NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
पाकिस्तान समेत सभी देशों के साथ ‘सामान्य’ दोस्ताना संबंध चाहता है भारत
संयुक्त राष्ट्र में भारत ने कहा है, ‘‘यह जिम्मेदारी पाकिस्तान की है कि वह अपने क्षेत्र को किसी भी तरीके से भारत के खिलाफ सीमापार आतंकवाद के लिए इस्तेमाल न करने देकर विश्वसनीय, पुष्ट कार्रवाई करे और अनुकूल माहौल बनाए।’’
भाषा
12 Jun 2021
पाकिस्तान समेत सभी देशों के साथ ‘सामान्य’ दोस्ताना संबंध चाहता है भारत

संयुक्त राष्ट्र: भारत ने कहा है कि वह पाकिस्तान समेत सभी देशों के साथ ‘‘सामान्य’’ दोस्ताना संबंध चाहता है और यह जिम्मेदारी इस्लामाबाद की है वह एक ‘‘अनुकूल माहौल’’ पैदा करे और अपने क्षेत्र का किसी भी तरीके से भारत के खिलाफ सीमापार आतंकवाद के लिए इस्तेमाल न होने दे।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में काउंसलर आर मधुसूदन ने यह टिप्पणी शुक्रवार को ‘2020 के लिए सुरक्षा परिषद की रिपोर्ट’ पर संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में की।

मधुसूदन ने महासभा में कहा, ‘‘भारत, पाकिस्तान समेत सभी देशों के साथ सामान्य दोस्ताना संबंध चाहता है। हमारा लगातार यह रुख रहा है कि अगर भारत और पाकिस्तान के बीच कोई मसला है तो उसका हल द्विपक्षीय तथा शांतिपूर्ण रूप से निकाला जाना चाहिए और वो भी भय, शत्रुता और हिंसा से मुक्त माहौल में।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह जिम्मेदारी पाकिस्तान की है कि वह अपने क्षेत्र को किसी भी तरीके से भारत के खिलाफ सीमापार आतंकवाद के लिए इस्तेमाल न करने देकर विश्वसनीय, पुष्ट कार्रवाई करे और अनुकूल माहौल बनाए।’’

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि मुनीर अकरम ने अपनी टिप्पणियों में जम्मू कश्मीर का मुद्दा उठाया था। जिस पर भारतीय अधिकारी ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान लगातार ऐसी हरकतों में शामिल है जो इस मंच के लिहाज से शोभा नहीं देतीं।

मधुसूदन ने कहा, ‘‘यह साफ है कि यह प्रतिनिधिमंडल अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मूर्ख नहीं बना पाएगा।’’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान यूएनजीए के मंच का दुरुपयोग करना चाहता है और उसने ‘‘एक बार फिर मेरे देश के आंतरिक मुद्दों को उठाया है।’’ उन्होंने कहा कि भारत की संसद द्वारा केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर और लद्दाख पर लिए गए फैसले ‘‘भारत के आंतरिक मामले’’ हैं।

भारत का अभी गैर-स्थायी सदस्य के तौर पर सुरक्षा परिषद का दो साल का कार्यकाल है। भारत ने कहा कि 15 देशों की परिषद के सदस्य के तौर पर वह अन्य निर्वाचित सदस्यों के साथ कामकाज के तरीकों में सुधार लाने के अपने प्रयास जारी रखेगा।

united nation
UN
India
Pakistan

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आईपीईएफ़ पर दूसरे देशों को साथ लाना कठिन कार्य होगा

यूक्रेन युद्ध से पैदा हुई खाद्य असुरक्षा से बढ़ रही वार्ता की ज़रूरत

वित्त मंत्री जी आप बिल्कुल गलत हैं! महंगाई की मार ग़रीबों पर पड़ती है, अमीरों पर नहीं

नेपाल की अर्थव्यवस्था पर बिजली कटौती की मार

जम्मू-कश्मीर के भीतर आरक्षित सीटों का एक संक्षिप्त इतिहास

पाकिस्तान में बलूच छात्रों पर बढ़ता उत्पीड़न, बार-बार जबरिया अपहरण के विरोध में हुआ प्रदर्शन

रूस की नए बाज़ारों की तलाश, भारत और चीन को दे सकती  है सबसे अधिक लाभ

प्रेस फ्रीडम सूचकांक में भारत 150वे स्थान पर क्यों पहुंचा

भारतीय लोकतंत्र: संसदीय प्रणाली में गिरावट की कहानी, शुरुआत से अब में कितना अंतर?


बाकी खबरें

  • Modi
    शंभूनाथ शुक्ल
    प्रधानमंत्री की कानपुर यात्रा: “बुढ़ापा हमका चापर किहिस!”
    01 Jan 2022
    कानपुर रैली में उनके भाषण को देख कर लगा कि जैसे उन्हें कानपुर से चिढ़ हो। शायद इसलिए कि कानपुर शहर का मिज़ाज थोड़ा भिन्न है। कानपुर लम्बे समय तक कम्युनिस्ट पार्टी का गढ़ रहा है।
  • kisan andolan
    लाल बहादुर सिंह
    किसानों ने 2021 में जो उम्मीद जगाई है, आशा है 2022 में वे इसे नयी ऊंचाई पर ले जाएंगे
    01 Jan 2022
    कारपोरेट-फासीवादी आक्रामकता के कैसे ख़ौफ़नाक दौर में हम  फंसे हैं, यह किसान-आंदोलन के स्थगन के 15 दिन के अंदर के घटनाक्रम से ही साफ हो गया है।
  • 2021 : जन प्रतिरोध और जीत का साल
    सुबोध वर्मा
    2021 : जन प्रतिरोध और जीत का साल
    01 Jan 2022
    पूरे साल के दौरान, औद्योगिक श्रमिकों, कर्मचारियों, किसानों, स्वरोज़गार श्रमिकों, बेरोज़गारों, पुरुष-महिलाओं, युवा-बूढ़ों – यानी कामकाजी लोगों के सभी तबक़ों ने साथ मिलकर अपनी आजीविका पर लगातार हो रहे…
  • Missionaries of Charity's
    कुमुदिनी पति
    मिश्नरीज़ ऑफ चैरिटी के FCRA रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण का आवेदन क्यों ख़ारिज हुआ?
    01 Jan 2022
    मिशनरीज ऑफ चैरिटी क्या है? यह क्या काम करता है कि इसका एफसीआरए रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण का आवेदन ख़ारिज किया गया। 
  • calendar of IIT Kharagpur
    सोनिया यादव
    क्या हिंदुत्व के प्रचार-प्रसार के लिए आईआईटी खड़गपुर का कैलेंडर तैयार किया गया है?
    01 Jan 2022
    कैलेंडर विवाद में जहां संस्थान और इस कैलेंडर को तैयार करने वाले इसमें कुछ भी गलत नहीं होने का दावा कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कई शिक्षाविद् और संस्थान के पूर्व छात्र इसके खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License