NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
तुर्की : भूख हड़ताल ख़त्म करने के कुछ दिनों बाद वामपंथी लोक बैंड के दूसरे सदस्य की मौत
इब्राहिम गोकेक की हत्या के अलावा एक और बैंड सदस्य की एक समर्थक के साथ अप्रैल में मौत हो गई थी। यह दोनों भी सरकार द्वारा बैंड के शोषण के विरोध में भूख हड़ताल पर थे। यह शोषण 2016 के विफल तख़्तापलट के प्रयास के जवाब में तुर्की सरकार की व्यापक कार्रवाई का हिस्सा था।
पीपल्स डिस्पैच
08 May 2020
तुर्की

7 मई को तुर्की वामपंथी लोक बैंड Grup Yorum के सदस्य इब्राहिम गोकेक की मौत हो गई। उन्होंने 2 दिन पहले ही अपनी 323 दिन तक चली बैंड के शोषण के विरोध वाली भूख हड़ताल को ख़त्म किया था। 35 साल के गोकेक को 5 मई को भूख हड़ताल ख़त्म होने के बाद हॉस्पिटल ले जाया गया था, क्योंकि वह गंभीर हालत में थे। 

राष्ट्रपति एर्दोगन की सरकार ने 2016 जुलाई में हुए विफल तख़्तापलट के प्रयास के जवाब में बैंड को बंद करवा दिया था। Grup Yorum को बैन कर दिया गया था, और उसके सदस्यों को टेरर वॉच लिस्ट में डाल दिया था। अधिकारियों के बैंड के सांस्कृतिक केंद्र पर रेड भी की और उनकी संपत्ति को नष्ट कर दिया।

गोकेक ने क़रीब एक साल बाद अपनी भूख हड़ताल तब ख़त्म की जब वह इस्तांबुल के गवर्नर से शहर में एक कॉन्सर्ट करने की इजाज़त मांगने में कामयाब हो गए थे। मंगलवार को एक बयान में बैंड ने इसे 'राजनीतिक विजय' बताया था, और कहा था 'सारी दुनिया ने हमारे संघर्ष के बारे में सुना है। हमें उम्मीद है कि हमारी कॉन्सर्ट करने की अर्ज़ी का सकारात्मक जवाब आएगा।'

गोकेक से पहले एक और बैंड सदस्य हेलेन बोलेक की भी भूख हड़ताल की वजह से मौत हो गई थी। बोलेक की मौत 3 अप्रैल हो हुई थी, जो उनकी भूख हड़ताल का 288वां दिन था। एक और शख़्स, बैंड के समर्थक मुस्तफ़ा कोकक की भी मौत बैंड के समर्थन में उनकी भूख हड़ताल के 297वें दिन हो गई थी।

मार्क्सवादी-लेनिनवादी समूह रिवोल्यूशनरी पीपुल्स लिबरेशन पार्टी/फ्रंट (डीएचकेपी-सी) के साथ संबंध रखने के लिए बैंड को निशाना बनाया गया था और उसे सताया गया था। बैंड के सात सदस्यों को 2016 में अवैध रूप से हिरासत में लिया गया था, बाद में तीन को छोड़ दिया गया, जिसमें बोलेक और गोकेक शामिल थे। बैंड के दो सदस्य, सेल्मा और इयान अल्टिन, जुलाई 2018 में तुर्की से भाग गए, और फ्रांस में शरण के लिए आवेदन किया। एक अन्य बैंड सदस्य, इहसन सिबेलिक, वर्तमान में जर्मनी में रह रहे हैं।

Grup Yorum की स्थापना 1985 में हुई थी, वह तुर्की में काफ़ी मशहूर है। इस बैंड के गाने कामकाजी वर्ग और किसानों के संघर्ष के बारे में होते हैं, जिनसे सुनने वालों को वामपंथी और समाजवादी सोच के साथ-साथ तुर्की और दुनिया भर के समाजवादी संघर्ष के बारे में पता चलता है। उनके गानों में पूंजीवाद और फ़ासीवाद का भी सच बताया गया है, जिसकी वजह से दशकों से विभिन्न तुर्की सरकारों ने उन्हें निशाना बनाया है। उदाहरण के तौर पर 1993 में, उनकी एल्बम 'Cesaret' की कैसेट से भरा एक ट्रक दियारबक़ीर का जा रहा था, जिस पर गोलियों से हमला कर दिया गया था।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Turkey
Turkey Government
left-wing
hunger strike
International news

Related Stories

दुनिया भर की: कोलंबिया में पहली बार वामपंथी राष्ट्रपति बनने की संभावना

अमेरिका में महिलाओं के हक़ पर हमला, गर्भपात अधिकार छीनने की तैयारी, उधर Energy War में घिरी दुनिया

रूस-यूक्रैन संघर्षः जंग ही चाहते हैं जंगखोर और श्रीलंका में विरोध हुआ धारदार

दुनिया भर की: सोमालिया पर मानवीय संवेदनाओं की अकाल मौत

झारखंड: हेमंत सरकार की वादाख़िलाफ़ी के विरोध में, भूख हड़ताल पर पोषण सखी

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा

क्या अमेरिका और यूरोप के करीब आ रहा है तुर्की?

दुनिया भर की: जर्मनी में ‘ट्रैफिक लाइट गठबंधन’ के हाथों में शासन की कमान

भीड़ ने तुर्की में सीरियाई शरणार्थियों पर हमला किया

तुर्की और ग्रीस में फैली विनाशकारी जंगल की आग


बाकी खबरें

  • अजय कुमार
    कच्चे तेल की तलाश की संभावनाओं पर सरकार ने उचित ख़र्च किया है?
    08 Apr 2022
    कच्चे तेल को लेकर भारत की स्थिति क्या है? क्या वाक़ई ऐसा है कि कच्चा तेल निकालने से जुड़े वह सारे उपाय किये जा चुके हैं, जिसके बाद यह कहा जा सके कि भारत में कच्चे तेल उत्पादन को लेकर कोई बहुत बड़ी…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,109 नए मामले, 43 मरीज़ों की मौत
    08 Apr 2022
    देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.03 फ़ीसदी यानी 11 हज़ार 492 रह गयी है।
  • कुशल चौधरी, गोविंद शर्मा
    नोएडा की झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वास योजना ख़त्म, अब भी अधर में लटका है ग़रीबों का भविष्य
    08 Apr 2022
    एक दशक तक ख़राब तरीक़े से लागू किये जाने के बाद झुग्गी पुनर्वास योजना ख़त्म हो गयी है। इस योजना के तहत नये बने फ्लैटों में से महज़ 10% फ़्लैट ही भर पाये हैं।
  • अब्दुल रहमान
    बुका हमले के बावजूद रशिया-यूक्रेन के बीच समझौते जारी
    08 Apr 2022
    रूस ने आरोप लगाया है कि पश्चिमी देशों और मीडिया ने जानबूझकर उन तथ्यों की अनदेखी की है जो बुचा हत्याओं में अपनी संलिप्तता से इनकार करते हैं क्योंकि उनका एकमात्र उद्देश्य शांति वार्ता में अब तक हुई…
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    मानवाधिकार के असल मुद्दों से क्यों बच रहे हैं अमित शाह?
    07 Apr 2022
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के आज के एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा बात कर रहे हैं गृह मंत्री अमित शाह की जिसमे उन्होंने लोक सभा में मानवाधिकार की बात उठाई। अभिसार इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License