NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ने यूएई में क़ैद मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग की
संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी के अनुसार तीन मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के साथ संयुक्त अरब अमीरात की जेलों के भीतर दुर्व्यवहार किया गया है और उन्होंने उनकी तत्काल रिहाई की मांग की है।
पीपल्स डिस्पैच
11 Feb 2021
UAE Human Rights

मानवाधिकार कार्यकर्ता की स्थिति को लेकर यूनाइटेड नेशन के विशेष दूत मैरी लॉलर ने बुधवार 10 फरवरी को यूएई सरकार से कहा कि 10 साल जेल की सजा काट रहे तीन मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को रिहा करने को लेकर कहा कि उनके साथ जेल के अंदर उत्पीड़न और दुर्व्यवहार किया जाता है।

एक प्रेस विज्ञप्ति में लॉलर ने कहा कि, "न केवल मोहम्मद अल-रोकन, अहमद मंसूर और नासिर बिन गैथ को संयुक्त अरब अमीरात में मानवाधिकारों का सम्मान करने के लिए उनके अहिंसक और वैध तरीके से आह्वान के लिए कैद में रखा गया और दोषी ठहराया गया है बल्कि वे जेल में दुर्व्यवहार का शिकार भी हुए हैं।"

रोकन, मंसूर और बिन गैथ लंबे समय से संयुक्त अरब अमीरात में मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए काम कर रहे हैं और भाषण व अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राजनीतिक विरोधियों के मुखर समर्थक रहे हैं।

रोकन, मंसूर और बिन गैथ को 2012, 2018 और 2015 से क्रमशः "सरकार के खिलाफ साजिश रचने", "सरकार की सार्वजनिक आलोचना करने", यूएई के "रुतबा व प्रतिष्ठा और इसके प्रतीक" और कथित मानवाधिकार उल्लंघन" को लेकर सोशल मीडिया में नेताओं की आलोचना करने सहित अन्य आरोपों के लिए यूएई में कैद किया गया है।

वर्किंग ग्रुप ऑन आर्बिटवर्स डिटेंशन ने कहा था कि मोहम्मद अल-रोकन और नसीर बिन गैथ की हिरासत मनमानी हैं। रोकन को 2012 में मास ट्रायल में सजा सुनाई गई थी जिसमें 94 लोगों पर अमीराती सरकार को उखाड़ फेंकने की साजिश रचने का आरोप लगाया गया था। अहमद मसूर और बिन गैथ ने जेल के अंदर दुर्व्यवहार किए जाने को लेकर 80 दिनों से अधिक समय तक भूख हड़ताल की थी। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार दोनों को आवश्यक मेडिकल सुविधा सहित कुछ बुनियादी सुविधाओं से वंचित करते हुए लंबे समय से एकांत कारावास और छोटी सेल में डाल दिया गया है।

लॉलर ने कहा, “इनके मानवाधिकारों से जुड़े कार्यों के सिलसिले में इन कार्यकर्ताओं को 10 साल की जेल की सज़ा सुनाना न केवल उन्हें और उनके कोशिशों को रोकने का प्रयास है बल्कि यूएई के ऐसे महत्वपूर्ण समय में इस वैध कार्य में शामिल होने से दूसरों को डराने और रोकने का प्रयास है जब मौलिक स्वतंत्रता को नजरअंदाज किया जाता है और नागरिकों का स्थान लगातार घट रहा है।”

UN
UAE
UAE Human Rights

Related Stories

यूक्रेन युद्ध से पैदा हुई खाद्य असुरक्षा से बढ़ रही वार्ता की ज़रूरत

खाड़ी में पुरानी रणनीतियों की ओर लौट रहा बाइडन प्रशासन

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने रूस को शीर्ष मानवाधिकार संस्था से निलंबित किया

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

बाइडेन ने फैलाए यूक्रेन की सीमा की ओर अपने पंख

यमन के लिए यूएन का सहायता सम्मेलन अकाल और मौतों की चेतावनियों के बीच अपर्याप्त साबित हुआ

यूक्रेन-रूस अपडेट: चीन ने की यूक्रेन को मदद की पेशकश, रूस पर प्रतिबंधों को भी बताया गलत

यमन में युद्ध अपराध की जांच कर रहे यूएन इंवेस्टिगेटर की जासूसी के लिए सऊदी ने किया पेगासस का इस्तेमाल

AUKUS के विश्वासघात के ख़िलाफ़ मैक्रोन का बदला


बाकी खबरें

  • Ludhiana
    न्यूज़क्लिक टीम
    ग्राउंड रिपोर्ट; लुधियानाः क्या दलित कार्ड पार लगाएगा नैया या भारी दूसरे दांव
    18 Feb 2022
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह पहुंची लुधियाना और भगत सिंह के भांजे प्रो. जगमोहन सिंह से लेकर सफाई कर्मचारी समाज, नौजवानों से मिलकर जाना चुनावी मौसम का हाल
  • Udupi Ground Report
    शिवम चतुर्वेदी
    उडुपी ग्राउंड रिपोर्ट : हिजाब के समर्थन में हैं कॉलेज की हिंदू लड़कियां, पर उन्हें मीडिया से बात करने की इजाज़त नहीं
    18 Feb 2022
    कुसुम ने कहा, "हिंदू लड़के कभी भी भगवा गमछा पहन कर पहले नहीं आया करते थे शायद वह किसी के उकसावे में आकर भगवा गमछा पहन कर आ रहे हैं।"
  • narendra modi
    पार्थ एस घोष
    क्या यह मोदी लहर के ख़ात्मे की शुरूआत है?
    18 Feb 2022
    अब राजनीतिक प्रतिद्वंदी बीजेपी से खौफ़ नहीं खाते हैं, ना ही वह धारणा रही है कि बीजेपी को हराया नहीं जा सकता। अब बीजेपी को समझ आ रहा है कि लोग अच्छे प्रशासन की अपेक्षा रखते हैं।
  • Modi channi kejriwal
    रवीश कुमार
    चन्नी का बयान ग़लत है लेकिन निंदा करने वाले उससे भी ज़्यादा ग़लत हैं
    18 Feb 2022
    प्रधानमंत्री मोदी बताएं कि तालाबंदी के समय यूपी और बिहार के मज़दूर जब दर-दर भटक रहे थे तब वे क्या कर रहे थे? पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह ने तो बयान दिया है लेकिन हरियाणा की खट्टर सरकार ने तो…
  • yogi
    भाषा
    सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध जारी 274 भरपाई नोटिस वापस लिए गए: उप्र सरकार
    18 Feb 2022
    न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति सूर्यकान्त की पीठ ने कहा कि राज्य सरकार करोड़ों रुपये की पूरी राशि वापस करेगी जो 2019 शुरू की गई कार्रवाई के तहत कथित प्रदर्शनकारियों से वसूली गई थी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License