NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
सोशल मीडिया
भारत
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
भाजपा आइटी सेल हेड अमित मालवीय के ट्वीट को ट्विटर ने लेबल दिया ‘मैनिपुलेटिड मीडिया’
ट्विटर ने भारत में भ्रामक ट्वीट को फ्लैग और लेबल देने की शुरुआत कर दी है। जिसकी शुरुआत भाजपा आइटी सेल के हेड अमित मालवीय से हुई है।
राज कुमार
02 Dec 2020
आइटी सेल

ट्विटर ने भाजपा आइटी सेल के हेड अमित मालवीय की एक ट्वीट को फ्लैग किया है और इसे “मैनिपुलेटिड मीडिया” का लेबल दिया है। मतलब कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है। किसान आंदोलन के दौरान राहुल गांधी ने एक फोटो ट्वीट किया था जिसमें एक पुलिसकर्मी बुजुर्ग किसान पर लाठी ताने दिख रहा है। इस लिंक पर क्लिक करके आप ट्वीट देख सकते हैं। जिसके जवाब में अमित मालवीय ने एक ट्वीट किया और उसी फोटो के साथ एक वीडियो भी जोड़ दिया जिसमें बुजुर्ग किसान भागता दिख रहा है। अमित मालवीय ने दावा किया कि किसान को पुलिस ने छुआ तक नहीं है। इस लिंक पर क्लिक करके आप ट्वीट देख सकते हैं।

क्या है ट्विटर फ्लैगिंग?

हाल ही में अमेरिका में हुए चुनाव के दौरान ट्वीटर ने ट्वीट को फ्लैग करना और उन्हें लेबल देना शुरू किया। ट्वीटर ने ऐसा अपनी Civic Integrity Policy के तहत किया है। अक्टूबर 2020 में सिविक इंटिग्रिटी पॉलिसी में लिखा है कि-

‘’आप चुनाव या अन्य नागरिक प्रक्रियाओं में हेरफेर या हस्तक्षेप करने के उद्देश्य से ट्विटर की सेवाओं का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। इसमें ऐसी सामग्री पोस्ट करना या साझा करना शामिल है जो लोगों को किसी नागरिक प्रक्रिया में कब, कहाँ या कैसे भाग लेना है आदि के बारे उनको गुमराह कर सकती है और लोगों की भागेदारी को रोक सकती है। इसके अलावा, हम अतिरिक्त संदर्भ प्रदान करने के लिए नागरिक प्रक्रियाओं के बारे में गलत या भ्रामक जानकारी वाले ट्वीट्स की दृश्यता को लेबल और कम कर सकते हैं। ’’

अमेरिका चुनाव के उदाहरण

अमेरिका में चुनाव के दौरान पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की कई ट्वीट को ट्विटर ने लेबल और फ्लैग किया। जिनमें चुनाव की पारदर्शिता और परिणाम संबंधि गलत और भ्रामक दावे किए गये थे। उदहारण के तौर पर 8 नवंबर को ट्रंप ने चुनाव में धांधली का दावा करते हुये एक ट्वीट किया। जिसे आप इस लिंक पर देख सकते हैं। इसे ट्वीटर ने फ्लैग किया और लेबल दिया कि चुनाव में धांधली का दावा विवादित है।

इसके अलावा भी अनेक उदाहरण हैं जिन्हें आप देख सकते हैं। उदाहरण एक, उदाहरण दो, उदाहरण तीन, उदाहरण चार।

भारत में शुरुआत

ट्विटर ने भारत में भ्रामक ट्वीट को फ्लैग और लेबल देने की शुरुआत कर दी है। जिसकी शुरुआत भाजपा आइटी सेल के हेड अमित मालवीय से हुई है। गौरतलब है कि अमेरिका में जब ट्विटर ने ट्वीट फ्लैग करना शुरु किया तो भारत के भी अनेक कार्यकर्ताओं, फेक्ट चेकर्स और सोशल मीडिया यूजर्स ने बड़े पैमाने पर मांग उठाई कि भारत में भी इसकी शुरुआत की जाए। तो इसकी शुरुआत अमित मालवीय से हो गई है।

क्या बाक़ी सोशल मीडिया भी इस तरह की पहल करेंगे?

अमेरीकी चुनाव के दौरान सिर्फ ट्वीटर ही नहीं बल्कि फेसबुक ने भी फेसबुक पोस्ट्स को फ्लैग और लेबल देना शुरु कर दिया था। उदाहरण के तौर पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की इस फेसबुक पोस्ट को देखें।

ट्विटर ने भारत में शुरुआत कर दी है। लेकिन फेसबुक ने अब तक भारत में इसकी पहल नहीं है। उम्मीद है कि फेसबुक भी जल्द ही हिंदुस्तान में फ्लैगिग और लेबल करना शुरू करेगा। माना ये जा रहा है कि इस फ्लैगिंग और लेबल की पहल से फेक न्यूज़ और भ्रामक जानकारियों पर कुछ अंकुश लगाया जा सकेगा।

(लेखक स्वतंत्र पत्रकार एवं ट्रेनर हैं। आप सरकारी योजनाओं से संबंधित दावों और वायरल संदेशों की पड़ताल भी करते रहते हैं। विचार व्यक्तिगत हैं।)

Farmer protest
fact check
fake news
BJP
BJP IT cell
Manipulated Media
Donand Trump
twitter
Facebook
Social Media

Related Stories

बीजेपी के चुनावी अभियान में नियमों को अनदेखा कर जमकर हुआ फेसबुक का इस्तेमाल

फ़ेसबुक पर 23 अज्ञात विज्ञापनदाताओं ने बीजेपी को प्रोत्साहित करने के लिए जमा किये 5 करोड़ रुपये

चुनाव के रंग: कहीं विधायक ने दी धमकी तो कहीं लगाई उठक-बैठक, कई जगह मतदान का बहिष्कार

पंजाब विधानसभा चुनाव: प्रचार का नया हथियार बना सोशल मीडिया, अख़बार हुए पीछे

अफ़्रीका : तानाशाह सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए कर रहे हैं

मुख्यमंत्री पर टिप्पणी पड़ी शहीद ब्रिगेडियर की बेटी को भारी, भक्तों ने किया ट्रोल

मृतक को अपमानित करने वालों का गिरोह!

सांप्रदायिक घटनाओं में हालिया उछाल के पीछे कौन?

हेट स्पीच और भ्रामक सूचनाओं पर फेसबुक कार्रवाई क्यों नहीं करता?

वे कौन लोग हैं जो गोडसे की ज़िंदाबाद करते हैं?


बाकी खबरें

  • Ludhiana
    न्यूज़क्लिक टीम
    ग्राउंड रिपोर्ट; लुधियानाः क्या दलित कार्ड पार लगाएगा नैया या भारी दूसरे दांव
    18 Feb 2022
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह पहुंची लुधियाना और भगत सिंह के भांजे प्रो. जगमोहन सिंह से लेकर सफाई कर्मचारी समाज, नौजवानों से मिलकर जाना चुनावी मौसम का हाल
  • Udupi Ground Report
    शिवम चतुर्वेदी
    उडुपी ग्राउंड रिपोर्ट : हिजाब के समर्थन में हैं कॉलेज की हिंदू लड़कियां, पर उन्हें मीडिया से बात करने की इजाज़त नहीं
    18 Feb 2022
    कुसुम ने कहा, "हिंदू लड़के कभी भी भगवा गमछा पहन कर पहले नहीं आया करते थे शायद वह किसी के उकसावे में आकर भगवा गमछा पहन कर आ रहे हैं।"
  • narendra modi
    पार्थ एस घोष
    क्या यह मोदी लहर के ख़ात्मे की शुरूआत है?
    18 Feb 2022
    अब राजनीतिक प्रतिद्वंदी बीजेपी से खौफ़ नहीं खाते हैं, ना ही वह धारणा रही है कि बीजेपी को हराया नहीं जा सकता। अब बीजेपी को समझ आ रहा है कि लोग अच्छे प्रशासन की अपेक्षा रखते हैं।
  • Modi channi kejriwal
    रवीश कुमार
    चन्नी का बयान ग़लत है लेकिन निंदा करने वाले उससे भी ज़्यादा ग़लत हैं
    18 Feb 2022
    प्रधानमंत्री मोदी बताएं कि तालाबंदी के समय यूपी और बिहार के मज़दूर जब दर-दर भटक रहे थे तब वे क्या कर रहे थे? पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह ने तो बयान दिया है लेकिन हरियाणा की खट्टर सरकार ने तो…
  • yogi
    भाषा
    सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध जारी 274 भरपाई नोटिस वापस लिए गए: उप्र सरकार
    18 Feb 2022
    न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति सूर्यकान्त की पीठ ने कहा कि राज्य सरकार करोड़ों रुपये की पूरी राशि वापस करेगी जो 2019 शुरू की गई कार्रवाई के तहत कथित प्रदर्शनकारियों से वसूली गई थी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License