NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
यूएन ने युगांडा में विपक्षी दलों और पत्रकारों पर सरकारी हिंसा को लेकर चिंता जताई
14 जनवरी के चुनाव में राष्ट्रपति मुसेवेनी को मुख्य रुप से चुनौती देने वाले बॉबी वाइन ने अपने समर्थकों पर कई हमलों के बाद अपने बच्चों को देश से भेज दिया।
पीपल्स डिस्पैच
11 Jan 2021
यूएन

युगांडा में 14 जनवरी को चुनाव होने हैं। इससे कुछ ही दिन पहले यूएन हाई कमीशनर ऑफ ह्यूमन राइट्स ने विपक्षी दलों पर सरकार की बढ़ती हिंसक कार्रवाई और वर्ष 1986 से सत्तासीन राष्ट्रपति योवेरी कागुता मुसेवेनी के खिलाफ उनके प्रचार को रोकने के लिए COVID-19 को लेकर प्रतिबंधों का चयनात्मक तरीके से इस्तेमाल करने को लेकर चिंता जाहिर की है।

विपक्षी दलों के प्रचारों को कवर करने से रोकने के लिए पुलिस व्यवस्थित तरीके से पत्रकारों के खिलाफ हिंसात्माक कार्रवाई कर रही है।

कई पत्रकार घायल हुए हैं जिनमें से कम से कम तीन गंभीर हालत में थे जो जिंदगी और मौत से जूझ रहे थे। यूएनएचआरसी द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, ”चुनाव से पहले अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार सहित शांतिपूर्ण सभा और इसमें भाग लेने के साथ साथ ही मनमाने ढंग से जीवन को नुकसान पहुुंचाने, मनमानी गिरफ्तारी और हिरासत तथा यातना जैसे कई मानवाधिकारों के उल्लंघन की सूचना मिली है।"

एक दिन पहले रॉबर्ट कयागुलानी सेसेंटामु उर्फ बॉबी वाइन जो राष्ट्रपति मुसेवेनी के मुख्य चुनौतीकर्ता के रूप में उभरे हैं उन्हें अपने बच्चों को देश से बाहर ले जाने और अमेरिका में रिश्तेदारों की देखरेख में रखने के लिए मजबूर किया गया था क्योंकि उन्हें अपहरण की जानकारी मिली थी।

वाइन का प्रचार सरकारी हिंसा का मुख्य रुप से शिकार रहा है। 3 नवंबर को राष्ट्रपति पद के लिए अपना नामांकन दाखिल करने के कुछ मिनट बाद ही वाइन ने आरोप लगाया कि उन्हें पुलिस द्वारा पीटा गया था। 18 नवंबर को उनकी गिरफ्तारी (बाद में जमानत पर रिहा हुए) से बड़े पैमाने पर हिंसा हुई जिसमें 37 लोगों की जान चली गई थी।

27 दिसंबर को जब सुरक्षा बलों ने उनके प्रचार पर फिर से हमला किया तो उनके निजी अंगरक्षक का गंभीर रूप से घायल पत्रकार की मदद करने के दौरान एक सैन्य वाहन द्वारा कुचले जाने के बाद देहांत हो गया।

30 दिसंबर को फिर यूएनएचआरसी के बयान में कहा गया, "कलंगाला में 90 एनयूपी समर्थकों को तब गिरफ्तार किया गया जब सुरक्षा बलों ने उनके प्रचार कार्यक्रमों पर अन्य उल्लंघनों के साथ साथ COVID नियमों के उल्लंघन के लिए रोक लगा दिया था। उनके अनुसार अदालत में पेश होने के दौरान हिरासत में यातना के चलते कुछ लोगों को चोटें आईं। इसके विपरीत, पुलिस ने सत्तारूढ़ दल द्वारा किए गए चुनावी प्रचार पर इतने सख्त तरीके से COVID-19 प्रतिबंध लागू नहीं किए हैं।"

8 जनवरी को पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डिप्टी आईजीपी मेजर जनरल पॉल लोकेच ने वाइन के प्रचार करने वाले 17 पत्रकारों की गिरफ्तारी को उचित ठहराया और आरोप लगाया कि पत्रकार के रुप वे एक्टिविस्ट थें।

Uganda
United nations
COVID-19
Yoweri Museveni

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

जलवायु परिवर्तन : हम मुनाफ़े के लिए ज़िंदगी कुर्बान कर रहे हैं

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

कोरोना अपडेट: देश में एक हफ्ते बाद कोरोना के तीन हज़ार से कम मामले दर्ज किए गए

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता: किस चीज़ से डरते हैं वे?
    09 Jan 2022
    गोरख पाण्डेय ने 43 साल पहले देश के हाकिमों से पूछा था कि “किस चीज़ से डरते हैं वे/तमाम धन-दौलत/ गोला-बारूद पुलिस-फ़ौज के बावजूद?”, आज भी ये सवाल मौज़ू है और साथ ही उसका जवाब भी।
  • UP
    असद रिज़वी
    यूपी चुनाव हलचल: गठबंधन के सहारे नैया पार लगाने की कोशिश करतीं सपा-भाजपा
    09 Jan 2022
    यूपी में चुनावों का ऐलान हो चुका है, सबकी नज़र सपा और भाजपा पर है, बसपा, रालोद और कांग्रेस भी चुनावी गणित में अपना अपना हिस्सा लेने की आस लगाए बैठी हैं। आइए गठबंधनों के लिए अंदर ही अंदर चल रही हलचल…
  • omicron
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: ओमीक्रॉन आला रे...
    09 Jan 2022
    हम तो हर मेहमान का स्वागत करते हैं। आखिर 'अतिथि देवो भव', यही हमारी सभ्यता है। और अगर मेहमान विदेशी हो तो कहना ही क्या! विदेशी अतिथि तो हमें बहुत ही पसंद हैं। क्या पता, निवेश करने ही आया हो।
  • पीएम सुरक्षा चूक पर धुंध, चन्नी की चमक और सूबाई चुनाव
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    पीएम सुरक्षा चूक पर धुंध, चन्नी की चमक और सूबाई चुनाव
    08 Jan 2022
    पंजाब और पंजाबियत के बचाव में पुरजोर ढंग से बोलकर क्या मुख्यमंत्री चन्नी ने अपने सूबे में अपनी हैसियत मजबूत कर ली है? #HafteKiBaat के नये एपिसोड में इन सवालों के अलावा पांच राज्यों में चुनाव की…
  • संभावित लॉकडाउन के ख़तरे के बीच बिहार-यूपी लौटने लगे प्रवासी श्रमिक !
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    संभावित लॉकडाउन के ख़तरे के बीच बिहार-यूपी लौटने लगे प्रवासी श्रमिक !
    08 Jan 2022
    घर लौटने को लेकर मुंबई में अफरातफरी का माहौल सामने आया है। मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर इन श्रमिकों की भीड़ देखी गई। घर पहुंचने के लिए बिहार-उत्तरप्रदेश के इन श्रमिकों को ट्रेन में जगह नहीं मिल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License