NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
1960 से क्यूबा पर यूएस नाकेबंदी को समाप्त करने के लिए यूएन में 29वीं बार मतदान 
संयुक्त राष्ट्र महासभा के ऐतिहासिक मतदान में 184 सदस्यों ने क्यूबा से अमेरिकी नाकाबंदी को समाप्त करने का समर्थन किया जबकि केवल अमेरिका और इज़रायल ने इसके ख़िलाफ़ मतदान किया।
पीपल्स डिस्पैच
24 Jun 2021
1960 से क्यूबा पर यूएस नाकेबंदी को समाप्त करने के लिए यूएन में 29वीं बार मतदान 

संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस बुधवार को अमेरिकी सरकार के खिलाफ क्यूबा ने एक और कूटनीतिक जीत हासिल कर ली। अधिकांश देशों ने उस प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया जो 1992 के बाद से 29वीं बार क्यूबा के खिलाफ नाकाबंदी को हटाने की मांग करता है। 

संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्यों में से 184 सदस्यों द्वारा "क्यूबा के खिलाफ संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा लगाए गए आर्थिक, वाणिज्यिक और वित्तीय नाकाबंदी को समाप्त करने की आवश्यकता" शीर्षक वाले प्रस्ताव का समर्थन किया गया। केवल दो देशों यानि अमेरिका और इज़रायल ने इस नाकाबंदी के पक्ष में मतदान किया, जबकि तीन देशों ने भाग नहीं लिया।

1960 में क्यूबा के खिलाफ अमेरिका द्वारा लगाए गए आपराधिक प्रतिबंध को हटाने की मांग करते हुए 1992 के बाद से हर साल क्यूबा सरकार ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक गैर-बाध्यकारी प्रस्ताव पेश किया है। कमांडर फिदेल कास्त्रो के नेतृत्व में क्यूबा की क्रांति में गहराते समाजवादी प्रकृति और क्यूबा की संपत्ति का राष्ट्रीयकरण के बाद अमेरिका द्वारा जवाबी कार्रवाई के रूप में प्रतिबंध लगाया गया था। 

1992 में पहले मतदान के बाद से हर साल संयुक्त राष्ट्र महासभा ने लंबे समय तक गैर-सैद्धांतिक नाकाबंदी और दमनकारी एकतरफा प्रतिबंधों की निंदा करने के पक्ष में भारी मतदान किया। हालांकि, अमेरिका संयुक्त राष्ट्र महासभा के अनुरोध की अनदेखी करता रहा है।

बाध्यकारी इन नियमों ने कैरेबियाई राष्ट्र और उसके लोगों को भारी नुकसान पहुंचाया है और इसके विकास को बुरी तरह से प्रभावित किया है। क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिग्ज ने नाकाबंदी के प्रभावों पर ये रिपोर्ट पेश की। इसका प्रभाव COVID-19 महामारी में तेज हो गई है।

इस महामारी के बीच, जब इस बीमारी से लड़ने के लिए विश्व एकजुटता की आवश्यकता है तब क्यूबा को स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए दवाएं, आपूर्ति और उपकरण प्राप्त करने से रोक दिया गया है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यकाल के अधीन क्यूबा पर कुल 243  बाध्यकारी नियम लगाए गए, इनमें से 55 नियम केवल 2020 में लगाए गए थे। क्यूबा के साथ अमेरिकी संबंधों को फिर से स्थापित करने के चुनावी वादों के बावजूद राष्ट्रपति जो बाइडेन प्रशासन में ये बाध्यकारी नियम बरकरार हैं।

cuba
UN
United Nations General Assembly
America

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

क्यों USA द्वारा क्यूबा पर लगाए हुए प्रतिबंधों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं अमेरिकी नौजवान

यूक्रेन युद्ध से पैदा हुई खाद्य असुरक्षा से बढ़ रही वार्ता की ज़रूरत

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने रूस को शीर्ष मानवाधिकार संस्था से निलंबित किया

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

बाइडेन ने फैलाए यूक्रेन की सीमा की ओर अपने पंख

यमन के लिए यूएन का सहायता सम्मेलन अकाल और मौतों की चेतावनियों के बीच अपर्याप्त साबित हुआ


बाकी खबरें

  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    यूपी: योगी 2.0 में उच्च-जाति के मंत्रियों का दबदबा, दलितों-पिछड़ों और महिलाओं की जगह ख़ानापूर्ति..
    02 Apr 2022
    52 मंत्रियों में से 21 सवर्ण मंत्री हैं, जिनमें से 13 ब्राह्मण या राजपूत हैं।
  • अजय तोमर
    कर्नाटक: मलूर में दो-तरफा पलायन बन रही है मज़दूरों की बेबसी की वजह
    02 Apr 2022
    भारी संख्या में दिहाड़ी मज़दूरों का पलायन देश भर में श्रम के अवसरों की स्थिति को दर्शाता है।
  • प्रेम कुमार
    सीबीआई पर खड़े होते सवालों के लिए कौन ज़िम्मेदार? कैसे बचेगी CBI की साख? 
    02 Apr 2022
    सवाल यह है कि क्या खुद सीबीआई अपनी साख बचा सकती है? क्या सीबीआई की गिरती साख के लिए केवल सीबीआई ही जिम्मेदार है? संवैधानिक संस्था का कवच नहीं होने की वजह से सीबीआई काम नहीं कर पाती।
  • पीपल्स डिस्पैच
    लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया
    02 Apr 2022
    इज़रायल के क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में और विदेशों में रिफ़्यूजियों की तरह रहने वाले फ़िलिस्तीनी लोग लैंड डे मनाते हैं। यह दिन इज़रायली क़ब्ज़े के ख़िलाफ़ साझे संघर्ष और वापसी के अधिकार की ओर प्रतिबद्धता का…
  • मोहम्मद सज्जाद, मोहम्मद ज़ीशान अहमद
    भारत को अपने पहले मुस्लिम न्यायविद को क्यों याद करना चाहिए 
    02 Apr 2022
    औपनिवेशिक काल में एक उच्च न्यायालय के पहले मुस्लिम न्यायाधीश, सैयद महमूद का पेशेवराना सलूक आज की भारतीय न्यायपालिका में गिरते मानकों के लिए एक काउंटरपॉइंट देता है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License