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पशु चोरी के संदेह में पश्चिम बंगाल में भीड़ ने की दो लोगों की पीट-पीट कर हत्या
पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में भीड़ ने दोनों की पिटाई की और वैन को आग लगा दी। पुलिस ने इस मामले में कथित संलिप्तता को लेकर 14 लोगों को गिरफ्तार किया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
22 Nov 2019
mob lynching
प्रतीकात्मक तस्वीर

कूचबिहार (पश्चिम बंगाल): पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में पशु चोरी के संदेह में भीड़ ने दो लोगों की पीट-पीट कर हत्या कर दी और इस मामले में कथित संलिप्तता को लेकर 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने बताया कि रबीउल इस्लाम और प्रकाश दास एक वैन से दो गायों को लेकर जा रहे थे तभी माथाबांगला क्षेत्र में बृहस्पतिवार को यह घटना हुई। पुलिस ने बताया कि भीड़ ने वैन रोकी और उसमें गायों को देखा। लोगों ने दावा किया कि ये गाएं कुछ दिन पहले इलाके से चुरा ली गई थीं और उन्हें पशु तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था।

इसके बाद भीड़ ने दोनों की पिटाई की और वैन को आग लगा दी। पुलिस ने बताया कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनकी मौत हो गई।

पश्चिम बंगाल विधानसभा ने हाल में पश्चिम बंगाल (भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किए जाने की रोकथाम) अधिनियम, 2019 पारित किया था जिसे राज्यपाल की मंजूरी मिलने का इंतजार है।

आपको बता दें कि राज्य में भीड़ के हाथों पिटाई और हत्या की बढ़ती घटनाओं को ध्यान में रखते हुए ही ममता बनर्जी सरकार ने इन पर अंकुश लगाने और ऐसे मामलों को आपराधिक दर्जा देने के लिए विधानसभा में बीते 30 अगस्त को एक विधेयक पारित किया था।

द वेस्ट बंगाल (प्रीवेंशन ऑफ लिंचिंग) बिल 2019 का विपक्षी कांग्रेस और सीपीएम ने तो समर्थन किया है। लेकिन मुख्य विपक्षी पार्टी के तौर पर उभरी बीजेपी ने ना तो इसका समर्थन किया है और ना ही विरोध।

उसने अंदेशा जताया है कि सरकार इस कानून का इस्तेमाल राजनीतिक बदला चुकाने के लिए कर सकती है। विधेयक में किसी पर हमला करने और उसे घायल करने के दोषी लोगों को तीन साल से लेकर आजीवन सजा तक का प्रावधान है।

विधेयक में कहा गया है कि यदि ऐसी मारपीट में पीड़ित व्यक्ति की जान चली जाती है तो इसके जिम्मेदार व्यक्तियों को मृत्युदंड या आजीवन सश्रम कारावास और पांच लाख तक जुर्माना हो सकता है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ) 

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Rumour Animal theft
West Bengal
The West Bengal Prevention of Lynching Bill 2019
Congress
CPM
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