NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
तीन राज्यों में उपचुनाव 31 मई को: उत्तराखंड में तय होगा मुख्यमंत्री धामी का भविष्य!
चुनाव आयोग ने तीन राज्यों की तीन सीटों पर विधानसभा चुनावों की तारीख घोषित कर दी है, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण उत्तराखंड की चंपावत सीट को माना जा रहा है। क्योंकि यहां से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मैदान में हैं।
रवि शंकर दुबे
07 May 2022
Dhami

बीते दिनों पांच बड़े राज्यों में विधानसभा चुनाव संपन्न हुए हैं, जिसमें कई दिग्गजों को हार का सामना करना पड़ा था। जिनमें से एक पुष्कर सिंह धामी भी हैं, हालांकि उन्हें हार के बावजूद भाजपा हाईकमान ने मुख्यमंत्री का पद सौंपा।

अब मंत्री या मुख्यमंत्री बने रहने के लिए शपथ ग्रहण से 6 महीने के भीतर विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य होना ज़रूरी होता है। उत्तराखंड में विधान परिषद है नहीं। ऐसे में यह विकल्प ख़त्म हो जाता है और मुख्यमंत्री धामी को सीधे चुनाव में जाना पड़ रहा है। धामी आने वाले उप चुनाव में चंपावत से उपचुनाव में भाग लेंगे।

आपको बता दें कि चुनाव आयोग ने देश की तीन विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया है। जिसमें से उत्तराखंड की चंपावत विधानसभा सीट पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। इसके अलावा ओडिशा की ब्रजराजनगर औऱ केरल की थ्रिक्काकारा विधानसभा सीट शामिल हैं। इन तीनों ही विधानसभा सीटों पर 31 मई को मतदान होगा, जबकि 3 जून को नतीजे घोषित किए जाएंगे।


तीनों ही विधानसभा सीटों पर नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया चार मई से शुरू हो चुकी है जबिक चंपावत विधानसभा सीट पर नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख 17 मई है। वहीं थ्रीक्काकारा में नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया 16 मई जबकि ब्रजराजनगर में नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया 17 मई तय की गई है।

उत्तराखंड की चंपावत सीट

नामांकन— 4 मई से 11 मई तक
नामांकन वापस लेने की तिथि— 17 मई
मतदान— 31 मई
मतगणना— 3 जून

ओडिशा की ब्रजराजनगर विधानसभा सीट

नामांकन— 4 मई से 11 मई तक
नामांकन वापस लेने की तिथि— 17 मई
मतदान— 31 मई
मतगणना— 3 जून

केरल की थ्रीक्काकारा विधानसभा सीट

नामांकन— 4 मई से 11 मई
नामांकन वापस लेने की तिथि— 16 मई
मतदान— 31 मई
मतगणना— 3 जून

तीनों ही विधानसभा सीटों में सबसे महत्वपूर्ण उत्तराखंड की चंपावत विधानसभा है, क्योंकि यहां से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चुनावी मैदान में हैं। आपको बता दें कि विधानसभा चुनावों में भाजपा को बहुमत तो मिल गया था लेकिन पुष्कर सिंह धामी अपने विधानसभा क्षेत्र खटीमा से हार गए थे। इसके बावजूद तमाम समीकरणों पर विचार करने के बावजूद भाजपा आलाकमान ने उन्हें एक बार फिर मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया।

मुख्यमंत्री बनने के बाद, संवैधानिक प्रावधानों के तहत धामी के लिए 6 महीने के भीतर विधानसभा का सदस्य बनना अनिवार्य है, इसलिए मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही धामी ने ख़ुद के लिए विधानसभा सीट ढूंढनी शुरू कर दी थी।

धामी के दोबारा मुख्यमंत्री बनने से पहले कैलाश चंद्र गहतोड़ी ने उनके लिए अपनी सीट छोड़ने का ऐलान कर दिया था। इसके बाद भाजपा के कई अन्य विधायकों के साथ एक निर्दलीय और कांग्रेस विधायक ने अपनी छीट छोड़ने का फैसला किया था लेकिन आखिर में धामी ने उपचुनाव लड़ने के लिए चंपावत सीट को ही चुना।

धामी द्वारा चंपावत सीट से उपचुनाव लड़ने का फैसला इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि चंपावत सीट जातिगत समीकरणों के आधार पर धामी के लिए बिल्कुल फिट बैठती है। पहाड़ी जिले की इस सीट पर करीब 54 फीसदी ठाकुर मतदाता हैं, मुख्यमंत्री धामी भी ठाकुर हैं, इस सीट पर 24 फीसदी ब्राह्मण हैं। ब्राह्मणों को परंपरागत रूप से बीजेपी का वोटर माना जाता है। चंपावत सीट पर 18 फीसदी दलित और चार फीसदी मुस्लिम वोटर भी हैं। इस तरह वोटों के गुणा-गणित को देखते हुए बीजेपी ने सीएम धामी को चंपावत से उपचुनाव लड़ाना मुफीद समझा।

इन सब के बावजूद चंपावत सीट जीत पाना धामी के लिए इतना आसान भी नहीं होगा, क्योंकि कांग्रेस ने धामी के सामने महिला और ब्राह्मण का संगम खड़ा कर दिया है। कांग्रेस ने इस बार निर्मला गहतोड़ी को अपना उम्मीदवार बनाया है। निर्मला गहतोड़ी कांग्रेस की पूर्व ज़िला अध्यक्ष और पूर्व राज्य मंत्री (राज्य महिला सशक्तिकरण उपाध्यक्ष) के पद पर रह चुकी हैं। यानी ये कहना ग़लत नहीं होगा कि चंपावत सीट पर कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधी टक्कर होने जा रही है। इस सीट के बारे में बात करें तो हमेशा से ही यहां कांग्रेस-भाजपा आमने सामने रही हैं, जिसमें दो बार कांग्रेस तो तीन बार भाजपा ने जीत हासिल की है।

धामी को टक्कर देने के लिए कांग्रेस का महिला प्रत्याशी पर दांव... दो मायने हो सकते हैं: पहला कि दो बार के विधायक रहे हिमेश खर्कवाल भाजपा से दो बार चुनाव हार चुके हैं, ऐसे में भाजपा को पटखनी देने के लिए कांग्रेस ने रणनीति बदली हो।

दूसरा ये कि चंपावत सीट पर हमेशा से ब्राह्मणों का कब्ज़ा रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ठाकुर हैं, ऐसे में कांग्रेस ने निर्मला गहतोड़ी एक ब्राह्मण चेहरा उतारा है।

लेकिन सवाल ये है कि क्या कांग्रेस की बदलती रणनीति को फायदा मिलेगा क्योंकि निर्मला की सीधी टक्कर मुख्यमंत्री से है। और चंपावत की जनता को इस बार विधायक का नहीं बल्कि सीधा मुख्यमंत्री का चुनाव करना है।

कांग्रेस ने भले ही महिला उम्मीदवार को चंपावत विधानसभा सीट से मैदान में उतार दिया हो लेकिन इससे पहले एक भी बार महिला को उम्मीदवार नहीं बनाया था, जबकि भाजपा पहले भी दो बार महिला उम्मीदवारों को इस सीट से चुनावी मैदान में उतार चुकी है। साल 2007 में भाजपा ने बीना महाराना को उम्मीदवार बनाया था। बीना ने इस सीट से जीत हासिल की, जिसके बाद उन्हें तत्कालीन खंडूरी सरकार में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री भी बनाया गया। इसके बाद साल 2012 में भी भाजपा ने एक महिला को इस सीट से टिकट दिया हालांकि इस बार कांग्रेस के हिमेश खर्कवाल ने यहां से जीत हासिल की।

ख़ैर... पुष्कर सिंह धामी के लिए जहां मुख्यमंत्री पद पर बने रहने के लिए चंपावत जीतना ज़रूरी है, तो उनकी और भाजपा की साख भी दांव पर है। यहां उनकी जीत का मार्जिन भी लोग देखेंगे। देखेंगे कि एक मुख्यमंत्री कितने वोटों से जीतता है। वहीं दूसरी ओर अगर कांग्रेस की निर्मला जीतने में कामयाब हो जाती हैं तो इसे बड़ा उलटफेर कहा जाएगा और आने वाले लोकसभा चुनावों के लिए कांग्रेस के लिए बड़े और सकारात्मक संकेत होंगे।

उत्तराखंड के अलावा देश में केरल की थ्रिक्काकारा विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने हैं, यहां 31 मई को मतदान होगा और 3 जून को नतीजे आएंगे। पिछले दिनों कांग्रेस ने एर्णाकुलम की थ्रिक्काकारा विधानसभा सीट पर पार्टी के दिवंगत नेता पीटी थॉमस की पत्नी उमा थॉमस को संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) का उम्मीदवार घोषित किया है।

आपको बता दें कि थ्रिक्काकारा सीट पर उपचुनाव की ज़रूरत पीटी थ़ॉमस का निधन हो जाने के बाद पड़ी थी। कांग्रेस ने चुनाव में 56 साल की उमा थॉमस को दिवंगत पति की लोकप्रियता और उनसे जुड़ी लोगों की भावनाओं के आधार पर चुनावी मैदान में उतारा है।

उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद उमा ने पत्रकारों से बात करते हुआ कहा था कि-- जैसे थ्रिक्काकारा के लोगों ने उनके पति को समर्थन दिया था वैसे ही उन्हें भी वोट मिलेंगे। वहीं एलडीएफ द्वारा सीटें बढ़ाकर 100 किए जाने के जवाब में उन्होंने कहा कि ''क्या होगा अगर हम उन्हें 99 पर रोक दें''

इसके अलावा ओडिशा के झारसुगुड़ा ज़िले की ब्रजराजनगर विधानसभा सीट पर भी 31 मई को ही चुनाव होना है, ये सीट बीजेडी के विधायक किशोर कुमार मोहांती की अचानक मृत्यु के बाद खाली हुई है। अब यहां बीजेडी, भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर देखने को मिलेगी। ब्रजराजनगर विधानसभा क्षेत्र में कुल 2 लाख 14 हजार 745 मतदाता है। इन मतदाताओं के लिए 279 बूथ बनाए जाएंगे। अति बुजुर्ग एवं दिव्‍यांग मतदाताओं के लिए पोस्टल बैलट से मत देने की व्यवस्था की गई है। कोविड नियम का अनुपालन कर मतदान प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। वहीं नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। पहले दिन सीपीआई से रमेश त्रिपाठी ने नामांकन पत्र खरीदा है।

ख़़ैर... तीन विधानसभा सीटों पर चुनाव बेहद दिलचस्प होंगे, खासकर उत्तराखंड की चंपावत सीट पर.. क्योंकि यहां से खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चुनावी मैदान में हैं।

Pushkar Singh Dhami
UTTRAKHAND GOVT
UK BYELECTION
UK BJP
UK CONGRESS

Related Stories

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत उपचुनाव में दर्ज की रिकार्ड जीत

उत्तराखंड : ज़रूरी सुविधाओं के अभाव में बंद होते सरकारी स्कूल, RTE क़ानून की आड़ में निजी स्कूलों का बढ़ता कारोबार 

महंत ने भगवानपुर में किया हनुमान चालीसा का पाठ, कहा ‘उत्तराखंड बन रहा कश्मीर’

उत्तराखंड : चार धाम में रह रहे 'बाहरी' लोगों का होगा ‘वेरीफिकेशन’

व्यासी परियोजना की झील में डूबा जनजातीय गांव लोहारी, रिफ्यूज़ी बन गए सैकड़ों लोग

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में धामी का शपथ ग्रहण बुधवार को, प्रधानमंत्री भी होंगे शामिल

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव परिणाम: हिंदुत्व की लहर या विपक्ष का ढीलापन?

उत्तराखंड में भाजपा को पूर्ण बहुमत के बीच कुछ ज़रूरी सवाल

उत्तराखंड में बीजेपी 47, कांग्रेस 19 सीटों पर आगे

क्या हैं उत्तराखंड के असली मुद्दे? क्या इस बार बदलेगी उत्तराखंड की राजनीति?


बाकी खबरें

  • इतिहास के पन्ने
    न्यूज़क्लिक टीम
    स्पेनिश फ्लू और कोरोना: भारत के लिए सीख
    23 May 2021
    कोरोना ऐसी पहली महामारी नहीं जिसे देश झेल रहा है। देश ने 100 साल पहले स्पेनिश फ्लू को झेला था पर क्या हमने उससे कुछ सीख ली? इतिहास के पन्ने के इस अंक में बात कर रहे हैं नीलांजन
  • Yogi
    असद रिज़वी
    उत्तर प्रदेश : योगी का दावा 20 दिन में संक्रमण पर पाया काबू , आंकड़े बयां कर रहे तबाही का मंज़र
    23 May 2021
    सरकारी आँकड़ों के अनुसार कोविड-19 से मरने वालों की संख्या 21 मई को 172, 20 मई को 238, 19 मई को 282, 18 मई को 255, 16 मई को 311,  15 मई को 281, 14 मई को 312, 12 मई को 329, और 11 मई को 306 रही है।
  • दुख
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता: नकली दुखी आदमी की आवाज़ में टीन का पत्तर बजता है
    23 May 2021
    कविता ऐसी ही होती है समय के पार। कवि ऐसा ही होता है जैसे वीरेन डंगवाल, जो समय के आर-पार देख सकता है। तभी तो उनकी सन् 1976 की कविता 2021 में हूबहू हमारे सामने आकर खड़ी हो जाती है। और हम एकटक उसे देखते…
  • कटाक्ष: टूल किट न बनाइयो कोई!
    राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: टूल किट न बनाइयो कोई!
    23 May 2021
    गांठ में बांध लीजिए, मोदी जी के न्यू इंडिया का असली दुश्मन है--टूल किट। पाकिस्तान भी नहीं, चीन भी नहीं, यहां तक कि अपोजीशन भी नहीं, असली दुश्मन एक ही है--टूल किट।
  • गांव
    अंकित शुक्ला
    बिहार के गांव से ग्राउंड रिपोर्ट: कोरोना टीकाकरण में स्मार्टफोन, इंटरनेट और अंधविश्वास सबसे बड़ी बाधा
    23 May 2021
    बिहार में लोग जहाँ एक तरफ स्लो इंटरनेट कनेक्शन से जूझ रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ उनको ऑनलाइन वैक्सीन का स्लॉट बुक करना नहीं आता है और इन सब पर भारी है अंधविश्वास और अफ़वाहों का जाल।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License