NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
सोशल मीडिया
भारत
राजनीति
ट्विटर बताए कि आईटी नियमों के अनुरूप शिकायत निवारण अधिकारी की नियुक्ति कब तक होगी : अदालत
न्यायाधीश ने कहा, ‘‘मैंने पहले ही उन्हें बता दिया है कि उन्हें नियमों का पालन करना होगा। मैं उन्हें कोई संरक्षण नहीं दे रही। अगर वे अनुपालन नहीं करते तो आप कार्रवाई के लिए स्वतंत्र हैं...।’’
भाषा
06 Jul 2021
twitter

नयी दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को ट्विटर को आठ जुलाई तक यह बताने का निर्देश दिया कि नए आईटी नियमों के अनुपालन में वह स्थानीय शिकायत निवारण अधिकारी की नियुक्ति कब तक करेगा। ट्विटर ने उच्च न्यायालय को सूचित किया था कि उसके द्वारा स्थानीय शिकायत निवारण अधिकारी की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है।

न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने इस बात पर नाराजगी व्यक्त की कि अदालत को यह सूचित नहीं किया गया था कि स्थानीय शिकायत निवारण अधिकारी (आरजीओ) की इससे पहले नियुक्ति केवल अंतरिम आधार पर थी जो इस्तीफा दे चुके हैं।

अदालत ने कहा कि ट्विटर ने अंतरिम आरजीओ को नियुक्त किया था और 31 मई को अदालत को इस बारे में भ्रम में रखा , उसे यह नहीं बताया कि अधिकारी की नियुक्ति अंतरिम आधार पर की गई है।

न्यायाधीश ने कहा, ‘‘यदि उन्होंने 21 जून को इस्तीफा दे दिया तो ट्विटर कम से कम इतना तो कर ही सकता था कि इन 15 दिन में किसी अन्य अधिकारी को नियुक्त करता, जब आप जानते थे कि इस मामले पर छह जुलाई को सुनवाई होनी है। आपको इस प्रक्रिया में कितना वक्त लगेगा? अगर ट्विटर को ऐसा लगता है कि मेरे देश में वह जितना समय चाहे ले सकता है, तो मैं इसकी इजाजत नहीं दूंगी।’’

ट्विटर की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सजन पूव्या ने कहा कि ट्विटर में अधिकारी की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। यह सच है कि अभी कोई मुख्य शिकायत निवारण अधिकारी, आरजीओ और नोडल संपर्क अधिकारी नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि अदालत ने कहा, हां इस वक्त ट्विटर ने नियमों का पालन नहीं किया है। लेकिन अधिकारी की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। जब एक मध्यस्थ नियमों का पालन नहीं करता तो वह सुरक्षित शरण संरक्षण खो देता है। निश्चित ही ट्विटर को नियमों का पालन करना चाहिए और वह करेगा भी। कृपया समुचित समय दें।’’

केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल (एएसजी) चेतन शर्मा ने कहा कि नियम 25 फरवरी को अधिसूचित किए गए थे और मध्यवर्ती संस्थाओं को इनका पालन करने के लिए तीन महीने का वक्त दिया गया था, यह समयसीमा 25 मई को समाप्त हो गई। उन्होंने कहा, ‘‘व्यवसाय करने के लिए भारत में उनका स्वागत है लेकिन यह रवैया देश की डिजिटल संप्रभुता के लिए अहितकर है।’’

इस पर न्यायाधीश ने कहा, ‘‘मैंने पहले ही उन्हें बता दिया है कि उन्हें नियमों का पालन करना होगा। मैं उन्हें कोई संरक्षण नहीं दे रही। अगर वे अनुपालन नहीं करते तो आप कार्रवाई के लिए स्वतंत्र हैं। मैं पहले ही स्पष्ट कर चुकी हूं कि अगर वे काम करना चाहते हैं तो उन्हें नियमों का पालन करना होगा।’’

जब एएसजी ने कहा कि 42 दिन से नियमों का अनुपालन नहीं किया गया है और सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की है, इस पर अदालत ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि ये दलील आप मेरे लिए दे रहे हैं।’’

सुनवाई के दौरान अदालत ने कुछ देर के लिए कार्यवाही रोक दी और ट्विटर के वकील से इस संबंध में निर्देश प्राप्त करने को कहा कि नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी होने में कितना समय लगेगा।

हालांकि पुन: कार्यवाही शुरू होने पर पूव्या ने कहा कि दिल्ली और सैन फ्रांसिस्को (जहां ट्विटर इंक का दफ्तर है) में समय अलग-अलग होने की वजह से वह निर्देश नहीं ले सके हैं और कुछ वक्त और चाहिए।

अदालत ने आठ जुलाई तक का समय देते हुए कहा, ‘‘उम्मीद की जाती है कि सुनवाई की अगली तारीख पर ट्विटर के वकील सभी अन्य जरूरतों के अनुपालन के संबंध में अपना स्पष्ट रुख रखेंगे।’’

अदालत एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें दावा किया गया कि माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर केंद्र सरकार के नये सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों का अनुपालन नहीं कर रहा।

आईटी नियमों को चुनौती देने वाली याचिकाओँ को उच्चतम न्यायालय में मंगवाने की केंद्र की अपील

नयी दिल्ली: केंद्र ने देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों में नए सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं को उच्चतम न्यायालय में स्थानांतरित करने की मांग को लेकर मंगलवार को शीर्ष अदालत का रुख किया।

एक वरिष्ठ विधि अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की।

सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 को चुनौती देने वाली कई याचिकाएं दिल्ली उच्च न्यायालय सहित विभिन्न उच्च न्यायालयों में लंबित हैं।

उच्च न्यायालयों में लंबित याचिकाओं में फेसबुक, ट्विटर जैसी सोशल मीडिया फर्मों के साथ ही ओटीटी मंचों को विनियमित करने के उद्देश्य से लाए गए नए आईटी नियमों को चुनौती दी गयी है।

नये आईटी नियमों के तहत भारतीय उपयोगकर्ताओं की शिकायतों पर कार्रवाई के लिए प्रमुख सोशल मीडिया कंपनियों में शिकायत अधिकारी की नियुक्ति जरूरी है।

twitter
IT Rules

Related Stories

अफ़्रीका : तानाशाह सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए कर रहे हैं

मुख्यमंत्री पर टिप्पणी पड़ी शहीद ब्रिगेडियर की बेटी को भारी, भक्तों ने किया ट्रोल

कांग्रेस, राहुल, अन्य नेताओं के ट्विटर अकाउंट बहाल, राहुल बोले “सत्यमेव जयते”

संसदीय समिति ने ट्विटर से कहा: देश का कानून सर्वोपरि, आपकी नीति नहीं

मोहन भागवत समेत कई आरएसएस पदाधिकारियों के ट्विटर अकाउंट से हटा ब्लू टिक

विश्लेषण : मोदी सरकार और सोशल मीडिया कॉरपोरेट्स के बीच ‘जंग’ के मायने

नए आईटी कानून: सरकार की नीयत और नीति में फ़र्क़ क्यों लगता है?

जिसे कांग्रेस की ‘COVID टूलकिट’ बताया जा रहा है, वो जाली लेटरहेड पर बनाया गया डॉक्युमेंट है

ट्विटर ने कंगना का अकाउंट स्थायी रूप से बंद किया

किसान आंदोलन की आवाज़ उठाने वाले क़रीब 250 ट्विटर अकाउंट पर लगाई रोक!


बाकी खबरें

  • RAHANE PUJARA
    भाषा
    रणजी ट्राफी: रहाणे और पुजारा पर होंगी निगाहें
    23 Feb 2022
    अपने फॉर्म से जूझ रहे आंजिक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा अब रणजी ट्रॉफी से वापसी की कोशिश करेंगे। 24 फरवरी को होने वाले मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों पर खास नज़र होगी।
  • ibobi singh
    भाषा
    मणिपुर के लोग वर्तमान सरकार से ‘ऊब चुके हैं’ उन्हें बदलाव चाहिए: इबोबी सिंह
    23 Feb 2022
    पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता ओकराम इबोबी सिंह ने कहा "मणिपुर के लोग भाजपा से ऊब चुके हैं। वह खुलकर कह नहीं पा रहे। भाजपा झूठ बोल रही है और खोखले दावे कर रही है। उन्होंने अपने किसी भी वादे को…
  • तारिक़ अनवर
    यूपी चुनाव: बीजेपी के गढ़ पीलीभीत में इस बार असल मुद्दों पर हो रहा चुनाव, जाति-संप्रदाय पर नहीं बंटी जनता
    23 Feb 2022
    पीलीभीत (उत्तर प्रदेश): जैसा वायदा किया गया था, क्या किसानों की आय दोगुनी हो चुकी है? क्या लखीमपुर खीरी में नरसंहार के लिए किसानों को न्याय मिल गया है?
  • vaccine
    ऋचा चिंतन
    शीर्ष कोविड-19 वैक्सीन निर्माताओं ने गरीब देशों को निराश किया
    23 Feb 2022
    फ़ाइज़र, मोडेरना एवं जेएंडजे जैसे फार्मा दिग्गजों ने न तो विश्व स्वास्थ्य संगठन के कोवाक्स में ही अपना कोई योगदान दिया और न ही गरीब देशों को बड़ी संख्या में खुराक ही मुहैया कराई है।
  • vvpat
    एम.जी. देवसहायम
    चुनाव आयोग को चुनावी निष्ठा की रक्षा के लिहाज़ से सभी वीवीपीएटी पर्चियों की गणना ज़रूरी
    23 Feb 2022
    हर एक ईवीएम में एक वीवीपैट होता है, लेकिन मतों की गिनती और मतों को सत्यापित करने के लिए काग़ज़ की इन पर्चियों की गिनती नहीं की जाती है। यही वजह है कि लोग चुनावी नतीजों पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License