mar 2022
    बस्ती जिले के हर्रैया विधानसभा में आधा दर्ज़न गांव के ग्रामीणों ने मतदान बहिष्कार करने का एलान किया है। ग्रामीणों ने बाकायदा गांव के बाहर इसका बैनर लगा दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी…
  • gehariyaa
    एजाज़ अशरफ़
    गहराइयां में एक किरदार का मुस्लिम नाम क्यों?
    03 Mar 2022
    हो सकता है कि इस फ़िल्म का मुख्य पुरुष किरदार का अरबी नाम नये चलन के हिसाब से दिया गया हो। लेकिन, उस किरदार की नकारात्मक भूमिका इस नाम, नामकरण और अलग नाम की सियासत की याद दिला देती है।
  • Haryana
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हरियाणा: आंगनबाड़ी कर्मियों का विधानसभा मार्च, पुलिस ने किया बलप्रयोग, कई जगह पुलिस और कार्यकर्ता हुए आमने-सामने
    03 Mar 2022
    यूनियन नेताओं ने गुरुवार को कहा पंचकुला-यमुनानगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बरवाला टोल प्लाजा पर हड़ताली कार्यकर्ताओं और सहायकों पर  हरियाणा पुलिस ने लाठीचार्ज  किया।  
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License