NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही मस्जिद ईदगाह प्रकरण में दो अलग-अलग याचिकाएं दाखिल
पेश की गईं याचिकाओं में विवादित परिसर में मौजूद कथित साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की संभावना को समाप्त करने के लिए अदालत द्वारा कमिश्नर नियुक्त किए जाने तथा जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में निरीक्षण करने के लिए वादी को परिसर में प्रवेश की अनुमति दिए जाने का आग्रह किया गया है।
भाषा
30 May 2022
mathura
फ़ोटो साभार: सोशल मीडिया

मथुरा : उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत में चल रहे श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही मस्जिद ईदगाह प्रकरण में सोमवार को दो अलग—अलग याचिकाएं दाखिल की गयीं। इन दोनों पर ही अन्य अर्जियों के साथ एक जुलाई को सुनवाई की जाएगी।

पेश की गईं याचिकाओं में विवादित परिसर में मौजूद कथित साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की संभावना को समाप्त करने के लिए अदालत द्वारा कमिश्नर नियुक्त किए जाने तथा जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में निरीक्षण करने के लिए वादी को परिसर में प्रवेश की अनुमति दिए जाने का आग्रह किया गया है।

जिला शासकीय अधिवक्ता (दीवानी) संजय गौड़ ने बताया कि सिविल जज (सीनियर डिवीजन) ज्योति सिंह की अदालत में सोमवार को दो याचिकाकर्ताओं ने अलग-अलग प्रार्थना पत्र पेश किये। इनमें से धर्म रक्षा संघ के अध्यक्ष सौरभ गौड़ के अधिवक्ता राजेंद्र माहेश्वरी ने कहा कि चूंकि अदालत में जल्द ही गर्मियों की छुट्टियां घोषित हो जाएंगी, ऐसे में सम्भव है कि ईदगाह पक्ष के लोग वहां मौजूद साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ कर दें।

उन्होंने मांग रखी है कि ऐसे में इस विशेष प्रकरण में ग्रीष्मावकाश के दौरान ही अदालत कोर्ट कमिश्नर नियुक्त कर प्रश्नगत इमारत का सर्वे करा ले, जिससे मौके की वास्तविक स्थिति अदालत के सामने भी स्पष्ट हो जाए।

गौड़ ने बताया, इस संबंध में विगत 23 मई को भी एक याचिका इसी आशय के साथ दाखिल की गई थी, मगर सुनवाई न किए जाने के कारण याचिका को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय चौधरी की अदालत में पेश किया गया था, जहां से न्यायालय ने इस आदेश के साथ यह मामला सिविल जज की ही अदालत में भेज दिया गया कि इस मामले की सुनवाई बिना किसी व्यवधान के प्रतिदिन की जाये।

दूसरी ओर, अखिल भारत हिन्दू महासभा के कोषाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने भी एक याचिका दाखिल कर अदालत से आग्रह किया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश से पहले उन्हें जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में ईदगाह स्थल पर रोजाना प्रवेश करने की अनुमति दी जाए, जिससे यह पता लग सके कि दूसरे पक्ष द्वारा परिसर के अंदर किसी तरह का भौतिक बदलाव तो नहीं किया गया है, क्योंकि आशंका है कि प्रतिवादी पक्ष गर्मी की छुट्टियों के दौरान परिसर में मौजूद कथित साक्ष्यों को मिटा सकता है।

अदालत ने इन दोनों ही याचिकाओं पर अन्य अर्जियों के साथ आगामी एक जुलाई को सुनवाई करने का निर्णय लिया है।

Uttar pradesh
mathura
Krishna Janmashtami

Related Stories

आजमगढ़ उप-चुनाव: भाजपा के निरहुआ के सामने होंगे धर्मेंद्र यादव

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

यूपी : आज़मगढ़ और रामपुर लोकसभा उपचुनाव में सपा की साख़ बचेगी या बीजेपी सेंध मारेगी?

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

जौनपुर: कालेज प्रबंधक पर प्रोफ़ेसर को जूते से पीटने का आरोप, लीपापोती में जुटी पुलिस

उपचुनाव:  6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में 23 जून को मतदान

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

क्या वाकई 'यूपी पुलिस दबिश देने नहीं, बल्कि दबंगई दिखाने जाती है'?

उत्तर प्रदेश विधानसभा में भारी बवाल

खोज ख़बर : मस्जिद दर मस्जिद भगवान की खोज नहीं, नफ़रत है एजेंडा, हैदराबाद फ़र्ज़ी एनकाउंटर के बड़े सवाल


बाकी खबरें

  • CSTO
    एम. के. भद्रकुमार
    कज़ाख़िस्तान में पूरा हुआ CSTO का मिशन 
    18 Jan 2022
    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बुधवार को क्रेमलिन में रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु के साथ कज़ाख़िस्तान मिशन के बारे में कलेक्टिव सिक्योरिटी ट्रीट ऑर्गनाइजेशन की “वर्किंग मीटिंग” के बाद दी गई चेतावनी…
  • election rally
    रवि शंकर दुबे
    क्या सिर्फ़ विपक्षियों के लिए हैं कोरोना गाइडलाइन? बीजेपी के जुलूस चुनाव आयोग की नज़रो से दूर क्यों?
    18 Jan 2022
    कोरोना गाइडलाइंस के परवाह न करते हुए हर राजनीतिक दल अपनी-अपनी तरह से प्रचार में जुटे हैं, ऐसे में विपक्षी पार्टियों पर कई मामले दर्ज किए जा चुके हैं लेकिन बीजेपी के चुनावी जुलूसों पर अब भी कोई बड़ी…
  • Rohit vemula
    फ़र्रह शकेब
    स्मृति शेष: रोहित वेमूला की “संस्थागत हत्या” के 6 वर्ष बाद क्या कुछ बदला है
    18 Jan 2022
    दलित उत्पीड़न की घटनायें हमारे सामान्य जीवन में इतनी सामान्य हो गयी हैं कि हम और हमारी सामूहिक चेतना इसकी आदी हो चुकी है। लेकिन इन्हीं के दरमियान बीच-बीच में बज़ाहिर कुछ सामान्य सी घटनाओं के प्रतिरोध…
  • bank
    प्रभात पटनायक
    पूंजीवाद के अंतर्गत वित्तीय बाज़ारों के लिए बैंक का निजीकरण हितकर नहीं
    18 Jan 2022
    बैंकों का सरकारी स्वामित्व न केवल संस्थागत ऋण की व्यापक पहुंच प्रदान करता है बल्कि पूंजीवाद की वित्तीय प्रणाली की स्थिरता के लिए भी आवश्यक है।
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी में चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर विपक्ष का सवाल !
    17 Jan 2022
    न्यूज़चक्र में अभिसार बात कर रहे हैं समाजवादी पार्टी के चुनाव आयोग पर किए गए सवालों और धर्म संसद के मामले में हुई गिरफ़्तारी की
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License