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संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ने यूएई में क़ैद मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग की
संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी के अनुसार तीन मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के साथ संयुक्त अरब अमीरात की जेलों के भीतर दुर्व्यवहार किया गया है और उन्होंने उनकी तत्काल रिहाई की मांग की है।
पीपल्स डिस्पैच
11 Feb 2021
UAE Human Rights

मानवाधिकार कार्यकर्ता की स्थिति को लेकर यूनाइटेड नेशन के विशेष दूत मैरी लॉलर ने बुधवार 10 फरवरी को यूएई सरकार से कहा कि 10 साल जेल की सजा काट रहे तीन मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को रिहा करने को लेकर कहा कि उनके साथ जेल के अंदर उत्पीड़न और दुर्व्यवहार किया जाता है।

एक प्रेस विज्ञप्ति में लॉलर ने कहा कि, "न केवल मोहम्मद अल-रोकन, अहमद मंसूर और नासिर बिन गैथ को संयुक्त अरब अमीरात में मानवाधिकारों का सम्मान करने के लिए उनके अहिंसक और वैध तरीके से आह्वान के लिए कैद में रखा गया और दोषी ठहराया गया है बल्कि वे जेल में दुर्व्यवहार का शिकार भी हुए हैं।"

रोकन, मंसूर और बिन गैथ लंबे समय से संयुक्त अरब अमीरात में मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए काम कर रहे हैं और भाषण व अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राजनीतिक विरोधियों के मुखर समर्थक रहे हैं।

रोकन, मंसूर और बिन गैथ को 2012, 2018 और 2015 से क्रमशः "सरकार के खिलाफ साजिश रचने", "सरकार की सार्वजनिक आलोचना करने", यूएई के "रुतबा व प्रतिष्ठा और इसके प्रतीक" और कथित मानवाधिकार उल्लंघन" को लेकर सोशल मीडिया में नेताओं की आलोचना करने सहित अन्य आरोपों के लिए यूएई में कैद किया गया है।

वर्किंग ग्रुप ऑन आर्बिटवर्स डिटेंशन ने कहा था कि मोहम्मद अल-रोकन और नसीर बिन गैथ की हिरासत मनमानी हैं। रोकन को 2012 में मास ट्रायल में सजा सुनाई गई थी जिसमें 94 लोगों पर अमीराती सरकार को उखाड़ फेंकने की साजिश रचने का आरोप लगाया गया था। अहमद मसूर और बिन गैथ ने जेल के अंदर दुर्व्यवहार किए जाने को लेकर 80 दिनों से अधिक समय तक भूख हड़ताल की थी। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार दोनों को आवश्यक मेडिकल सुविधा सहित कुछ बुनियादी सुविधाओं से वंचित करते हुए लंबे समय से एकांत कारावास और छोटी सेल में डाल दिया गया है।

लॉलर ने कहा, “इनके मानवाधिकारों से जुड़े कार्यों के सिलसिले में इन कार्यकर्ताओं को 10 साल की जेल की सज़ा सुनाना न केवल उन्हें और उनके कोशिशों को रोकने का प्रयास है बल्कि यूएई के ऐसे महत्वपूर्ण समय में इस वैध कार्य में शामिल होने से दूसरों को डराने और रोकने का प्रयास है जब मौलिक स्वतंत्रता को नजरअंदाज किया जाता है और नागरिकों का स्थान लगातार घट रहा है।”

UN
UAE
UAE Human Rights

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