NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ट्यूनीशियाई सुरक्षा बलों ने बेरोज़गारी को लेकर हुए विरोध पर हिंसक कार्रवाई की
पूर्व तानाशाह ज़ीने एल आबिदीन बेन अली के खिलाफ 2011 की क्रांति के बाद से देश अपने नागरिकों के सामने खड़े विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक मुद्दों को हल करने के लिए संघर्ष कर रहा है।
पीपल्स डिस्पैच
01 Apr 2021
ट्यूनीशियाई सुरक्षा बलों ने बेरोज़गारी को लेकर हुए विरोध पर हिंसक कार्रवाई की

विरोध प्रदर्शन करने वाले सैकड़ों ट्यूनीशियाई नागरिकों पर दक्षिणी ट्यूनीशिया में सुरक्षा बलों ने उस समय बलों का प्रयोग किया जब वे इस क्षेत्र में रोजगार की कमी और उन्हें नौकरी देने की सरकार की उदासिनता के खिलाफ प्रदर्शनों में भाग ले रहे थे।

ये प्रदर्शनकारी कथित तौर पर राज्यपाल के इस्तीफे की मांग को लेकर धरने पर बैठने के इरादे से शहर के एक सरकारी भवन में घुसने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, ट्यूनीशियाई पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दाग कर उन्हें रोक दिया और बाद में विरोध प्रदर्शनों को तितर बितर करने और दबाने के लिए उन पर कार्रवाई की।

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर सरकार से 2017 से लंबित समझौते को लागू करने का मांग कर रहे थे। इस समझौते के अनुसार सरकार ने बेरोजगारी के मुद्दे से निपटने के लिए इस क्षेत्र में तेल और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में रोजगार पैदा करने का वादा किया था।

साल 2017 में टाटाओइने और केबिली प्रांतों में तेल और प्राकृतिक गैस उत्पादन क्षेत्रों में नौकरियों की भारी कमी के मुद्दे पर इस क्षेत्र में व्यापक विरोध प्रदर्शन के बाद ये समझौता हुआ था। इस क्षेत्र पर फ्रांसीसी कंपनी पेरेनको और ऑस्ट्रियाई कंपनी ओएमवी का प्रभुत्व था। पिछले 4 वर्षों में सरकार कथित तौर पर इस समझौते को पूरा करने में विफल रही है और इसके परिणामस्वरूप इस क्षेत्र में बेरोजगारी की दर में तेजी से वृद्धि हुई है जो वर्तमान में 30% है। ये देश में उच्चतम स्तर पर है।

मंगलवार को हुआ विरोध जनता की नारजगी और हताशा की लंबी सूची में नवीनतम घटना थी जो देश को प्रभावित करने वाले कई व्यापक आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों और इससे निपटने में 2012 के बाद की सरकारों की विफलताओं के चलते वर्षों से हो रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों ने सरकारी दमन और क्रूर हिंसक कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया था जिसे ट्यूनीशियाई सुरक्षा बलों ने विरोध को दबाने के लिए अंजाम दिया था। इसमें हजारों प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी और मुकदमा शामिल था साथ ही जनवरी महीने में एक प्रदर्शनकारी की हत्या का मामला भी शामिल था।

Tunisia
Tunisia Protest
unemployment

Related Stories

डरावना आर्थिक संकट: न तो ख़रीदने की ताक़त, न कोई नौकरी, और उस पर बढ़ती कीमतें

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

मोदी@8: भाजपा की 'कल्याण' और 'सेवा' की बात

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

मोदी के आठ साल: सांप्रदायिक नफ़रत और हिंसा पर क्यों नहीं टूटती चुप्पी?

जन-संगठनों और नागरिक समाज का उभरता प्रतिरोध लोकतन्त्र के लिये शुभ है

ज्ञानव्यापी- क़ुतुब में उलझा भारत कब राह पर आएगा ?

वाम दलों का महंगाई और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ कल से 31 मई तक देशव्यापी आंदोलन का आह्वान

सारे सुख़न हमारे : भूख, ग़रीबी, बेरोज़गारी की शायरी

लोगों की बदहाली को दबाने का हथियार मंदिर-मस्जिद मुद्दा


बाकी खबरें

  • election
    मुकुल सरल
    जनादेश—2022: वोटों में क्यों नहीं ट्रांसलेट हो पाया जनता का गुस्सा
    11 Mar 2022
    यूपी को लेकर अभी बहुत समीक्षा होगी कि जाट कहां गया, मुसलमान कहां गया, दलित कहां गया। महिलाओं का वोट किसे मिला आदि...आदि। लेकिन सवाल यह भी है कि क्या ग्राउंड ज़ीरो से आ रहीं रिपोर्ट्स, लोगों की…
  • uttarakhand
    वर्षा सिंह
    उत्तराखंड में भाजपा को पूर्ण बहुमत के बीच कुछ ज़रूरी सवाल
    11 Mar 2022
    "बेरोजगारी यहां बड़ा मुद्दा था। पर्वतीय क्षेत्रों का विकास भी बड़ा मुद्दा था। भू-कानून, पहाड़ में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली बड़ा मुद्दा था। पलायन बड़ा मुद्दा था। लेकिन नतीजे तो यही कहते हैं कि सभी…
  • पटना: विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त सीटों को भरने के लिए 'रोज़गार अधिकार महासम्मेलन'
    जगन्नाथ कुमार यादव
    पटना: विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त सीटों को भरने के लिए 'रोज़गार अधिकार महासम्मेलन'
    11 Mar 2022
    इस महासम्मेलन में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग तथा बिहार तकनीकी सेवा आयोग समेत 20 से ज़्यादा विभाग के अभ्यर्थी शामिल थे।
  • ukraine
    एपी/भाषा
    यूक्रेन-रूस अपडेट: चीन ने की यूक्रेन को मदद की पेशकश, रूस पर प्रतिबंधों को भी बताया गलत
    11 Mar 2022
    चीन के प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका देश संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए अनुकूल सभी प्रयासों का समर्थन करता है और इसमें वह सकारात्मक भूमिका निभाएगा।
  • विजय प्रसाद
    एक महान मार्क्सवादी विचारक का जीवन: एजाज़ अहमद (1941-2022)
    11 Mar 2022
    एजाज़ अहमद (1941-2022) की जब 9 मार्च को मौत हुई तो वे अपनी किताबों, अपने बच्चों और दोस्तों की गर्मजोशी से घिरे हुए थे।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License