NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
यूएन ने नागोर्नो काराबख को लेकर अर्मेनिया व अज़रबैजान के बीच संघर्ष समाप्त करने का आह्वान किया
दोनों सरकारों ने साल 1994 में हस्ताक्षरित विवादित क्षेत्र पर संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन करने को लेकर एक-दूसरे को दोषी ठहराया।
पीपल्स डिस्पैच
28 Sep 2020
अर्मेनिया व अज़रबैजान

विवादित नागोर्नो काराबख क्षेत्र को लेकर अर्मेनिया और अजरबैजान के बीच ताज़ा झड़प रविवार 27 सितंबर को हुआ जिससे दोनों में युद्ध होने की संभावना बढ़ गई है। रविवार को शुरु हुई झड़पें सोमवार की सुबह तक जारी रहीं जो कि साल 2016 के बाद से सबसे बड़ा संघर्ष बताया जा रहा है।

रविवार सुबह शुरू हुए संघर्ष में लड़ाकों और नागरिकों की बड़ी संख्या में मौत की ख़बर सामने आई है। अर्मेनियाई अधिकारियों ने अज़रबैजान पर नागोर्नो काराबख में नागरिक बस्तियों पर हमला करने का आरोप लगाया जिसमें उसके 16 सैनिक मारे गए और 100 से अधिक घायल हो गए। दिन और देर रात के संघर्ष के दौरान दोनों देशों के बड़ी संख्या में लोग मारे गए जबकि दोनों तरफ हथियारों के भी भारी नुकसान हुआ है।

अर्मेनियाई और नागोर्नो-कराबख दोनों ने तब से मार्शल लॉ और सेना में अनिवार्य भर्ती की घोषणा की है। अर्मेनियाई विदेश मंत्रालय ने अजरबैजान पर हमला करने का आरोप लगाते हुए और "नागोर्नो कराबख के लोगों की स्वतंत्रता की रक्षा" करने का वचन देते हुए ट्विटर पर एक बयान जारी किया।

नागोर्नो-काराबख अर्मेनियाई नस्लीय बहुलता वाला अजरबैजान से अलग हुआ एक क्षेत्र है। साल 1991 में सोवियत संघ के विघटन के समय इस क्षेत्र ने अजरबैजान से अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की जिससे अर्मेनिया और अजरबैजान के बीच युद्ध हुआ। साल 1994 में तीन पक्षों के बीच संघर्ष विराम, अजरबैजान की सरकार, आर्मेनिया की सरकार और नागोर्नो कराबख के नेताओं के बीच रूस की मध्यस्थता के साथ समझौता हुआ। हालांकि, इस विवाद का अंतिम समाधान अभी भी लंबित है जिससे समय-समय पर संघर्ष भड़क जाता है।

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इन झड़पों को लेकर चिंता ज़ाहिर की है और दोनों पक्षों से लड़ाई रोकने की अपील की है। ईरान के विदेश मंत्री जवाद ज़रीफ़ ने रविवार को एक ट्वीट में "मतभेदों को सुलझाने के लिए बातचीत" के लिए ईरान के अधिकारियों की पेशकश करते हुए कहा कि "हमारे क्षेत्र को अब शांति की आवश्यकता है"।

Nagorno-Karabakh dispute
Armenia
Azerbaijan
United nations
Antonio Guterres

Related Stories

जलवायु परिवर्तन : हम मुनाफ़े के लिए ज़िंदगी कुर्बान कर रहे हैं

नाटो देशों ने यूक्रेन को और हथियारों की आपूर्ति के लिए कसी कमर

क्या यूक्रेन मामले में CSTO की एंट्री कराएगा रूस? क्या हैं संभावनाएँ?

पुतिन को ‘दुष्ट' ठहराने के पश्चिमी दुराग्रह से किसी का भला नहीं होगा

भारतीय अर्थशास्त्री जयती घोष संयुक्त राष्ट्र आर्थिक-सामाजिक समिति के उच्च स्तरीय सलाहकार बोर्ड में शामिल

रूस-यूक्रेन युद्ध अपडेट: संयुक्त राष्ट्र ने द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद इसे यूरोप का सबसे बड़ा शरणार्थी संकट बताया 

यह वक्त रूसी सैन्य गठबंधन को गंभीरता से लेने का क्यों है?

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार

मानवाधिकार संगठनों ने कश्मीरी एक्टिविस्ट ख़ुर्रम परवेज़ की तत्काल रिहाई की मांग की

वे उन्हें मार रहे हैं : असांज की 'स्लो डेथ' खसोगी की याद दिलाती है


बाकी खबरें

  • ग्राउंड रिपोर्ट: राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित बिहार की धनौती नदी के अस्तित्व पर संकट !
    राहुल कुमार गौरव
    ग्राउंड रिपोर्ट: राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित बिहार की धनौती नदी के अस्तित्व पर संकट !
    06 Apr 2022
    "नदी की ज़मीन का अतिक्रमण एक सुनियोजित साजिश के तहत किया गया है जिससे एक ऐतिहासिक पहचान तो गुम होगा ही, वहीं पानी का संकट खड़ा हो जाएगा।"
  • सम्मान समारोह
    राज वाल्मीकि
    देवी शंकर अवस्थी सम्मान समारोह: ‘लेखक, पाठक और प्रकाशक आज तीनों उपभोक्ता हो गए हैं’
    06 Apr 2022
    27वें देवी शंकर अवस्थी सम्मान से नवाज़े गए कवि आलोचक अच्युतानंद मिश्र। “कोलाहल में कविता की आवाज़” पुस्तक के लिए मिला पुरस्कार।
  • काशिफ़ काकवी, पीयूष शर्मा
    मध्य प्रदेश : एलपीजी की क़ीमतें बढ़ने के बाद से सिर्फ़ 30% उज्ज्वल कार्ड एक्टिव
    06 Apr 2022
    भोपाल : मिट्टी के चूल्हे के पास बैठी 50 वर्षीय रूपरानी,
  • pakistan
    हारून जंजुआ (इस्लामाबाद)
    पाकिस्तान के राजनीतिक संकट का ख़म्याज़ा समय से पहले चुनाव कराये जाने से कहीं बड़ा होगा
    06 Apr 2022
    जानकारों का कहना है कि प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के ख़िलाफ़ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को खारिज किये जाने का पाकिस्तान के लोकतांत्रिक ढांचे पर गंभीर असर पड़ सकता है।
  • srilanka
    भाषा
    श्रीलंका : राष्ट्रपति ने आपातकाल हटाया
    06 Apr 2022
    राष्ट्रपति ने देश में बदतर आर्थिक हालात को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर एक अप्रैल को सार्वजनिक आपातकाल की घोषणा की थी। तीन अप्रैल को होने वाले व्यापक विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर आपातकाल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License