NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
यूपी: आचार संहिता लगते ही प्रशासन ने हटाने शुरू किए पोस्टर, बैनर, होर्डिंग
यूपी की सड़कों से राजनीतिक दलों के पोस्टर-बैनर हटाए जाने शुरू हो गए हैं, लेकिन सरकार की तरफ से जनहित की योजनाओं के नाम से जारी “विज्ञापनों” के पोस्टर-बैनर पर भी इसी तरह कार्रवाई होगी, स्पष्ट नहीं है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
10 Jan 2022
up elections

लखनऊ: चुनाव से पहले ही उत्तर प्रदेश की सड़कें राजनीतिक दलों ख़ासकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के प्रचार के पोस्टर, बैनर और होर्डिंग से पट गईं थीं। जगह-जगह मोदी और योगी के बड़े-बड़े कटआउट भी लगे थे। लेकिन अब प्रदेश में चुनाव आचार सहिंता लागू होते ही ये सब हटाए जाने लगें हैं। हालांकि सरकार की तरफ से जनहित की योजनाओं के नाम से जारी “विज्ञापनों” के पोस्टर-बैनर पर भी इसी तरह कार्रवाई होगी, स्पष्ट नहीं है।

समाचार एजेंसी भाषा की खबर के अनुसार उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीख घोषित होने और आदर्श आचार संहिता लागू होने के साथ ही राज्य के सभी जिलों में इसका पालन कराने के लिए प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय हो गई और शनिवार शाम से ही जगह-जगह लगे होर्डिंग-बैनर, पोस्टर हटाने के साथ ही दीवारों पर लिखे नारे मिटाने शुरू कर दिए।

निर्वाचन आयोग ने शनिवार को उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीख तय करने के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू कर दी। उत्तर प्रदेश के मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ल ने रविवार को 'पीटीआई-भाषा' को बताया,‘‘राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है और उसका अक्षरशः: पालन कराया जाएगा।'

उन्होंने कहा, ‘‘सभी जिलाधिकारियों/ जिला निर्वाचन अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है और वे अपनी नियमित रिपोर्ट भेजेंगे। आचार संहिता लागू होने के साथ ही राज्य के सभी जिलों में जिलाधिकारियों के निर्देश पर निकायों और अन्‍य प्रशासनिक इकाइयों ने बैनर, पोस्टर, होर्डिंग हटाने के साथ ही दीवारों पर लिखे नारे मिटाने शुरू कर दिए।’’

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में 403 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र हैं। राज्य में पुलिस, प्रशासन और निकाय के अधिकारियों ने आचार संहिता का पालन कराने के लिए मोर्चा संभाल लिया है और इसके लिए अब सभी विधानसभा क्षेत्रों में पर्यवेक्षकों की भी नियुक्ति होगी। चुनाव आयोग ने 15 जनवरी तक चुनावी रैली, रोड शो, पद यात्रा और साइकिल रैली पर भी रोक लगा दी है।

लखनऊ के जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी अभिषेक प्रकाश ने शनिवार को पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही नगर निगम के आयुक्त को भेजे गये आदेश में कहा कि शनिवार को विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2022 की घोषणा के साथ ही तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।

उन्‍होंने कहा कि आदर्श आचार संहिता का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए नियुक्त किये गये समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों को आदेशित किया जाता है कि वे भारत निर्वाचन आयोग, नयी दिल्‍ली द्वारा जारी आदेशों का अक्षरशः: कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराएं।

प्रकाश ने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर शिथिलता को गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी का निर्देश मिलते ही लखनऊ के नगर आयुक्त ने बैनर-पोस्टर, होर्डिंग आदि उतारने के लिए टीम लगा दी। शनिवार शाम से सक्रिय यह टीम रविवार को बैनर-पोस्टर हटाते देखी गई।

बस्ती से मिली खबर के अनुसार शनिवार को जैसे ही आचार संहिता लागू हुई तुरंत प्रशासन ने जगह जगह पर लगे होर्डिंग व बैनर पोस्टर वाल पेंटिंग को हटाने का काम शुरू कर दिया।

बस्ती की जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने बताया कि सार्वजनिक संपत्ति पर राजनीतिक दलों के बैनर पोस्टर लगे हैं, उनको हटाने का कार्य तीव्र गति से शुरू का दिया गया है।

इटावा की जिलाधिकारी व जिला निर्वाचन अधिकारी श्रुति सिंह के निर्देश पर जिले में क्षेत्रों से होर्डिंग, पोस्टर, वाली पेंटिंग आदि प्रचार सामग्री हटाने का कार्य किया जा रहा है। राज्य के अन्य जिलों से भी इसी तरह की खबरें मिली हैं।

Uttar pradesh
UP election 2022
UP Assembly Elections 2022
code of conduct
UP Government
election commission

Related Stories

आजमगढ़ उप-चुनाव: भाजपा के निरहुआ के सामने होंगे धर्मेंद्र यादव

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

यूपी : आज़मगढ़ और रामपुर लोकसभा उपचुनाव में सपा की साख़ बचेगी या बीजेपी सेंध मारेगी?

श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही मस्जिद ईदगाह प्रकरण में दो अलग-अलग याचिकाएं दाखिल

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

जौनपुर: कालेज प्रबंधक पर प्रोफ़ेसर को जूते से पीटने का आरोप, लीपापोती में जुटी पुलिस

उपचुनाव:  6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में 23 जून को मतदान

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

क्या वाकई 'यूपी पुलिस दबिश देने नहीं, बल्कि दबंगई दिखाने जाती है'?

उत्तर प्रदेश विधानसभा में भारी बवाल


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में करीब दो महीने बाद एक दिन में कोरोना के सबसे ज़्यादा मामले दर्ज
    07 May 2022
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 3,805 नए मामले सामने आए हैं। देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 20 हज़ार से भी ज़्यादा यानी 20 हज़ार 303 हो गयी है।
  • मुकुंद झा
    जेएनयू: अर्जित वेतन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आंदोलन का साथ देने पर छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष की एंट्री बैन!
    07 May 2022
    कर्मचारियों को वेतन से वंचित करने के अलावा, जेएनयू प्रशासन 2020 से परिसर में कर्मचारियों की संख्या लगातार कम कर रहा है। इसके परिणामस्वरूप मौजूदा कर्मचारियों पर काम का भारी दबाव है। कर्मचारियों की…
  • असद रिज़वी
    केंद्र का विदेशी कोयला खरीद अभियान यानी जनता पर पड़ेगा महंगी बिजली का भार
    07 May 2022
    कोल इंडिया का कोयल लगभग रुपया 3000 प्रति टन है.अगर विदेशी कोयला जो सबसे कम दर रुपया 17000 प्रति टन को भी आधार मान लिया जाए, तो एक साल में केवल 10 प्रतिशत  विदेशी कोयला खरीदने से 11000 करोड़ से ज्यादा…
  • बी. सिवरामन
    प्रेस स्वतंत्रता पर अंकुश को लेकर पश्चिम में भारत की छवि बिगड़ी
    07 May 2022
    प्रधानमंत्री के लिए यह सरासर दुर्भाग्य की बात थी कि यद्यपि पश्चिमी मीडिया में उनके दौरे के सकारात्मक कवरेज को सुनिश्चित करने के लिए उनके बैकरूम प्रचारक ओवरटाइम काम कर रहे थे, विश्व प्रेस स्वतंत्रता…
  • डॉ. राजू पाण्डेय
    सिख इतिहास की जटिलताओं को नज़रअंदाज़ करता प्रधानमंत्री का भाषण 
    07 May 2022
    प्रधानमंत्री द्वारा 400वें प्रकाश पर्व समारोह के मौके पर दिए भाषण में कुछ अंश ऐसे हैं जिनका दूरगामी महत्व है और बतौर शासक  देश के संचालन हेतु उनकी भावी कार्यप्रणाली एवं चिंतन प्रक्रिया के संकेत भी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License