NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
यूएन की अफ़ग़ानिस्तान में आर्थिक संकट की चेतावनी, देश की संपत्ति को मुक्त करने का आग्रह
यूएनडीपी सहित कई एजेंसियों ने दावा किया है कि अगर मौजूदा स्थिति जारी रही तो देश में सभी बुनियादी सेवाएं ख़त्म हो जाएंगी और अफगानिस्तान के लगभग सभी नागरिक अगले साल तक गरीबी रेखा से नीचे आ जाएंगे।
पीपल्स डिस्पैच
10 Sep 2021
यूएन की अफ़ग़ानिस्तान में आर्थिक संकट की चेतावनी, देश की संपत्ति को मुक्त करने का आग्रह

यूएन ने गुरुवार 9 सितंबर को मांग की कि दुनिया पूरी तरह चरमराई देश की अर्थव्यवस्था और मौजूदा मानवीय संकट को रोकने के लिए तालिबान के साथ जुड़ना शुरू करे। इसी दिन, यूनाटेड नेशन डेवलपमेंट प्लान (यूएनडीपी) द्वारा जारी एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अगर गिरती अफगान की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए तत्काल उपाय नहीं किए गए तो देश में गरीबी दर अगले साल के अंत तक बढ़कर 97% हो जाएगी।

अफगानिस्तान के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत डेबोरा लियोन्स ने गुरुवार को सुरक्षा परिषद को बताया कि अफगानिस्तान खाद्य कीमतों में वृद्धि, गिरती मुद्रा और नकदी की कमी और वेतन के भुगतान जैसे कई मुद्दों का सामना कर रहा है। उन्होंने मांग की कि अफगानिस्तान की अरबों डॉलर की फ्रीज की गई संपत्ति तुरंत मुक्त की जानी चाहिए।

यद्यपि उन्होंने नई तालिबान सरकार द्वारा मानवाधिकारों के उल्लंघन की खबरों की आलोचना की। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दुनिया को उनके साथ जुड़ने की जरूरत है और उन्हें "इस बार लचीलापन दिखाने और चीजों को अलग तरह से करने की वास्तविक इच्छा" का मौका देने की जरूरत है। अल जज़ीरा ने इस रिपोर्ट को प्रकाशित किया।

यूएनडीपी के अनुसार, अफगानिस्तान में वर्तमान गरीबी दर 72% है और लंबे समय तक सूखे, युद्धों और COVID-19 के प्रकोप के कारण देश के कुल सकल घरेलू उत्पाद में संकुचन के कारण 2022 के अंत तक इसमें कम से कम 25% की वृद्धि होगी।

संयुक्त राष्ट्र ने पहले ही चेतावनी दी थी कि देश की कुल 38 मिलियन आबादी में से लगभग आधी आबादी को भोजन और अन्य बुनियादी सेवाओं के लिए मानवीय सहायता की सख्त जरूरत है।

लियोन्स ने 15 अगस्त को देश में तालिबान के सत्ता पर काबिज होने के बाद अमेरिकी सरकार और आईएमएफ द्वारा फ्रीज किए गए अफगानिस्तान की लगभग 10 बिलियन अमेरिकी डॉलर की संपत्ति को तत्काल मुक्त करने के लिए कहा।

यूएनडीपी की रिपोर्ट में कहा गया है कि अफगानिस्तान अत्यधिक सहायता पर निर्भरता वाली अर्थव्यवस्था है, जिसके सकल घरेलू उत्पाद का एक तिहाई से अधिक हिस्सा सहायता से प्राप्त होता है। उस निर्भरता को देखते हुए यह आवश्यक है कि दुनिया इस सप्ताह की शुरुआत में घोषित नई सरकार के साथ जुड़े।

चीन ने हाल ही में अफगानिस्तान को 31 मिलियन अमेरिकी डॉलर की आपातकालीन सहायता की घोषणा की है। रूस और चीन ने भी मांग की है कि अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां अफगान फंड जारी करें।

United nations
Afghanistan
economic crises

Related Stories

जलवायु परिवर्तन : हम मुनाफ़े के लिए ज़िंदगी कुर्बान कर रहे हैं

भोजन की भारी क़िल्लत का सामना कर रहे दो करोड़ अफ़ग़ानी : आईपीसी

तालिबान को सत्ता संभाले 200 से ज़्यादा दिन लेकिन लड़कियों को नहीं मिल पा रही शिक्षा

श्रीलंका का संकट सभी दक्षिण एशियाई देशों के लिए चेतावनी

रूस पर बाइडेन के युद्ध की एशियाई दोष रेखाएं

काबुल में आगे बढ़ने को लेकर चीन की कूटनीति

क्या यूक्रेन मामले में CSTO की एंट्री कराएगा रूस? क्या हैं संभावनाएँ?

पुतिन को ‘दुष्ट' ठहराने के पश्चिमी दुराग्रह से किसी का भला नहीं होगा

रूस पर लगे आर्थिक प्रतिबंध का भारत के आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?

रूस-यूक्रेन युद्ध अपडेट: संयुक्त राष्ट्र ने द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद इसे यूरोप का सबसे बड़ा शरणार्थी संकट बताया 


बाकी खबरें

  • JANAZA
    ज़ाकिर अली त्यागी
    हरदोई: क़ब्रिस्तान को भगवान ट्रस्ट की जमीन बता नहीं दफ़नाने दिया शव, 26 घंटे बाद दूसरी जगह सुपुर्द-ए-खाक़!
    08 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश के हरदोई बीजेपी से जुड़े एक शख़्स ने शव को दफ़्न करने से रोक दिया, और क़ब्रिस्तान की ज़मीन पर अपना दावा ठोक दिया, हैरानी की बात यह रही कि कार्रवाई करने की बजाय प्रशासन भी उनकी ताल में…
  • अपने वर्चस्व को बनाए रखने के उद्देश्य से ‘उत्तराखंड’ की सवर्ण जातियां भाजपा के समर्थन में हैंः सीपीआई नेता समर भंडारी
    एजाज़ अशरफ़
    अपने वर्चस्व को बनाए रखने के उद्देश्य से ‘उत्तराखंड’ की सवर्ण जातियां भाजपा के समर्थन में हैंः सीपीआई नेता समर भंडारी
    08 Jan 2022
    यह समझना महत्वपूर्ण होगा कि आखिर क्यों रक्षा कर्मी हिंदुत्व के समर्थन में हैं और पर्यावरण का मुद्दा इस पहाड़ी राज्य के लिए चुनावी मुद्दा नहीं है।
  • ECI
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    5 राज्यों में चुनाव तारीख़ों की घोषणा, यूपी में 7 चरणों में चुनाव, 10 मार्च को मतगणना
    08 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश में 10 फरवरी से लेकर 7 मार्च तक 7 चरणों में मतदान होगा, वहीं उत्तराखंड, पंजाब और गोवा में 14 फरवरी को एक चरण में और मणिपुर में दो चरणों में वोट डाले जाएंगे। इसी के साथ 15 जनवरी तक रैली,…
  • रवि कौशल
    राजस्थान: REET अभ्यर्थियों को जयपुर में किया गया गिरफ़्तार, बड़े पैमाने पर हुए विरोध के बाद छोड़ा
    08 Jan 2022
    दरअसल यह लोग राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (REET) के तहत अगले चरण में पदों को बढ़वाने के लिए 70 दिनों से संघर्ष कर रहे हैं। इनकी मांग है कि सीटों की संख्या को बढ़ाकर 50,000 किया जाए।
  • सोनिया यादव
    यूपी: देश के सबसे बड़े राज्य के ‘स्मार्ट युवा’ सड़कों पर प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं?
    08 Jan 2022
    एक ओर रैलियों में बीजेपी की योगी सरकार अपनी उपलब्धियां गिनवा रही है तो वहीं दूसरी ओर चुनाव के मुहाने पर खड़े उत्तर प्रदेश के युवाओं ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License