NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
घटना-दुर्घटना
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
जॉर्डन में सैन्य अड्डे के पास विस्फ़ोट में दो लोगों की मौत, तीन अन्य घायल
क़रीब 1.5 मिलियन की आबादी वाला जारका गवर्नरेट पिछले वर्षों में कई ऐसे विस्फोटों का शिकार हुआ है जो आसपास के क्षेत्र में स्थित सेना के डिपो और गोदामों के कारण हुए हैं।
पीपल्स डिस्पैच
11 Sep 2020
jordan explosion

जॉर्डन में बड़े पैमाने पर सिलसिलेवार कई विस्फोटों में शुक्रवार 11 सितंबर को तड़के कम से कम 2 लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य लोग को घायल हो गए। ये विस्फोट जॉर्डन की राजधानी अम्मान के उत्तरपूर्वी ज़रक़ा शहर के बाहरी इलाक़े में अल-ग़बावी क्षेत्र में सेना के युद्ध सामग्री वाले डिपो में हुआ।

इन विस्फोटों की वजह से बड़े पैमाने पर आग की लपटें दिखी और बाद में धुएं का बादल छा गया, जो लगभग 35 किलोमीटर दूर अम्मान से भी दिखाई दे रहा था। इन विस्फोटों से शहर के कई घरों की खिड़कियों के शीशे टूटने की ख़बर सामने आई है। इन विस्फोटों के झटके को सुदूर अम्मान में महसूस किया जा रहा था। इस घटना ने पिछले महीने बेरूत बंदरगाह विस्फोट की याद दिला दी जिसमें 200 लोग मारे गए और लगभग 7,000 लोग घायल हो गए।

प्रेस को दिए एक बयान में जॉर्डन के मीडिया मामलों के राज्य मंत्री अमजद अदैलेह ने कहा, "प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि ये विस्फोट सेना के गोला बारूद डिपो में इलेक्ट्रिक सर्किट के कारण हुआ था"। सेना कमान ने अभी तक इन विस्फोटों के बारे में आधिकारिक बयान नहीं जारी किया है।

क़रीब 1.5 मिलियन की आबादी वाला ज़ारका गवर्नरेट को पिछले कई वर्षों में आसपास के क्षेत्र में स्थित कई युद्ध सामग्री डिपो और गोदामों के कारण इस तरह के विस्फोटों का सामना करना पड़ा है।

जॉर्डन के प्रधानमंत्री उमर अल-रज़ाज़ के बुधवार 9 सितंबर को सरकार की तरफ से सीमित एक वर्ष की अवधि के लिए 25-29 वर्ष की आयु के बीच के जॉर्डन के लोगों के लिए सैन्य भर्ती पुनः जारी करने की इस घोषणा के दो दिन बाद इस विस्फोट की ख़बर आई है। सरकार ने उक्त आयु वर्ग के पुरुषों के लिए अनिवार्य सैन्य सेवा को फिर से शुरू करने का फैसला किया है जिससे देश में बेरोज़गारी की दर को कम करने की कोशिश है जो ख़तरनाक गति से बढ़ रहा है।

पहले से ही कमज़ोर जॉर्डन की अर्थव्यवस्था को COVID-19 महामारी के आने के बाद बड़े पैमाने पर वित्तीय नुकसान और आर्थिक अस्थिरता और गिरावट का सामना करना पड़ा है। 2020 की दूसरी तिमाही में देश में बेरोज़गारी की दर बढ़कर 23 प्रतिशत हो गई जो साल 2019 की इसी अवधि की तुलना में 3.8 प्रतिशत अधिक है। विश्वविद्यालय के डिग्री हासिल करने वालों की यह दर काफी अधिक है अर्थात ये 26.6 प्रतिशत तक है।

Jordan
jordan explosion
economic crises
COVID-19

Related Stories

गुजरात : अस्पताल में आग लगने से कोविड-19 के 16 मरीजों सहित दो नर्सिंग स्टाफ की मौत

यूपी: ‘135 शिक्षक, शिक्षा मित्रों की पंचायत चुनावों में तैनाती के बाद कोविड जैसे लक्षणों से मौत'

महाराष्ट्र के विरार में अस्पताल में आग लगने से कोरोना के 13 मरीज़ों की मौत

नासिक के अस्पताल में आंखों में आंसू लिए जवाब मांग रहे हैं परिजन, मामले में प्राथमिकी दर्ज

त्रासदी: नासिक के अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई रुकने से 22 मरीज़ों की मौत

अपनी गायकी से दिलों को जीतने वाले एसपी बालासुब्रमण्यम का कोरोना से निधन

दिल्ली: कोविड-19 से संक्रमित पत्रकार ने एम्स की इमारत से कूदकर आत्महत्या की

तिरछी नज़र : अवसर डाल डाल तो आपदाएं भी पात पात

दिल्ली दंगों के दौरान मिले एक पैर का कोविड के दौरान अंतिम संस्कार


बाकी खबरें

  • ज़िला पंचायत अध्यक्ष चुनाव
    लाल बहादुर सिंह
    ज़िला पंचायत अध्यक्ष चुनाव: "गुंडागर्दी मुक्त राज" का दावा करने वाली भाजपा ने सेल्फ-गोल किया
    05 Jul 2021
    जाहिर है, इन नतीजों से आगामी विधानसभा चुनाव की संभावनाओं का कोई लेना देना नहीं है। बल्कि जिस तरह धनबल, बाहुबल के साथ और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग हुआ है, उसके खिलाफ लोगों में रोष है।
  • cartoon
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    नज़र भी, ख़बर भी: मोहन भागवत की अच्छी बातें और कुछ किंतु-परंतु
    05 Jul 2021
    आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने एक बार फिर कुछ अच्छी-अच्छी बातें कहीे हैं, हालांकि सवाल ये है कि उन्हें भी इन बातों पर कितना यक़ीन है! और विडंबना ये भी कि उनको मानने वाले उनकी इन बातों को शायद ही मानते…
  • स्टेन स्वामी
    भाषा
    स्टेन स्वामी की सेहत नाज़ुक, ज़मानत याचिका के लिए नहीं जा सकते उच्च न्यायालय : वकील
    05 Jul 2021
    अदालत के 28 मई के आदेश के बाद से स्वामी का यहां होली फैमिली हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। निजी अस्पताल में उनके इलाज का खर्च उनके सहयोगी एवं मित्र उठा रहे हैं।
  • रूठा मानसून, संकट में खेती और निष्ठुर राजनीति
    अनिल जैन
    रूठा मानसून, संकट में खेती और निष्ठुर राजनीति
    05 Jul 2021
    सवाल है कि क्या हमारी सत्ता केंद्रित राजनीति इस चुनौती से निबटने का कोई ठोस रास्ता तलाशेगी या कुदरत को ही कोसती रहेगी या फिर खेती को कॉरपोरेट घरानों के हवाले करने के इरादों पर कायम रहेगी?
  • धर्म को लेकर किये गये प्यू के सर्वे से पता चलता है कि हम भारतीय पाखंडी हैं
    एजाज़ अशरफ़
    धर्म को लेकर किये गये प्यू के सर्वे से पता चलता है कि हम भारतीय पाखंडी हैं
    05 Jul 2021
    भारतीयों का दावा होता है कि वे सभी धर्मों का सम्मान करते हैं, मगर उनका यह दावा उन धार्मिक समुदायों के प्रति उनके नज़रिये से मेल नहीं खाता, जिनसे वे जुड़े हुए नहीं हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License