NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
राष्ट्रपति से असांजे की माफी की मांग में यूएन के विशेषज्ञ शामिल
यूनाइटेड नेश्न्स स्पेशल रैपोर्टर ऑन टॉर्चर निल्स मेल्जर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को एक खुला पत्र लिखा है। इस तरह वे असांजे की क्षमा के लिए दुनिया भर से उठ रही मांग में शामिल हो गए हैं।
पीपल्स डिस्पैच
23 Dec 2020
assange

यूनाइटेड नेश्न्स स्पेशल रैपोर्टर ऑन टॉर्चर निल्स मेल्जर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से विकिलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे को क्षमा करने की मांग की है। अमेरिका और दुनिया भर से उठ रही मांग में शामिल होते हुए मेल्ज़र ने 22 दिसंबर को एक खुले पत्र में ट्रम्प को क्षमा करने के लिए कहा।

इस पत्र में मेल्ज़र ने यूनाइटेड किंगडम के बेलमार्श में उच्च सुरक्षा वाले जेल के अंदर असांजे की अतिसंवेदनशीलता का बिंदु उठाया है जहां COVID-19 ने असांजे के ब्लॉक में दर्जनों कैदियों को संक्रमित किया है। मेल्ज़र ने कहा कि असांजे पहले से ही सांस की बीमारी से पीड़ित हैं और उनकी सेहत "बिगड़ गई है इसको लेकर उनकी जिंदगी अब खतरे में है"।

मेल्जर ने लिखा, "असांजे पिछले दस वर्षों से अपनी स्वतंत्रता से वंचित हैं"। उन्होंने लिखा, "यह दुनिया भर में सरकारी कदाचार के बारे में सच्ची जानकारी प्रकाशित करने का साहस करने की भारी कीमत है।" उन्होंने इस तथ्य पर भी जोर दिया है कि असांजे अमेरिका के लोगों के दुश्मन नहीं हैं और न तो उन्होंने झूठी सूचना प्रकाशित की है और न ही हैक या चोरी की गई जानकारी प्रकाशित की। ये कुछ आरोप हैं जो अमेरिकी सरकार द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए।

जब से असांजे की स्थिति पर एक रिपोर्ट में "मनोवैज्ञानिक यातना" के लक्षण सामने आए हैं तब से मेल्ज़र ने असांजे की बेल्मार्श से रिहाई की मांग की है। असांजे के मामले में हाल ही में हुए ट्रायल में उनकी रिपोर्ट को विशेषज्ञ के अहम सबूत के रूप में प्रस्तुत किया गया था।

2010 में असांजे की पहली गिरफ्तारी के बाद से 18 दिसंबर को एक दशक पूरे हो गए। असांजे को वर्तमान में यूके में अपने खिलाफ अमेरिका के लिए एक प्रत्यर्पण अनुरोध के मामले में फैसले का इंतजार है। अमेरिका में उन्हें जासूसी और साइबर अपराध के कई आरोपों का सामना करना पड़ रहा है जिसमें 175 साल की अधिकतम जेल की सजा का प्रावधान है।

Assange
Julian Assange
wikileaks
assange's presidential pardon
presidential pardon for assange

Related Stories

ब्रिटेन की कोर्ट ने जूलियन असांज के अमेरिका प्रत्यर्पण की अनुमति दी

ज़ोर पकड़ती  रिहाई की मांग के बीच जूलियन असांज नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित

पत्रकारिता एवं जन-आंदोलनों के पक्ष में विकीलीक्स का अतुलनीय योगदान 

वे उन्हें मार रहे हैं : असांज की 'स्लो डेथ' खसोगी की याद दिलाती है

जूलियन असांज का न्यायिक अपहरण

मानवाधिकार दिवस पर ब्रिटेन के कोर्ट ने जूलियन असांज के अमेरिका प्रत्यर्पण को मंज़ूरी दी

क्यों जूलियन असांज पर अमानवीय मुक़दमा हम सबके लिए अन्याय है

ब्रिटिश अदालत ने अमेरिका को असांजे के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करने की अनुमति दी

असांजे मामले के एक प्रमुख गवाह ने झूठ बोलने की बात स्वीकार की

स्टीव बैनन और भ्रष्ट अधिकारियों को आख़िरी समय में ट्रंप ने माफ़ किया


बाकी खबरें

  • leather industry
    न्यूज़क्लिक टीम
    बंद होने की कगार पर खड़ा ताज नगरी का चमड़ा उद्योग
    10 Feb 2022
    आगरा का मशहूर चमड़ा उद्योग और उससे जुड़े कारीगर परेशान है। इनका कहना है कि सरकार इनकी तरफ ध्यान नही दे रही जिसकी वजह से पॉलिसी दर पॉलिसी इन्हें नुकसान पे नुक्सान हो रहा है।
  • Lakhimpur case
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    लखीमपुर कांड: मुख्य आरोपी और केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा को मिली ज़मानत
    10 Feb 2022
    केंद्रीय मंत्री के बेटे की ओर से पेश वकील ने अदालत से कहा था कि उनका मुवक्किल निर्दोष है और उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं है कि उसने किसानों को कुचलने के लिए घटना में शामिल वाहन के चालक को उकसाया था।
  • uttarakhand
    मुकुंद झा
    उत्तराखंड चुनाव : टिहरी बांध से प्रभावित गांव आज भी कर रहे हैं न्याय की प्रतीक्षा!
    10 Feb 2022
    उत्तराखंड के टिहरी ज़िले में बने टिहरी बांध के लिए ज़मीन देने वाले ग्रामीण आज भी बदले में ज़मीन मिलने की आस लगाए बैठे हैं लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
  •  Bangladesh
    पीपल्स डिस्पैच
    बांग्लादेश: सड़कों पर उतरे विश्वविद्यालयों के छात्र, पुलिस कार्रवाई के ख़िलाफ़ उपजा रोष
    10 Feb 2022
    बांग्लादेश में शाहजलाल विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के बाद, देश के कई विश्वविद्यालयों में छात्र एकजुटता की लहर दौड़ गई है। इन प्रदर्शनकारी छात्रों ने…
  • Newsletter
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    वैश्विक निरक्षरता के स्थिर संकट के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाएँ
    10 Feb 2022
    संयुक्त राष्ट्र ने नोट किया कि 'दुनिया भर में 150 करोड़ से अधिक छात्र और युवा कोविड-19 महामारी के कारण बंद स्कूल और विश्वविद्यालयों से प्रभावित हो रहे हैं या प्रभावित हुए हैं'; कम से कम 100 करोड़…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License