NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
बाल अधिकार उल्लंघनकर्ताओं की सूची से इज़रायल और सऊदी गठबंधन को बाहर रखने पर यूएन की आलोचना
बाल अधिकार उल्लंघन के सत्यापित मामले होने के बावजूद यमन में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन व इज़रायल और अफगानिस्तान में कई गुटों को इस वर्ष की संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में इस सूची में शामिल नहीं किया गया।
पीपल्स डिस्पैच
22 Jun 2021
बाल अधिकार उल्लंघनकर्ताओं की सूची से इज़रायल और सऊदी गठबंधन को बाहर रखने पर यूएन की आलोचना

सोमवार 21 जून को प्रकाशित चिल्ड्रेन एंड आर्म्ड कन्फ्लिक्ट पर अपनी वार्षिक रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र ने दर्ज किया कि कोरोना वायरस महामारी के बढ़ते प्रभाव के साथ 2020 में बच्चों के अधिकारों के गंभीर उल्लंघन (19,379) हुआ था। हालांकि इस रिपोर्ट में एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका में संघर्ष और युद्धों में शामिल अधिकांश सेनाओं को शामिल किया गया है, लेकिन मानवाधिकार समूहों ने इस रिपोर्ट में कुछ अहम उल्लंघनकर्ताओं जैसे कि यमन में इजरायल और सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के नाम तथाकथित "लिस्ट ऑफ शेम" से गायब होने का मुद्दा उठाया है।

इस रिपोर्ट के अनुसार युद्ध और संघर्ष क्षेत्रों में बच्चों को भर्ती करने, अपहरण, हत्या और विभिन्न रूपों के यौन हिंसा सहित कई उल्लंघन हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि उसने पिछले साल कुल 26,425 उल्लंघनों की पुष्टि की। अधिकांश उल्लंघन अफगानिस्तान, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, सोमालिया, सीरिया और म्यांमार में दर्ज किए गए थे जहां सरकार और विपक्षी शक्तियां दोनों को दोषी के रूप में पाया गया। वर्ष 2000 में भी बच्चों के अपहरण और यौन हिंसा के मामलों में भारी तेजी देखी गयी। इस रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे मामलों में क्रमशः 90 और 70 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।

रिपोर्ट में कहा गया है कि, COVID-19 महामारी ने "बाल संरक्षण गतिविधियों को सीमित करने और सुरक्षित स्थानों को कम करते हुए बच्चों की मौजूदा परेशानियों को बढ़ा दिया, इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में बाधा पहुंची।"

इस रिपोर्ट का एक हिस्सा इस सूची में अन्य उल्लंघनकर्ताओं के साथ साथ यमन में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन, इजरायल और अफगानिस्तान में युद्ध में शामिल विभिन्न गुटों के नाम नहीं है। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन को यमन में 2020 में कम से कम 194 बच्चों के अधिकारों के उल्लंघन का दोषी पाया गया।

अल-जज़ीरा के अनुसार, कब्जे वाले क्षेत्रों और इज़रायल में 340 फिलिस्तीनियों और तीन इज़रायली बच्चों के खिलाफ उल्लंघन के 1031 सत्यापित मामलों के बावजूद इज़रायल को इस 'लिस्ट ऑफ शेम' में शामिल नहीं किया गया।

सेव द चिल्ड्रन के सीईओ इंगर एशिंग ने कहा कि, "लिस्ट ऑफ शेम में एक सशस्त्र गुट को शामिल करने का निर्णय केवल संयुक्त राष्ट्र द्वारा सत्यापित बच्चों के खिलाफ गंभीर उल्लंघन के पैटर्न पर आधारित होना चाहिए, न कि राजनीति पर।"

Israel
UN
Saudi Arabia
Child Rights

Related Stories

यूक्रेन युद्ध से पैदा हुई खाद्य असुरक्षा से बढ़ रही वार्ता की ज़रूरत

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

यमन में ईरान समर्थित हूती विजेता

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने रूस को शीर्ष मानवाधिकार संस्था से निलंबित किया

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई


बाकी खबरें

  • JANAZA
    ज़ाकिर अली त्यागी
    हरदोई: क़ब्रिस्तान को भगवान ट्रस्ट की जमीन बता नहीं दफ़नाने दिया शव, 26 घंटे बाद दूसरी जगह सुपुर्द-ए-खाक़!
    08 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश के हरदोई बीजेपी से जुड़े एक शख़्स ने शव को दफ़्न करने से रोक दिया, और क़ब्रिस्तान की ज़मीन पर अपना दावा ठोक दिया, हैरानी की बात यह रही कि कार्रवाई करने की बजाय प्रशासन भी उनकी ताल में…
  • अपने वर्चस्व को बनाए रखने के उद्देश्य से ‘उत्तराखंड’ की सवर्ण जातियां भाजपा के समर्थन में हैंः सीपीआई नेता समर भंडारी
    एजाज़ अशरफ़
    अपने वर्चस्व को बनाए रखने के उद्देश्य से ‘उत्तराखंड’ की सवर्ण जातियां भाजपा के समर्थन में हैंः सीपीआई नेता समर भंडारी
    08 Jan 2022
    यह समझना महत्वपूर्ण होगा कि आखिर क्यों रक्षा कर्मी हिंदुत्व के समर्थन में हैं और पर्यावरण का मुद्दा इस पहाड़ी राज्य के लिए चुनावी मुद्दा नहीं है।
  • ECI
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    5 राज्यों में चुनाव तारीख़ों की घोषणा, यूपी में 7 चरणों में चुनाव, 10 मार्च को मतगणना
    08 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश में 10 फरवरी से लेकर 7 मार्च तक 7 चरणों में मतदान होगा, वहीं उत्तराखंड, पंजाब और गोवा में 14 फरवरी को एक चरण में और मणिपुर में दो चरणों में वोट डाले जाएंगे। इसी के साथ 15 जनवरी तक रैली,…
  • रवि कौशल
    राजस्थान: REET अभ्यर्थियों को जयपुर में किया गया गिरफ़्तार, बड़े पैमाने पर हुए विरोध के बाद छोड़ा
    08 Jan 2022
    दरअसल यह लोग राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (REET) के तहत अगले चरण में पदों को बढ़वाने के लिए 70 दिनों से संघर्ष कर रहे हैं। इनकी मांग है कि सीटों की संख्या को बढ़ाकर 50,000 किया जाए।
  • सोनिया यादव
    यूपी: देश के सबसे बड़े राज्य के ‘स्मार्ट युवा’ सड़कों पर प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं?
    08 Jan 2022
    एक ओर रैलियों में बीजेपी की योगी सरकार अपनी उपलब्धियां गिनवा रही है तो वहीं दूसरी ओर चुनाव के मुहाने पर खड़े उत्तर प्रदेश के युवाओं ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License